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दुष्यंत-दिग्विजय के निष्कासन के बाद जिले में पहली जनसभा में पहुंचे अभय चौटाला, कार्यकर्ताओं को संबोधित किया
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:30 AM IST
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मेरे नारे न लगाएं, कुछ लोग हो गए हैं गलतफहमी का शिकार : अभय
नारे लगाने वाले तो शायद बच जाएं, लेकिन जो शिकार हुए हैं, उनका आप हिसाब लगा लो
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनेलो से सांसद दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला के निष्कासन के बाद शनिवार को इनेलो के जिलास्तरीय कार्यकर्ताओं की पहली जनसभा रामपाल माजरा की अगुवाई में चंदाना गेट स्थित रामलीला मैदान में आयोजित की गई। इसमें बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे अभय चौटाला, बसपा प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती, रामपाल माजरा को आरकेएम पैलेस से खुली जीप में सवार कर बाइक सवार युवा चंदाना गेट तक लेकर पहुंचे। वहां करीब दो हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर नए घटनाक्रम के बीच अभय चौटाला खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि लोग उनके नारे न लगाएं। नारे लगाने हैं तो ओमप्रकाश चौटाला व कुमारी बहन मायावती के लगाएं। क्योंकि इन नारों के कारण कुछ लोग पिछले दिनों गलतफहमी का शिकार हो गए हैं। नारे लगाने वाले तो शायद बच जाएं। लेकिन नारों का शिकार हुए लोगों का क्या होगा, ये आप हिसाब लगा लें।
अभय चौटाला ने एसवाईएल को फोकस में रखा और पार्टी सुप्रीमो द्वारा हर घर में एक नौकरी, बुढ़ापा पेंशन तीन हजार करने, बिजली के बिल आधे करने, खेत की बिजली मुफ्त, किसान के कर्जे माफ करने, बेटियों के विवाह में पांच लाख रुपये कन्यादान जैसे 5 वायदों का प्रचार-प्रसार करने की बात कही। साथ ही उन्होंने इशारों-इशारों में संघर्ष में साथ रहने का दोनों हाथ उठवाकर संकल्प दिलवाया और कहा कि कांग्रेस व भाजपा से तंग आ चुकी जनता अब इनेलो-बसपा गठबंधन को सत्ता सौंपने का मन बना चुकी है।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने कहा कि देश-प्रदेश में चुनावी माहौल है। आज जब पार्टी ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां पार्टी को अधिक एकजुटता की जरूरत है। कार्यकर्ता उस पंछी की तरह से पेड़ पर रहें, जिस पक्षी ने पेड़ को जलते हुए भी यह कहकर उसका साथ नहीं छोड़ा था कि जिस पेड़ के फल खाएं हैं, वे उसी के साथ जल मरेंगे। इसीलिए ओमप्रकाश चौटाला का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।
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जिलास्तरीय जनसभा जिस तरह से रैली में बदली है, कार्यकर्ता संकल्प दिलवाएं कि उसी तरह से वे अभय चौटाला की अगुवाई में संघर्ष को तैयार हैं। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती ने कहा कि एक बार बसपा को 38 एमएलए छोड़ गए थे। लेकिन बहन मायावती विचलित नहीं हुईं। इसीलिए अनुशासनिक इनेलो कार्यकर्ता एकजुट रहें। गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कार्यकर्ता पार्टी की मजबूती के लिए काम करें। लंबे समय से इनेलो का कार्यकर्ता सच्चे सिपाही के तौर पर पार्टी को मजबूत किए हुए हैं। जिला अध्यक्ष इनेलो कंवरपाल करोड़ा ने हाथ उठवाकर कार्यकर्ताओं से संकल्प दिलवाया कि वे इसी तरह से अभय चौटाला की अगुवाई में इनेलो की लड़ाई लडे़ंगे।
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नारे लगाने वाले तो शायद बच जाएं, लेकिन जो शिकार हुए हैं, उनका आप हिसाब लगा लो
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। इनेलो से सांसद दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला के निष्कासन के बाद शनिवार को इनेलो के जिलास्तरीय कार्यकर्ताओं की पहली जनसभा रामपाल माजरा की अगुवाई में चंदाना गेट स्थित रामलीला मैदान में आयोजित की गई। इसमें बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे अभय चौटाला, बसपा प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती, रामपाल माजरा को आरकेएम पैलेस से खुली जीप में सवार कर बाइक सवार युवा चंदाना गेट तक लेकर पहुंचे। वहां करीब दो हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर नए घटनाक्रम के बीच अभय चौटाला खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि लोग उनके नारे न लगाएं। नारे लगाने हैं तो ओमप्रकाश चौटाला व कुमारी बहन मायावती के लगाएं। क्योंकि इन नारों के कारण कुछ लोग पिछले दिनों गलतफहमी का शिकार हो गए हैं। नारे लगाने वाले तो शायद बच जाएं। लेकिन नारों का शिकार हुए लोगों का क्या होगा, ये आप हिसाब लगा लें।
अभय चौटाला ने एसवाईएल को फोकस में रखा और पार्टी सुप्रीमो द्वारा हर घर में एक नौकरी, बुढ़ापा पेंशन तीन हजार करने, बिजली के बिल आधे करने, खेत की बिजली मुफ्त, किसान के कर्जे माफ करने, बेटियों के विवाह में पांच लाख रुपये कन्यादान जैसे 5 वायदों का प्रचार-प्रसार करने की बात कही। साथ ही उन्होंने इशारों-इशारों में संघर्ष में साथ रहने का दोनों हाथ उठवाकर संकल्प दिलवाया और कहा कि कांग्रेस व भाजपा से तंग आ चुकी जनता अब इनेलो-बसपा गठबंधन को सत्ता सौंपने का मन बना चुकी है।
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पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने कहा कि देश-प्रदेश में चुनावी माहौल है। आज जब पार्टी ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां पार्टी को अधिक एकजुटता की जरूरत है। कार्यकर्ता उस पंछी की तरह से पेड़ पर रहें, जिस पक्षी ने पेड़ को जलते हुए भी यह कहकर उसका साथ नहीं छोड़ा था कि जिस पेड़ के फल खाएं हैं, वे उसी के साथ जल मरेंगे। इसीलिए ओमप्रकाश चौटाला का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।
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जिलास्तरीय जनसभा जिस तरह से रैली में बदली है, कार्यकर्ता संकल्प दिलवाएं कि उसी तरह से वे अभय चौटाला की अगुवाई में संघर्ष को तैयार हैं। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती ने कहा कि एक बार बसपा को 38 एमएलए छोड़ गए थे। लेकिन बहन मायावती विचलित नहीं हुईं। इसीलिए अनुशासनिक इनेलो कार्यकर्ता एकजुट रहें। गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कार्यकर्ता पार्टी की मजबूती के लिए काम करें। लंबे समय से इनेलो का कार्यकर्ता सच्चे सिपाही के तौर पर पार्टी को मजबूत किए हुए हैं। जिला अध्यक्ष इनेलो कंवरपाल करोड़ा ने हाथ उठवाकर कार्यकर्ताओं से संकल्प दिलवाया कि वे इसी तरह से अभय चौटाला की अगुवाई में इनेलो की लड़ाई लडे़ंगे।