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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने किया जिला शिक्षा अधिकारी को सस्पेंड
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:31 AM IST
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स्वास्थ्य मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को किया सस्पेंड
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में न खुद आए, ना किसी प्रतिनिधि को भेजा
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई को पाईपलाइन के मामले में सर्विस रुल अंडर-7 के तहत चार्जशीट किया
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार को बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता तरसेम को कलायत में गली की पाइप लाइन बिछाने में की गई अनियमितता के कारण सर्विस रूल अंडर-7 में चार्जशीट करने के आदेश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। बैठक में गांव कलायत निवासी सुरेश कुमार की शिकायत थी कि उनकी पुत्री लवली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलायत की छात्रा है। उसे मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 2 साल से नहीं मिल रही थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जब स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री ने डीईओ को बुलाया तो विभाग का पक्ष रखने के लिए न तो डीईओ और न ही विभाग का कोई प्रतिनिधि बैठक में मौजूद था। उन्होंने तुरंत बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित करने के आदेश पारित किए।
जेई को चार्जशीट किया : वहीं कलायत में मोहल्ला वासियों की शिकायत थी कि एक गली में पाइपलाइन बिछाने में अनियमितता बरती गई है। इस शिकायत के लिए विज ने पिछली बैठक में टीम गठित की थी। जिसे अपनी रिपोर्ट देनी थी। शिकायत थी कि कर्मचारी ने ठेकेदार से कार्य को ठीक ढंग से नही करवाया गया। जांच के लिए नियुक्त पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता आरके गोयल और कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्य जसवंत सिंह पठानिया तथा अजीत चहल की रिपोर्ट में पाया कि जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने काम को ठीक ढंग से पूरा नहीं करवाया। इस पर उन्होंने जेई को चार्जशीट करने के आदेश जारी कर दिए।
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फाइल न मिलने पर एफआईआर के आदेश : नागल निवासी केवल सिंह की शिकायत थी कि भू-सेल व माल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सेल फाइल नंबर 1160 का कब्जे नहीं दिलवाया तथा सेल फाइल नंबर 1157 का जमीन का कब्जा मौके पर स्टे के बावजूद दिलवा दिया गया। एडीसी ने जांच के बाद पूरा मामला रखा। लेकिन विज इस बात पर अड़े रहे कि उन्हें कब्जा क्यों नहीं दिलवाया गया? बाद में विज ने इस मामले में फाइल गुम होने पर एफआईआर के आदेश जारी किए। साथ में कोर्ट में हाजिरी लगाने वाले उन कर्मचारियों व अधिकारियों की सूची अगली बैठक में देने को कहा, जिन्होंने स्टे के बावजूद एक पक्ष को कब्जा दिलवा दिया।
गांव सजूमा के राम सिंह को ट्यूबवेल कनेक्शन न देने की शिकायत पर विभाग ने उसका कनेक्शन जारी कर दिया। जिस पर मामला खत्म कर दिया गया।
इसी प्रकार से गांव नौंच के राजेंद्र कुमार की शिकायत पर उसकी जमीन के इंतकाल के मामले को सीएम कार्यालय में लंबित होने के चलते मामले को अगली बैठक के लिए पेंडिंग रख लिया।
डीसी को एक मौका ओर देने के आदेश : गांव बिरथेबाहरी के करतार सिंह पुत्र ईश्वर सिंह की शिकायत पर 649 एकड़ भूमि विमुक्त जाति को पट्टे पर देने के मामले में डीसी ने शिकायतकर्ता के खिलाफ फैसला दे दिया। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने 85 साल के बुजुर्ग की फरियाद सुनते हुए डीसी को निर्देश दिए कि वे वकील के साथ आएंगे। उन्हें वकील के साथ एक बार ओर अपना पक्ष रखने दिया जाए। गांव सुल्तानियां निवासी मामु राम की डिपो धारक के खिलाफ शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कार्रवाई पर मामले को निपटा दिया गया।
पूंडरी निवासी पूजा घई ने शिकायत दी कि उसके ससुर की जमीन में से उनके बड़े बेटे का नाम ही नहीं है। पूंडरी नगर पालिका अधिकारियों ने उनका इंतकाल ही बदल दिया। इस पर विज ने कहा कि जो आपके ससुर की वसीयत है ,उसे कोर्ट में चैलेंज करें। बैठक में चंदाना गेट निवासी पूजा, अंकित गर्ग, रोजी, नवाजा, महावीर सिंह सहित 12 शिकायतें शामिल की गई, जिनमें से अधिकत्तर का मौके पर ही निपटान कर दिया गया। इस मौके पर विधायक कुलवंत बाजीगर, दिनेश कौशिक, जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर, डीसी सुनीता वर्मा, एसपी आस्था मोदी, एडीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम कमलप्रीत कौर, जगदीप सिंह, नगराधीश विजेंद्र हुड्डा, एक्सईएन आरके मित्तल, एके पाहवा, बीएस रंगा, सुभाष भांगु, जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक गुर्जर, धीरेंद्र क्योड़क, श्याम सुंदर बंसल, रामपाल राणा, शैली मुंजाल, पूर्व विधायक बनारसी, मनीष कठवाड़, शकुंतला वजीरखेड़ा, पाला राम सैनी, अजीत चहल, संजय भारद्वाज, वीरेंद्र छौत, राजु कौशिक सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को किया सस्पेंड
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में न खुद आए, ना किसी प्रतिनिधि को भेजा
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई को पाईपलाइन के मामले में सर्विस रुल अंडर-7 के तहत चार्जशीट किया
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार को बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता तरसेम को कलायत में गली की पाइप लाइन बिछाने में की गई अनियमितता के कारण सर्विस रूल अंडर-7 में चार्जशीट करने के आदेश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। बैठक में गांव कलायत निवासी सुरेश कुमार की शिकायत थी कि उनकी पुत्री लवली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलायत की छात्रा है। उसे मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 2 साल से नहीं मिल रही थी। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जब स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री ने डीईओ को बुलाया तो विभाग का पक्ष रखने के लिए न तो डीईओ और न ही विभाग का कोई प्रतिनिधि बैठक में मौजूद था। उन्होंने तुरंत बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण निलंबित करने के आदेश पारित किए।
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जेई को चार्जशीट किया : वहीं कलायत में मोहल्ला वासियों की शिकायत थी कि एक गली में पाइपलाइन बिछाने में अनियमितता बरती गई है। इस शिकायत के लिए विज ने पिछली बैठक में टीम गठित की थी। जिसे अपनी रिपोर्ट देनी थी। शिकायत थी कि कर्मचारी ने ठेकेदार से कार्य को ठीक ढंग से नही करवाया गया। जांच के लिए नियुक्त पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता आरके गोयल और कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्य जसवंत सिंह पठानिया तथा अजीत चहल की रिपोर्ट में पाया कि जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने काम को ठीक ढंग से पूरा नहीं करवाया। इस पर उन्होंने जेई को चार्जशीट करने के आदेश जारी कर दिए।
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फाइल न मिलने पर एफआईआर के आदेश : नागल निवासी केवल सिंह की शिकायत थी कि भू-सेल व माल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सेल फाइल नंबर 1160 का कब्जे नहीं दिलवाया तथा सेल फाइल नंबर 1157 का जमीन का कब्जा मौके पर स्टे के बावजूद दिलवा दिया गया। एडीसी ने जांच के बाद पूरा मामला रखा। लेकिन विज इस बात पर अड़े रहे कि उन्हें कब्जा क्यों नहीं दिलवाया गया? बाद में विज ने इस मामले में फाइल गुम होने पर एफआईआर के आदेश जारी किए। साथ में कोर्ट में हाजिरी लगाने वाले उन कर्मचारियों व अधिकारियों की सूची अगली बैठक में देने को कहा, जिन्होंने स्टे के बावजूद एक पक्ष को कब्जा दिलवा दिया।
गांव सजूमा के राम सिंह को ट्यूबवेल कनेक्शन न देने की शिकायत पर विभाग ने उसका कनेक्शन जारी कर दिया। जिस पर मामला खत्म कर दिया गया।
इसी प्रकार से गांव नौंच के राजेंद्र कुमार की शिकायत पर उसकी जमीन के इंतकाल के मामले को सीएम कार्यालय में लंबित होने के चलते मामले को अगली बैठक के लिए पेंडिंग रख लिया।
डीसी को एक मौका ओर देने के आदेश : गांव बिरथेबाहरी के करतार सिंह पुत्र ईश्वर सिंह की शिकायत पर 649 एकड़ भूमि विमुक्त जाति को पट्टे पर देने के मामले में डीसी ने शिकायतकर्ता के खिलाफ फैसला दे दिया। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने 85 साल के बुजुर्ग की फरियाद सुनते हुए डीसी को निर्देश दिए कि वे वकील के साथ आएंगे। उन्हें वकील के साथ एक बार ओर अपना पक्ष रखने दिया जाए। गांव सुल्तानियां निवासी मामु राम की डिपो धारक के खिलाफ शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कार्रवाई पर मामले को निपटा दिया गया।
पूंडरी निवासी पूजा घई ने शिकायत दी कि उसके ससुर की जमीन में से उनके बड़े बेटे का नाम ही नहीं है। पूंडरी नगर पालिका अधिकारियों ने उनका इंतकाल ही बदल दिया। इस पर विज ने कहा कि जो आपके ससुर की वसीयत है ,उसे कोर्ट में चैलेंज करें। बैठक में चंदाना गेट निवासी पूजा, अंकित गर्ग, रोजी, नवाजा, महावीर सिंह सहित 12 शिकायतें शामिल की गई, जिनमें से अधिकत्तर का मौके पर ही निपटान कर दिया गया। इस मौके पर विधायक कुलवंत बाजीगर, दिनेश कौशिक, जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर, डीसी सुनीता वर्मा, एसपी आस्था मोदी, एडीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम कमलप्रीत कौर, जगदीप सिंह, नगराधीश विजेंद्र हुड्डा, एक्सईएन आरके मित्तल, एके पाहवा, बीएस रंगा, सुभाष भांगु, जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक गुर्जर, धीरेंद्र क्योड़क, श्याम सुंदर बंसल, रामपाल राणा, शैली मुंजाल, पूर्व विधायक बनारसी, मनीष कठवाड़, शकुंतला वजीरखेड़ा, पाला राम सैनी, अजीत चहल, संजय भारद्वाज, वीरेंद्र छौत, राजु कौशिक सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।