{"_id":"5a15bb284f1c1b68678bd69f","slug":"151511373608-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं क्लासरुम में रखा मिला राशन तो कहीं मिड डे मील के राशन में चल रही हैं सुरसरियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं क्लासरुम में रखा मिला राशन तो कहीं मिड डे मील के राशन में चल रही हैं सुरसरियां
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहीं क्लासरूम में रखा मिला राशन तो कहीं चल रही थी सुरसियां
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन को लेकर अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। कई स्कूलों में मिड डे मील की व्यवस्था को लेकर पड़ताल की गई तो काफी खामियां सामने आईं। कहीं मिड डे मील का राशन क्लास रूम में रखा हुआ मिला तो कहीं पर इसकी गुणवत्ता खराब पाई गई। एक स्कूल में मिड डे मील के राशन में सुरसियां चलती हुई दिखीं।
बुधवार को नहर कॉलोनी में स्थिति प्राइमरी स्कूल में में मिड डे मील के राशन की पड़ताल की। यहां गुणवत्ता तो सही मिली लेकिन यहां पर राशन को बनाए जाने वाला पानी स्वच्छ नहीं था। खराब पानी के कारण बच्चों का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। इस पर यहां मौजूद अध्यापक ने मिड डे मिल को बनाने में इस पानी को न उपयोग करने के लिए कहा।
गैस सिलेंडर खत्म, चूल्हे पर बन रहा था मिड डे मील
हुडा सेक्टर 19 में स्थित राजकीय स्कूल में मिड डे मिल को बनाने वाला सिलेंडर खत्म था। जिस कारण यहां पर लकड़ियों के माध्यम से उन्हें जलाकर टेंपरेरी चूल्हे को बनाया गया था। जिस पर बच्चों के मिड डे मिल बन रहा था। इसके साथ स्कूल में स्थित बीईओ कार्यालय में चल रही ट्रेनिंग में भाग ले रहे अध्यापकों के लिए चाय बन रही थी। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि ट्रेनिंग के संचालकों ने उन्हें चाय बनाने का सामान दिया है।
विज्ञापन
डेरा गदला के प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील के राशन में सुरसियां लगी थी और इसे एक कक्षा के कमरे में रखा गया था। स्कूल के हेडमास्टर ने इस पर कहा कि स्कूल का यह कमरा कंडम हो चुका है। जिस कारण यहां पर राशन रखा गया था। राशन में सुरसियां पर हेडमास्टर ने कहा कि इसे बनाने से पहले साफ करवाया जाता है।
क्लासरूम में बर्तन धाने का काम : पूज मोहल्ला स्थित राजकीय स्कूल नंबर पांच में भी मिड डे मिल की प्रक्रिया में अव्यवस्था देखने को मिली। यहां पर मिड डे मिल केवल पांच फुट की जगह में ही बनाया जा रहा था और क्लासरूम में ही मिड डे मिल वर्कर बर्तन धोने का कार्य कर रही थी। यहां पर मिड डे मिल को खाने के लिए बैठे छोटे बच्चों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इसके साथ ही क्लासरूम में तीन अध्यापक मिड डे मिल को खा रहे थे। लेकिन इनका बच्चों को हो रही परेशानी पर कोई ध्यान नहीं था।
मिड डे मिल को लेकर जो भी कमियाें की बात सामने आई है उसकी शिक्षा विभाग की ओर से जांच करवाई जाएगी। अगर कमियां मिली तो उसे जल्द ही दूर करवाया जाएगा।
शमशेर सिरोही, डीईओ, कैथल।
स्कूलों में नहीं सुधर रही मिड डे मील की व्यवस्था, पड़ताल में गुणवत्ता में मिली खामियां
फोटो नंबर-1 से 7
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन को लेकर अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। कई स्कूलों में मिड डे मील की व्यवस्था को लेकर पड़ताल की गई तो काफी खामियां सामने आईं। कहीं मिड डे मील का राशन क्लास रूम में रखा हुआ मिला तो कहीं पर इसकी गुणवत्ता खराब पाई गई। एक स्कूल में मिड डे मील के राशन में सुरसियां चलती हुई दिखीं।
बुधवार को नहर कॉलोनी में स्थिति प्राइमरी स्कूल में में मिड डे मील के राशन की पड़ताल की। यहां गुणवत्ता तो सही मिली लेकिन यहां पर राशन को बनाए जाने वाला पानी स्वच्छ नहीं था। खराब पानी के कारण बच्चों का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। इस पर यहां मौजूद अध्यापक ने मिड डे मिल को बनाने में इस पानी को न उपयोग करने के लिए कहा।
विज्ञापन
गैस सिलेंडर खत्म, चूल्हे पर बन रहा था मिड डे मील
हुडा सेक्टर 19 में स्थित राजकीय स्कूल में मिड डे मिल को बनाने वाला सिलेंडर खत्म था। जिस कारण यहां पर लकड़ियों के माध्यम से उन्हें जलाकर टेंपरेरी चूल्हे को बनाया गया था। जिस पर बच्चों के मिड डे मिल बन रहा था। इसके साथ स्कूल में स्थित बीईओ कार्यालय में चल रही ट्रेनिंग में भाग ले रहे अध्यापकों के लिए चाय बन रही थी। इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि ट्रेनिंग के संचालकों ने उन्हें चाय बनाने का सामान दिया है।
विज्ञापन
डेरा गदला के प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील के राशन में सुरसियां लगी थी और इसे एक कक्षा के कमरे में रखा गया था। स्कूल के हेडमास्टर ने इस पर कहा कि स्कूल का यह कमरा कंडम हो चुका है। जिस कारण यहां पर राशन रखा गया था। राशन में सुरसियां पर हेडमास्टर ने कहा कि इसे बनाने से पहले साफ करवाया जाता है।
क्लासरूम में बर्तन धाने का काम : पूज मोहल्ला स्थित राजकीय स्कूल नंबर पांच में भी मिड डे मिल की प्रक्रिया में अव्यवस्था देखने को मिली। यहां पर मिड डे मिल केवल पांच फुट की जगह में ही बनाया जा रहा था और क्लासरूम में ही मिड डे मिल वर्कर बर्तन धोने का कार्य कर रही थी। यहां पर मिड डे मिल को खाने के लिए बैठे छोटे बच्चों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इसके साथ ही क्लासरूम में तीन अध्यापक मिड डे मिल को खा रहे थे। लेकिन इनका बच्चों को हो रही परेशानी पर कोई ध्यान नहीं था।
मिड डे मिल को लेकर जो भी कमियाें की बात सामने आई है उसकी शिक्षा विभाग की ओर से जांच करवाई जाएगी। अगर कमियां मिली तो उसे जल्द ही दूर करवाया जाएगा।
शमशेर सिरोही, डीईओ, कैथल।
स्कूलों में नहीं सुधर रही मिड डे मील की व्यवस्था, पड़ताल में गुणवत्ता में मिली खामियां
फोटो नंबर-1 से 7