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गाय सेवा का अनूठा जुनून...अपनी टिंबर मिल के बाहर बनवा रखी हैं विशेष खुरली

Tue, 20 Nov 2018 12:32 AM IST
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:32 AM IST
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गाय सेवा का अनूठा जुनून...अपनी टिंबर मिल के बाहर बनवा रखी हैं विशेष खुरली
गो सेवा का अनूठा जुनून, अपनी टिंबर मिल के बाहर बनवा रखी है विशेष खुरली, दिन में चार बार डाला जाता है चारा
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- 15 से 20 गाय दिन में चारा खाने के लिए आती हैं मिल में
- सर्दियों में मिल के खुले प्रांगण में जलाई जाती है आग, जिसके चारों ओर बैठी रहती हैं गायें
फोटो संख्या-31 व 32
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े समाजसेवी एवं टिंबर मिल के मालिक मुकेश गर्ग को गाय की सेवा का अनूठा जुनून है। उन्होंने अपनी मिल के बाहर तीन खुरलियां बनाई हुई हैं, जिसमें दिन में 4 बार चारा डाला जाता है। गाय यहां आती हैं और चारा खाकर चली जाती हैं। वहीं सर्दियों में मिल में अलाव जलाया जाता है। जिसके चारों ओर रात को गाय बैठी रहती हैं। दस सालों से बिना किसी प्रचार-प्रसार के यह सेवा चल रही है।
साल में एक ही बार खरीद लेते हैं सूखा चारा : मुकेश गर्ग ने बताया कि गाय की सेवा में अनूठा आनंद है। यहां मिल के बाहर गली में तीन खुरलियां बनाई हुई हैं। जिसमें हर रोज 4 बार चारा डाला जाता है। चारे की व्यवस्था के लिए वे गेहूं के सीजन में ही एकमुश्त सूखा चारा खरीद लेते हैं। जो मिल के पास ही स्टोर किया हुआ है। हरे चारे के लिए हर रोज मिल कर्मी की ड्यूटी है। वह जरूरत के अनुसार टोके से हरा चारा खरीद कर लाता है। दिन में वह हरे व सूखे चारे को मिक्स करके इन खुरलियों में डालता है। सुबह, दोपहर, शाम व रात के समय इनमें यह चारा डाला जाता है। यहां बेसहारा गाय आती हैं और चारा खाकर चली जाती हैं। मिल के पास ही गायों के पानी पीने के लिए भी प्रबंध किया हुआ है। हर रोज 15 से 20 गाय आ जाती हैं। जिन्हें चारा खिलाकर काफी सुकून मिलता है।
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सर्दियों में अलाव जलाते हैं : मिल के प्रांगण में अब सर्दियों में गायों के लिए अलाव जलाना शुरू कर दिया जाएगा। यहां सर्दी से बचने के लिए गाय सहित बेसहारा कुत्ते व अन्य जानवर भी आ जाते हैं। यह एक सुखद एहसास है। जितना संभव हो सके वे सेवा करते हैं। इसके अलावा भी कई संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। अभी हाल ही में वे प्रशासन द्वारा चलाई जा रही नंदी गोशाला से जुड़े हैं। जहां पिछले दो माह में शहर के गणमान्य लोगों की मेहनत से काफी सुधार आया है।
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