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माइनर टूटने से किसानों की धान की फसल डूबी
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:17 AM IST
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माइनर टूटने से किसानों की धान की फसल डूबी
फोटो संख्या-39
गुहला-चीका गांव दुसेरपुर में मारकंडा डिस्टिब्यूटरी माइनर टूटने किसानों की लगभग 30 एकड़ में रोपाई की हुई धान की फसल डूब गई। किसान वजीर सिंह, हुक्म सिंह, गुरविंदर, ध्यान चंद, बादल राम, लखा राम, ज्ञान चंद नम्बरदार, नसीब चंद, शीशपाल आदि ने आरोप लगाया कि नहरी विभाग द्वारा समय रहते माइनर की सफाई व मरम्मत न किए जाने के कारण माइनर टूटी है। किसानों ने बताया कि हर वर्ष इसी जगह से माइनर टूटती है और किसानों की फसल बर्बाद होती है। उन्होंने कहा कि माइनर की सफाई करवाने के लिए किसानों की ओर से अनेकों बार अधिकारियों को गुहार लगाई जा चुकी मगर विभाग के अधिकारी सफाई व मुरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति करके अपनी अपनी जिम्मेदारी निभा देते हैं।
वहीं नहरी विभाग के जेई नवीन कुमार ने बताया कि जैसे ही उन्हें माइनर टूटने की सूचना मिली तो उन्होंने विभाग की ओर से जेसीबी व लेबर भेजकर माइनर को ठीक करवाया। उन्होंने बताया कि इस बार माइनर की सफाई के लिए मनरेगा की लेबर उपलब्ध नहीं हो सकी और विभाग को माइनर की सफाई के लिए ठेका देना पड़ा, जिसकी प्रक्रिया पूरी होने में विलंब हो गया और माइनर की सफाई व मुरम्मत का कार्य लेट हो गया।
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फोटो संख्या-39
गुहला-चीका गांव दुसेरपुर में मारकंडा डिस्टिब्यूटरी माइनर टूटने किसानों की लगभग 30 एकड़ में रोपाई की हुई धान की फसल डूब गई। किसान वजीर सिंह, हुक्म सिंह, गुरविंदर, ध्यान चंद, बादल राम, लखा राम, ज्ञान चंद नम्बरदार, नसीब चंद, शीशपाल आदि ने आरोप लगाया कि नहरी विभाग द्वारा समय रहते माइनर की सफाई व मरम्मत न किए जाने के कारण माइनर टूटी है। किसानों ने बताया कि हर वर्ष इसी जगह से माइनर टूटती है और किसानों की फसल बर्बाद होती है। उन्होंने कहा कि माइनर की सफाई करवाने के लिए किसानों की ओर से अनेकों बार अधिकारियों को गुहार लगाई जा चुकी मगर विभाग के अधिकारी सफाई व मुरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति करके अपनी अपनी जिम्मेदारी निभा देते हैं।
वहीं नहरी विभाग के जेई नवीन कुमार ने बताया कि जैसे ही उन्हें माइनर टूटने की सूचना मिली तो उन्होंने विभाग की ओर से जेसीबी व लेबर भेजकर माइनर को ठीक करवाया। उन्होंने बताया कि इस बार माइनर की सफाई के लिए मनरेगा की लेबर उपलब्ध नहीं हो सकी और विभाग को माइनर की सफाई के लिए ठेका देना पड़ा, जिसकी प्रक्रिया पूरी होने में विलंब हो गया और माइनर की सफाई व मुरम्मत का कार्य लेट हो गया।
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