{"_id":"5b6743b44f1c1b75568b578e","slug":"171533494196-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इनसो के स्थापना दिवस समारोह में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा नहीं पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इनसो के स्थापना दिवस समारोह में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा नहीं पहुंचे
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समारोह में नहीं पहुंचे रामपाल माजरा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनसो के स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों से ही दूरी बनाए हुए पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। उनके न पहुंचने को लेकर पहले ही कयास लगाए जा रहे थे। पूरे आयोजन में न तो माजरा और न ही उनकी टीम के जिलास्तरीय नेता कार्यक्रम में दिखे। सभा के आयोजन का जिम्मा देख रहे दिग्विजय चौटाला ने माजरा के गांव नंदकरण माजरा में उनकी सफल जनसभा का आयोजन करवाने वाले धूप सिंह को मंच से बोलने का अवसर दिया। आयोजन स्थल पर माजरा की तस्वीर या नाम भी नजर नहीं आया। सभा स्थल पर मंच के पीछे इलेक्ट्रॉनिक मंच बनाया गया। जिसमें किसी नेता की तस्वीर की बजाए आयोजन का नाम ही दिखाई दिया। पूरे आयोजन स्थल पर महज एक पोस्टर दिखाई दिया। जिसमें सबसे पहले फोटो ताऊ देवी लाल, इसके बाद बाबा साहब आंबेडकर, फिर ओमप्रकाश चौटाला, इसके बाद डॉ. अजय सिंह चौटाला, फिर प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, उसके बाद अभय चौटाला व बाद में इनसो के पदाधिकारियों व दूसरी ओर दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला व इनसो पदाधिकारियों की फोटो नजर आईं। पोस्टर में नंबर अनुसार फोटो लगाने को लेकर भी आयोजकों ने संदेश दिया। जिससे कई तरह से राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं कई बिना स्थानीय नेताओं की मदद के दिग्विजय चौटाला इस आयोजन को सफल बना गए। पूरे आयोजन में चार मंच बनाए गए। जिसमें एक मुख्य मंच, उसके नीचे इनेलो के वरिष्ठ नेताओं के लिए, साईड में खिलाड़ियों के लिए, नीचे इनसो पदाधिकारियों के लिए व एक मीडिया के लिए अलग से मंच बनाया गया था।
डा. अजय चौटाला को बताया प्रेरणास्रोत : रैली में दिग्विजय चौटाला व दुष्यंत चौटाला ने अपने पिता डॉ. अजय चौटाला, पूर्व मुख्य मंत्री ओमप्रकाश चौटाला को कोई बार याद किया और डॉ. अजय चौटाला को अपना प्रेरणास्रोत बताया। जैसे ही मंच पर दुष्यंत चौटाला पहुंचे तो कई मिनट पर युवा नारे लगाते रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनसो के स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों से ही दूरी बनाए हुए पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। उनके न पहुंचने को लेकर पहले ही कयास लगाए जा रहे थे। पूरे आयोजन में न तो माजरा और न ही उनकी टीम के जिलास्तरीय नेता कार्यक्रम में दिखे। सभा के आयोजन का जिम्मा देख रहे दिग्विजय चौटाला ने माजरा के गांव नंदकरण माजरा में उनकी सफल जनसभा का आयोजन करवाने वाले धूप सिंह को मंच से बोलने का अवसर दिया। आयोजन स्थल पर माजरा की तस्वीर या नाम भी नजर नहीं आया। सभा स्थल पर मंच के पीछे इलेक्ट्रॉनिक मंच बनाया गया। जिसमें किसी नेता की तस्वीर की बजाए आयोजन का नाम ही दिखाई दिया। पूरे आयोजन स्थल पर महज एक पोस्टर दिखाई दिया। जिसमें सबसे पहले फोटो ताऊ देवी लाल, इसके बाद बाबा साहब आंबेडकर, फिर ओमप्रकाश चौटाला, इसके बाद डॉ. अजय सिंह चौटाला, फिर प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, उसके बाद अभय चौटाला व बाद में इनसो के पदाधिकारियों व दूसरी ओर दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला व इनसो पदाधिकारियों की फोटो नजर आईं। पोस्टर में नंबर अनुसार फोटो लगाने को लेकर भी आयोजकों ने संदेश दिया। जिससे कई तरह से राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं कई बिना स्थानीय नेताओं की मदद के दिग्विजय चौटाला इस आयोजन को सफल बना गए। पूरे आयोजन में चार मंच बनाए गए। जिसमें एक मुख्य मंच, उसके नीचे इनेलो के वरिष्ठ नेताओं के लिए, साईड में खिलाड़ियों के लिए, नीचे इनसो पदाधिकारियों के लिए व एक मीडिया के लिए अलग से मंच बनाया गया था।
डा. अजय चौटाला को बताया प्रेरणास्रोत : रैली में दिग्विजय चौटाला व दुष्यंत चौटाला ने अपने पिता डॉ. अजय चौटाला, पूर्व मुख्य मंत्री ओमप्रकाश चौटाला को कोई बार याद किया और डॉ. अजय चौटाला को अपना प्रेरणास्रोत बताया। जैसे ही मंच पर दुष्यंत चौटाला पहुंचे तो कई मिनट पर युवा नारे लगाते रहे।
विज्ञापन