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अमनदीप कौर का ताज बरकरार, अविश्वास प्रस्ताव गिरा
Updated Thu, 27 Sep 2018 07:52 AM IST
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अमनदीप कौर का ताज बरकरार, अविश्वास प्रस्ताव गिरा
दावे थे 13 के समर्थन के, विधायक गुट से एक भी पार्षद नहीं पहुंचा अविश्वास प्रस्ताव की मांग के बाद
पिंटू गुट ने शहर में निकाला विजय जुलूस, विधायक के खिलाफ नारेबाजी
फोटो संख्या-26 से 28
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका चीका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए 13 पार्षदों के समर्थन का दावा करने वाले पार्षदों में से बुधवार को निर्धारित बैठक में एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। जिसके चलते चेयरपर्सन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया। इसी के साथ अमनदीप कौर का ताज बरकरार रहा और विरोधी खेमे को मुंह की खानी पड़ी। जीत के बाद पिंटू गुट ने शहर में विजयी जुलूस निकाला। जिसमें विधायक कुलवंत बाजीगर के खिलाफ भी लोगों ने जमकर नारेबाजी की। बैठक में चेयरपर्सन अमनदीप व वार्ड 12 की पार्षद रिंपल रानी ही पहुंचीं थी। एसडीएम गुहला संजय कुमार ने कहा कि पार्षदों का कोरम पूरा न होने पर अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
गुहला की राजनीति में खास महत्व रखने वाली नगर पालिका बैठक के नतीजे देखने के लिए बुधवार सुबह से ही सैकड़ों लोग पालिका दफ्तर के आसपास जमा हो गए। 11 बजकर 20 मिनट पर पालिका भवन के प्रथम तल पर बने मीटिंग हाल से बाहर निकलकर चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा ने जैसे ही लोगों की तरफ हाथ करके विजय चिन्ह बनाया भीड़ में शोर मच गया। ढोल वाला पहले से तैयार था। लोग भंगड़ा डालने लगे, गुलाल उड़ाने लगे।
7 पार्षदों ने मांगा था अविश्वास : गत 10 सितंबर को विधायक कुलवंत बाजीगर के समर्थक कहे जाने वाले 7 पार्षदों ने डीसी कैथल को एक पत्र देकर नगर पालिका चीका की चेयरपर्सन अमनदीप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए अर्जी दी थी। इसके लिए 26 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई थी। विधायक समर्थक पार्षदों की अगुवाई कर रहे शीश पाल जिंदल ने उसी दिन से हालांकि अपने साथ 13 पार्षदों का समर्थन होने की बात करते रहे मगर मीटिंग खत्म हो गई पर न तो शीश पाल आए और न ही उनका कोई साथी पार्षद।
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शहर में निकाला विजय जुलूस:-अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद पालिका अध्यक्षा अमनदीप शर्मा के समर्थकों ने शहर भर में विजय जुलूस निकाला। अमनदीप शर्मा के पारिवारिक सदस्य सुरेश शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ चीका गांव के खेड़े पर माथा टेका व शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर फूल मालाएं भी चढ़ाई। सुरेश शर्मा ने इसे शहर के लोगों की जीत बताते हुए कहा कि चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा खुद अस्वस्थ हैं, वरना वे लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए खुद आती। विजय जुलूस शहर के सारे बाजार के अलावा चीका गांव की गलियों में घूमा। अमनदीप चीका गांव के अंतर्गत आने वाले वार्ड 3 से पार्षद हैं।
अब छह महीने तक नहीं खतरा : अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद अमनदीप शर्मा की कुर्सी को छह महीने तक कोई खतरा नहीं है। पालिका सचिव मोहन लाल ने बताया कि म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार एक बार अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद छह महीने तक दोबारा ऐसा प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
मीटिंग के लिए लगा दो तरफा जोर : इस सारे मामले में मजेदार पहलू यह था कि जिसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा था वह पक्ष इस बात के लिए लगातार प्रयासरत रहा कि प्रस्ताव आज ही लाया जाए जबकि अविश्वास प्रस्ताव लाने का समय मांगकर आया पक्ष तारीख टलवाने की कोशिश करने के लिए जोर लगाता रहा। पालिका अध्यक्षा इस तारीख टाले जाने की आशंका को लेकर हाईकोर्ट भी गई और सरकार व संगठन के अनेक दरवाजे भी खटखटाए। अंतत: दबाव काम आया और प्रशासन को आज ही मीटिंग संपन्न करवानी पड़ी।
शुरू से ही छत्तीस का आंकड़ा : विधायक कुलवंत बाजीगर और पालिका अध्यक्षा प्रतिनिधि पिंटू के बीच शुरू से ही छत्तीस का आंकड़ा है। विधायक बाजीगर किसी और को अध्यक्ष बनवाना चाहते थे पर अमनदीप शर्मा अपने प्रयासों व सांसद राजकुमार सैनी के सक्रिय समर्थन से चेयरपर्सन बनने में कामयाब हो गई थी। तभी से दोना पक्ष शहर में विकास न हो पाने के लिए एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराते हैं।
यह लोगों के विश्वास की जीत है। यह दूसरी बार है कि सत्ता का दुरुपयोग कर मुझे अपदस्थ करने का दुश्चक्र चलाया गया लेकिन लोगों की दुआएं काम आई और साजिश करने वालों को मुंह की खानी पड़ी।
अमनदीप शर्मा, चेयरपर्सन, नगर पालिका चीका
हमारी लड़ाई पद की नहीं विकास की थी। कुछ पार्षदों की गद्दारी के कारण
हम सफल नहीं हो पाए लेकिन हम विकास के लिए संघर्ष जरूर करते रहेंगे।
शीश पाल जिंदल, एमसी चीका।
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दावे थे 13 के समर्थन के, विधायक गुट से एक भी पार्षद नहीं पहुंचा अविश्वास प्रस्ताव की मांग के बाद
पिंटू गुट ने शहर में निकाला विजय जुलूस, विधायक के खिलाफ नारेबाजी
फोटो संख्या-26 से 28
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका चीका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए 13 पार्षदों के समर्थन का दावा करने वाले पार्षदों में से बुधवार को निर्धारित बैठक में एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। जिसके चलते चेयरपर्सन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया। इसी के साथ अमनदीप कौर का ताज बरकरार रहा और विरोधी खेमे को मुंह की खानी पड़ी। जीत के बाद पिंटू गुट ने शहर में विजयी जुलूस निकाला। जिसमें विधायक कुलवंत बाजीगर के खिलाफ भी लोगों ने जमकर नारेबाजी की। बैठक में चेयरपर्सन अमनदीप व वार्ड 12 की पार्षद रिंपल रानी ही पहुंचीं थी। एसडीएम गुहला संजय कुमार ने कहा कि पार्षदों का कोरम पूरा न होने पर अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
गुहला की राजनीति में खास महत्व रखने वाली नगर पालिका बैठक के नतीजे देखने के लिए बुधवार सुबह से ही सैकड़ों लोग पालिका दफ्तर के आसपास जमा हो गए। 11 बजकर 20 मिनट पर पालिका भवन के प्रथम तल पर बने मीटिंग हाल से बाहर निकलकर चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा ने जैसे ही लोगों की तरफ हाथ करके विजय चिन्ह बनाया भीड़ में शोर मच गया। ढोल वाला पहले से तैयार था। लोग भंगड़ा डालने लगे, गुलाल उड़ाने लगे।
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7 पार्षदों ने मांगा था अविश्वास : गत 10 सितंबर को विधायक कुलवंत बाजीगर के समर्थक कहे जाने वाले 7 पार्षदों ने डीसी कैथल को एक पत्र देकर नगर पालिका चीका की चेयरपर्सन अमनदीप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए अर्जी दी थी। इसके लिए 26 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई थी। विधायक समर्थक पार्षदों की अगुवाई कर रहे शीश पाल जिंदल ने उसी दिन से हालांकि अपने साथ 13 पार्षदों का समर्थन होने की बात करते रहे मगर मीटिंग खत्म हो गई पर न तो शीश पाल आए और न ही उनका कोई साथी पार्षद।
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शहर में निकाला विजय जुलूस:-अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद पालिका अध्यक्षा अमनदीप शर्मा के समर्थकों ने शहर भर में विजय जुलूस निकाला। अमनदीप शर्मा के पारिवारिक सदस्य सुरेश शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ चीका गांव के खेड़े पर माथा टेका व शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर फूल मालाएं भी चढ़ाई। सुरेश शर्मा ने इसे शहर के लोगों की जीत बताते हुए कहा कि चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा खुद अस्वस्थ हैं, वरना वे लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए खुद आती। विजय जुलूस शहर के सारे बाजार के अलावा चीका गांव की गलियों में घूमा। अमनदीप चीका गांव के अंतर्गत आने वाले वार्ड 3 से पार्षद हैं।
अब छह महीने तक नहीं खतरा : अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद अमनदीप शर्मा की कुर्सी को छह महीने तक कोई खतरा नहीं है। पालिका सचिव मोहन लाल ने बताया कि म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार एक बार अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद छह महीने तक दोबारा ऐसा प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
मीटिंग के लिए लगा दो तरफा जोर : इस सारे मामले में मजेदार पहलू यह था कि जिसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा था वह पक्ष इस बात के लिए लगातार प्रयासरत रहा कि प्रस्ताव आज ही लाया जाए जबकि अविश्वास प्रस्ताव लाने का समय मांगकर आया पक्ष तारीख टलवाने की कोशिश करने के लिए जोर लगाता रहा। पालिका अध्यक्षा इस तारीख टाले जाने की आशंका को लेकर हाईकोर्ट भी गई और सरकार व संगठन के अनेक दरवाजे भी खटखटाए। अंतत: दबाव काम आया और प्रशासन को आज ही मीटिंग संपन्न करवानी पड़ी।
शुरू से ही छत्तीस का आंकड़ा : विधायक कुलवंत बाजीगर और पालिका अध्यक्षा प्रतिनिधि पिंटू के बीच शुरू से ही छत्तीस का आंकड़ा है। विधायक बाजीगर किसी और को अध्यक्ष बनवाना चाहते थे पर अमनदीप शर्मा अपने प्रयासों व सांसद राजकुमार सैनी के सक्रिय समर्थन से चेयरपर्सन बनने में कामयाब हो गई थी। तभी से दोना पक्ष शहर में विकास न हो पाने के लिए एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराते हैं।
यह लोगों के विश्वास की जीत है। यह दूसरी बार है कि सत्ता का दुरुपयोग कर मुझे अपदस्थ करने का दुश्चक्र चलाया गया लेकिन लोगों की दुआएं काम आई और साजिश करने वालों को मुंह की खानी पड़ी।
अमनदीप शर्मा, चेयरपर्सन, नगर पालिका चीका
हमारी लड़ाई पद की नहीं विकास की थी। कुछ पार्षदों की गद्दारी के कारण
हम सफल नहीं हो पाए लेकिन हम विकास के लिए संघर्ष जरूर करते रहेंगे।
शीश पाल जिंदल, एमसी चीका।