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पांच साल बीते नहीं सुधरे सांसद के गोद लिए गांव सांघन के हालात

Thu, 25 Apr 2019 01:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2019 01:14 AM IST
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पांच साल बीते नहीं सुधरे सांसद के गोद लिए गांव सांघन के हालात
कैथल। भाजपा से बागी हुए कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के गोद लिए गांव सांघन में बीते पांच सालों में हालात नहीं सुधर पाए हैं। गांव में हुई पार्टीबाजी व आपसी मन मुटाव के कारण पांच वर्षों में केवल एक ही योजना पूरी हो पाई है। इसके साथ ही सांसद के गांव को गोद लेने के बावजूद भी कोई संतोषजनक विकास कार्य नहीं हो पाया है। पूरे पांच साल गांव के लोग विशेष विकास की उम्मीद में रहे, लेकिन विकास के नाम पर कुछ बड़ा नहीं हो पाया। सांसद सैनी ने शुरू से ही विरोध का झंडा उठा लिया था। इसके बाद प्रशासनिक मशीनरी ने भी गांव में रुचि कम कर दी।
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सात बड़ी घोषणाएं हुई थी गांव में : ग्रामीण कुलदीप कुमार ने बताया कि सांसद द्वारा की गई घोषणा के अनुसार गांव में खेल स्टेडियम का निर्माण, हर्बल पार्क, कम्यूनिटी सेंटर, फाइव पौंड सिस्टम, आईटीआई, पेयजल पाइपलाइन, पानी निकासी, आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण, अनाज मंडी की चारदीवारी व स्कूल स्टाफ पूरा करने जैसे कई कार्य होने थे। लेकिन इसमें से एक आंगनबाड़ी केंद्र व फाइव पौंड सिस्टम में अलावा अन्य कोई कार्य नहीं हुआ है। इसके अलावा सांसद भी पांच सालों में केवल दो बार ही गांव में आए है।
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ग्रामीण नारायण ने बताया कि पांच साल बीतने को हैं। लेकिन गांव में अभी तक गलियों का निर्माण कार्य तक नहीं हो पाया था। जो अब कुछ ही दिन पूर्व शुरू हुआ है। इसके अलावा अन्य कोई कार्य नहीं हुआ है। जिससे ग्रामीणों में काफी हताशा है। इस समय गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। पीने का पानी कई इलाकों में नहीं जाता। अनाज मंडी के लिए काम नहीं हुआ। गांव में पानी की निकासी की बड़ी समस्या है।
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ग्रामीण गजे सिंह ने बताया कि इस गांव की तो किस्मत ही बेकार है क्योंकि इस गांव को गोद लेने वाले सांसद ही सत्ता में आसीन हुई पार्टी से बागी हो चुके है। यहां पर घोषणाएं तो की गई लेकिन यह एक भी पूरी नहीं हो पाई है। जो पूरी होने लगी तो उसके निर्माण कार्य में बीच में रोक लग गई। गांव में पानी की निकासी को लेकर फाइव पौंड सिस्टम का निर्माण करवाया। लेकिन यह तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी चालू नहीं हुआ है।
गांव के पूर्व सरपंच कर्मबीर ने कहा कि गांव में सांसद की घोषणाएं पंचायत द्वारा उपलब्ध न करवाने के कारण पूरी नहीं हो पाई है। जिस कारण कोई एक भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। यहां पर सीएचसी को पीएचसी तक अपग्रेड तक नहीं किया जा सका है।
स्कूल में स्टाफ की कमी, एक बार स्टाफ पूरा हुआ था, अभी भी परेशानी : शुरुआत में गांव के स्कूल में एक बड़ा कार्यक्रम हुआ था। जिसमें गांव में बड़ी-बड़ी परियोजनाएं क्रियान्वित किए जाने का एलान हुआ था। एक बार तो स्कूल तो में स्टाफ भी पूरा हो गया। लेकिन इसके बाद स्कूल में भी स्थिति ज्यों की त्यों है। यहां शौचालय तो जरूर बनवाए गए। लेकिन आज तीन अध्यापकों की कमी है। प्रिंसिपल का पद भी खाली पड़ा हुआ है।
कुछ लोगों के कारण विकास कार्य नहीं हो पाए है। जब भी कोई विकास कार्य के रेजुलेशन पास होना होता है, तो कई के रोड़ा अटकाने के कारण विकास कार्य नहीं हो पाते है। भाजपा सरकार का सरपंच होने के कारण मुझे कई पंचों के विरोध का सामना करने के बावजूद भी गांव में कई विकास कार्य करवाए है। सांसद तो बागी हो चुके है। वह अब हमारी समझ से बाहर है। जैसे ही आचार संहिता हट जाएगी तो गांव में और अधिक विकास कार्यों को गति दे दी जाएगी।

सुरजीत सिंह, सरपंच, सांघन।
गांव में कई प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन ही नहीं मिल पाई। विवाद के कारण जमीन नहीं मिल पाई तो काम नहीं हो पाया। गांव की पेयजल, गलियों, सड़कों सहित कई तरह की जरूरतों को पूरा किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया। तालाब का सुधार हुआ। कई विकास परियोजनाएं विरोधी पक्ष व प्रशासन की अनदेखी के कारण पूरी नहीं हो पाई।
राजकुमार सैनी, सांसद, कुरुक्षेत्र लोकसभा
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