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राजीव गांधी बीमा योजना बंद हो हुई तो नए प्रावधान के साथ डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना लागू

Thu, 08 Feb 2018 08:12 PM IST
Updated Thu, 08 Feb 2018 08:12 PM IST
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राजीव गांधी बीमा योजना बंद हो हुई तो नए प्रावधान के साथ डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना लागू
दुर्घटना में हुई किसी की मौत तो सरकार देगी आर्थिक सहायता
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राजीव गांधी बीमा योजना बंद हो हुई तो नए प्रावधान के साथ डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना लागू
वयस्क की दुर्घटना में मौत पर मिलेगी 1 लाख रुपये की राशि
1 अप्रैल 2017 से लागू की गई योजना, पिछले साल हादसों में मारे गए लोगों को भी मिल सकेगा लाभ

फोटो संख्या-16

नसीब सैनी
कैथल। हादसे में मारे गए लोगों को अब राज्य सरकार आर्थिक सहायता देगी। इसके लिए सरकार ने नई योजना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से शुरू की है। इसका लाभ लेने के लिए दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजन आवेदन कर सकेंगे। योजना के तहत मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। नई योजना में सरकार ने कई तरह के बदलाव किए हैं। खास बात यह है कि इसमें पिछले साल हादसे में मारे गए लोगों के परिजन भी आवेदन कर सकेंगे। हालांकि ऐसी ही एक योजना राजीव गांधी बीमा योजना को सरकार ने बीते साल बंद कर दिया था।
बता दें कि 31 मार्च 2017 से पूर्व तक प्रदेश में राजीव गांधी दुर्घटना बीमा योजना लागू थी। जिसमें दुर्घटना में मृत्यु पर मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की सरकारी सहायता दी जाती थी। सरकार ने 31 मार्च 2017 को यह योजना बंद कर दी थी। जो अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 में नई योजना लागू होने तक बंद रही। लेकिन अब फिर से लोगों को पहले की तरह से इसी तरह की दूसरी योजना से लाभ मिल सकेगा।
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डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के नाम से शुरू हुई दूसरी योजना : समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नई योजना का नाम डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना रखा गया है। जिसमें लाभार्थी परिवार के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। पिछली योजना में लाभ के लिए मृतक की आयु 18 से 60 वर्ष थी। जबकि नई योजना में 18 से 70 साल तक आयु की छूट दी गई है। इस उम्र के बीच में कोई भी व्यक्ति यदि हादसे में मारा जाता है तो उसके परिवार को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। जिस व्यक्ति का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 12 रुपये मासिक किश्त वाली योजना में बैंक से बीमा है और हादसे में वह मारा जाता है तो उसके परिवार को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि इस योजना में पहले ही सरकार द्वारा 2 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया हुआ है।
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नई योजना में परिवार की आय की सीमा भी निर्धारित नहीं है। जबकि राजीव गांधी बीमा योजना में आवेदन करने वाले परिवार की आय की ढाई लाख रुपये तक सीमा रखी गई थी।

1 अप्रैल 2017 के बाद हादसे में मारे गए लोगों के परिजन कर सकते हैं आवेदन : सरकार ने जनवरी माह के अंत में इस योजना के संबंध में समाज कल्याण विभाग को पत्र जारी किया है। जिसमें चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से ही योजना को लागू किया गया है। यदि किसी परिवार में 1 अप्रैल 2017 के बाद 18 से 70 साल तक की आयु में किसी सदस्य की हादसे में मौत हो गई है और परिवार नई योजना की शर्तों के तहत पात्र हैं तो वे इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस तरह से चालू वित्त वर्ष में हादसों में मारे गए परिवारों को इस योजना का बड़ा लाभ होगा।

इसके अलावा यदि दुघर्टना के बाद पीड़ित 100 प्रतिशत विकलांग हो जाता है तो वह एक वर्ष तक आवेदन कर सकता है। सरकार ने डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना के तहत फार्म भरवाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। नई योजना में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा करवा चुके लोगों को छोड़कर वे सभी परिवार आवेदन कर सकते हैं। जिनके किसी सदस्य की 18 से 70 साल की आयु में 1 अप्रैल 2017 के बाद किसी ना किसी हादसे में मौत हो चुकी है।
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