फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   12 more dilapidated buses arrived from Palwal

Kaithal News: पलवल से आईं 12 और खस्ताहाल बसें

Thu, 26 Jun 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 26 Jun 2025 01:41 AM IST
विज्ञापन
12 more dilapidated buses arrived from Palwal
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। आठ महीने पहले भेजी गई 48 खस्ताहाल बसों के झटके से अभी कैथल डिपो उबरा भी नहीं था कि अब 12 और खराब बसें कैथल डिपो को भेज दी गई हैं। इस बार ये बीएस-4 तकनीक की बसें झज्जर या भिवानी नहीं, बल्कि पलवल जिले से आई हैं। इनकी जगह पर पलवल डिपो को बीएस-6 तकनीक की नई बसें दी गई हैं।

पहले से ही कैथल डिपो खराब बसों की समस्या से जूझ रहा है। अब इन बसों के आने से स्थिति और बिगड़ गई है। यात्रियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि ये बसें अक्सर बीच रास्ते में ही खराब होकर रुक जाती हैं, जिससे सफर लंबा और कष्टप्रद हो जाता है।
विज्ञापन


वर्ष 2024 में सरकार ने वायु प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर कैथल डिपो से बीएस-6 तकनीक की 78 बसें एनसीआर क्षेत्र के लिए भेज दी थीं। बदले में मिलीं बीएस-3 और बीएस-4 तकनीक की 48 पुरानी बसें, जिनकी मरम्मत में एक से डेढ़ महीना लग गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैथल डिपो में वर्ष 2023 व 2024 में करीब 10 साल के अंतराल के बाद यह बीएस-6 तकनीक की करीब 90 बसें आई थी। इसके करीब एक साल बाद ही इन बसों को एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जिलों में सरकार के आदेशों पर भेजा गया था। ऐसे में अभी डिपो में करीब 32 बसें ही बीएस-छह तकनीक की रह गई हैं।

रोडवेज यूनियन में आक्रोश ः रोडवेज कर्मचारियों ने इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की है। कर्मचारी यूनियन के नेता मनजीत सिंह ने कहा कि बीएस-6 तकनीक की बसों के बदले बीएस-3 और बीएस-4 की पुरानी बसें भेजना सीधे-सीधे यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा है। ऐसी बसों को लंबे रूट पर चलाना भी संभव नहीं है।

वहीं, वर्कशॉप में कार्यरत बलजीत सिंह ने बताया कि आईं बसों की हालत बेहद खराब है। यहां तक कि उनकी बॉडी तक जर्जर है। इन्हें ठीक करने में लंबा वक्त लगेगा और तब तक यात्रियों को असुविधा झेलनी होगी। ड्राइवर और कर्मचारी नेता कृष्ण किच्छाना ने भी बीएस-3 व 4 की बसों को भेजने का पुरजोर विरोध किया।



सरकार के निर्देशानुसार एनसीआर क्षेत्र में बीएस-6 तकनीक की बसों के संचालन हेतु कमेटी बनी है। उसी के आदेशों पर यह अदला-बदली की जा रही है। चूंकि कैथल जिला एनसीआर में नहीं आता, इसलिए यहां से बीएस-6 बसें हटाकर अन्य जिलों को दी गई हैं। -अनिल चोपड़ा, वर्कशॉप प्रबंधक, कैथल डिपो
भेजी गईं बस (2024-25)
झज्जर
39 बसें

भिवानी
07 बसें

जींद
07 बसें

पलवल
08 बसें
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed