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चुनावी मोड में आई प्रशासनिक मशीनरी
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चुनावी मोड में आई प्रशासनिक मशीनरी
वीवीपैट के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जानकारी देने पर है जोर
जिले में वीवीपैट ईवीएम के बारे में जानकारी देने के लिए लगाई गई है मोबाइल वैन
मतदाता क्या करें इस स्टेज पर...राजनीतिक पार्टियां क्या करें इस समय..?
चुनाव आयोग से तमाम जानकारी
प्रत्येक बूथ पर प्रकाशित की गई है वोटर लिस्ट
बुधवार को कैथल में कैथल व जींद के मास्टर ट्रेनों को दी दो एचसीएस स्तर के अधिकारियों ने ट्रेनिंग
ड्यूटी के लिए जुटाया जा रहा है कर्मचारियों का डाटा
फोटो संख्या-11, 17, 18
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लोकसभा चुनाव को लेकर जहां प्रत्येक चौक-चौराहे व चौपाल पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं प्रशासनिक मशीनरी इस समय पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। आचार संहिता लगने से पहले अधिकतर तैयारियां पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें इस बार सबसे महत्वपूर्ण बात लोगों को वीवीपैट सुविधा वाली ईवीएम के बारे में जानकारी देना है। इसके लिए सभी ब्लॉकों में वीवीपैट ईवीएम मशीन भेजी जा चुकी है। साथ ही एक मोबाइल वैन भी लोगों को अधिक से अधिक जानकारी देने के लिए लगाई गई है। 31 जनवरी को प्रकाशित वोटर लिस्ट लोगों के देखने के लिए उपलब्ध है। बुधवार को कैथल में कैथल व जींद के मास्टर ट्रेनरों को दो एचसीएस अधिकारियों द्वारा ट्रेनिंग दी गई। ताकि वे आगे कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे सकें। साथ ही कर्मचारियों का डाटा भी जुटाया जा रहा है।
क्या है वीवीपैट ईवीएम : एडीसी सतबीर कुंडू ने बताया कि इस बार ईवीएम में एक सुविधा दी गई है। जिसमें एक वोट डालने के बाद वोटर को 7 सेकेंड के लिए एक पर्ची दिखाई देगी, जिसमें उसे पता चल जाएगा कि उसने वोट किस पार्टी के उम्मीदवार को दिया है। इसके बाद यह स्लिप मशीन में ही जमा हो जाएगी। गणना के दौरान एक या दो मशीन की वीवीपैट पर्चियों को मशीन में मिली वोटों की संख्या से मिलाया भी जा सकता है। इसके बारे मेें लोगों को अधिक से अधिक जानकारी दी जा रही है। एक मोबाइल वैन लगाई गई है। सभी ब्लॉक स्तर पर वीवीपैट मशीन भेजी गई है। ताकि लोग इसे चलाकर देख सकें।
कई स्तर पर चल रही हैं ट्रेनिंग : एडीसी ने बताया कि 4 बार एडीसी स्तर के अधिकारियों की मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा वीसी ली जा चुकी है। साथ ही गुड़गांव में 4 दिन की वर्कशॉप हो चुकी है। अब मास्टर ट्रेनरों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ चुनाव में काम करने के लिए कर्मचारियों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। अधिकारियों व कर्मचारियों को चुनाव से संबंधित एक्ट 1950 के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतगणना करवाने तक की पूरी जानकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को दी जा रही है।
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1950 नंबर पर फोन करके किसी भी तरह की चुनाव संबंधी जानकारी ले सकते हैं मतदाता : चुनाव आयोग की ओर से टोल फ्री 1950 नंबर जारी किया गया है। जिस पर कैथल में रहने पर बिना कोड के व यदि कोई कैथल से बाहर से फोन करके जानकारी लेना चाहता है तो उसे 1746-1950 डायल करना होगा और चुनाव से संबंधित हर तरह की जिज्ञासा शांत कर सकता है।
मतदाता इस समय क्या करें : एडीसी सतबीर कुंडू ने बताया कि मतदाता इस समय अपने बूथ पर जाकर निशुल्क वोटर लिस्ट का निरीक्षण कर सकते हैं। उसमें नाम जांच लें। यदि नाम नहीं है तो अपना नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई करें। क्योंकि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद वोट बनाने में परेशानी होती है।
राजनीतिक पार्टियां क्या करें : एडीसी के अनुसार राजनीतिक दल भी चुनाव कार्यालय से वोटर लिस्ट लेकर उसे देख लें और बूथ स्तर पर अपने सहायक नियुक्त करके सरकार द्वारा नियुक्त बीएलओ से सामंजस्य बैठाएं। ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी परेशानी से निपटाई जा सके।
दो जिलों के मास्टर ट्रेनरों को दी जानकारी : राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर एचसीएस मुनीष नागपाल और विरेंद्र सिंह सहरावत ने लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हाल में कैथल के 20 व जींद जिला के 25 मास्टर ट्रेनरों को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया। निर्वाचन कानूनगो शमशेर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार ईवीएम/वीवीपैट व पोलिंग पार्टी की तैयारी एवं प्रयोग करने के लिए जानकारी दी। ईवीएम की शुरूआत से लेकर समापन तक की समस्त प्रक्रिया के बारे में अवगत करवाया। एडीसी सतबीर सिंह कुंडू, डीआईओ दीपक खुराना, तहसीलदार गुहला जगदीश चंद्र, नायब तहसीलदार सुरेश कुमार, ईश्वर सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुमित कुमार, रोजी, कंचन लता, आरके चांदना, नायब तहसीलदार राजपाल भूरा, निर्वाचन कानूनगो शमशेर सिंह, सुदेश, रमेश के अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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वीवीपैट के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जानकारी देने पर है जोर
जिले में वीवीपैट ईवीएम के बारे में जानकारी देने के लिए लगाई गई है मोबाइल वैन
मतदाता क्या करें इस स्टेज पर...राजनीतिक पार्टियां क्या करें इस समय..?
चुनाव आयोग से तमाम जानकारी
प्रत्येक बूथ पर प्रकाशित की गई है वोटर लिस्ट
बुधवार को कैथल में कैथल व जींद के मास्टर ट्रेनों को दी दो एचसीएस स्तर के अधिकारियों ने ट्रेनिंग
ड्यूटी के लिए जुटाया जा रहा है कर्मचारियों का डाटा
फोटो संख्या-11, 17, 18
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लोकसभा चुनाव को लेकर जहां प्रत्येक चौक-चौराहे व चौपाल पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं प्रशासनिक मशीनरी इस समय पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। आचार संहिता लगने से पहले अधिकतर तैयारियां पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें इस बार सबसे महत्वपूर्ण बात लोगों को वीवीपैट सुविधा वाली ईवीएम के बारे में जानकारी देना है। इसके लिए सभी ब्लॉकों में वीवीपैट ईवीएम मशीन भेजी जा चुकी है। साथ ही एक मोबाइल वैन भी लोगों को अधिक से अधिक जानकारी देने के लिए लगाई गई है। 31 जनवरी को प्रकाशित वोटर लिस्ट लोगों के देखने के लिए उपलब्ध है। बुधवार को कैथल में कैथल व जींद के मास्टर ट्रेनरों को दो एचसीएस अधिकारियों द्वारा ट्रेनिंग दी गई। ताकि वे आगे कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे सकें। साथ ही कर्मचारियों का डाटा भी जुटाया जा रहा है।
क्या है वीवीपैट ईवीएम : एडीसी सतबीर कुंडू ने बताया कि इस बार ईवीएम में एक सुविधा दी गई है। जिसमें एक वोट डालने के बाद वोटर को 7 सेकेंड के लिए एक पर्ची दिखाई देगी, जिसमें उसे पता चल जाएगा कि उसने वोट किस पार्टी के उम्मीदवार को दिया है। इसके बाद यह स्लिप मशीन में ही जमा हो जाएगी। गणना के दौरान एक या दो मशीन की वीवीपैट पर्चियों को मशीन में मिली वोटों की संख्या से मिलाया भी जा सकता है। इसके बारे मेें लोगों को अधिक से अधिक जानकारी दी जा रही है। एक मोबाइल वैन लगाई गई है। सभी ब्लॉक स्तर पर वीवीपैट मशीन भेजी गई है। ताकि लोग इसे चलाकर देख सकें।
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कई स्तर पर चल रही हैं ट्रेनिंग : एडीसी ने बताया कि 4 बार एडीसी स्तर के अधिकारियों की मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा वीसी ली जा चुकी है। साथ ही गुड़गांव में 4 दिन की वर्कशॉप हो चुकी है। अब मास्टर ट्रेनरों को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ चुनाव में काम करने के लिए कर्मचारियों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। अधिकारियों व कर्मचारियों को चुनाव से संबंधित एक्ट 1950 के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। नामांकन प्रक्रिया से लेकर मतगणना करवाने तक की पूरी जानकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को दी जा रही है।
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1950 नंबर पर फोन करके किसी भी तरह की चुनाव संबंधी जानकारी ले सकते हैं मतदाता : चुनाव आयोग की ओर से टोल फ्री 1950 नंबर जारी किया गया है। जिस पर कैथल में रहने पर बिना कोड के व यदि कोई कैथल से बाहर से फोन करके जानकारी लेना चाहता है तो उसे 1746-1950 डायल करना होगा और चुनाव से संबंधित हर तरह की जिज्ञासा शांत कर सकता है।
मतदाता इस समय क्या करें : एडीसी सतबीर कुंडू ने बताया कि मतदाता इस समय अपने बूथ पर जाकर निशुल्क वोटर लिस्ट का निरीक्षण कर सकते हैं। उसमें नाम जांच लें। यदि नाम नहीं है तो अपना नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई करें। क्योंकि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद वोट बनाने में परेशानी होती है।
राजनीतिक पार्टियां क्या करें : एडीसी के अनुसार राजनीतिक दल भी चुनाव कार्यालय से वोटर लिस्ट लेकर उसे देख लें और बूथ स्तर पर अपने सहायक नियुक्त करके सरकार द्वारा नियुक्त बीएलओ से सामंजस्य बैठाएं। ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी परेशानी से निपटाई जा सके।
दो जिलों के मास्टर ट्रेनरों को दी जानकारी : राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर एचसीएस मुनीष नागपाल और विरेंद्र सिंह सहरावत ने लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हाल में कैथल के 20 व जींद जिला के 25 मास्टर ट्रेनरों को एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया। निर्वाचन कानूनगो शमशेर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार ईवीएम/वीवीपैट व पोलिंग पार्टी की तैयारी एवं प्रयोग करने के लिए जानकारी दी। ईवीएम की शुरूआत से लेकर समापन तक की समस्त प्रक्रिया के बारे में अवगत करवाया। एडीसी सतबीर सिंह कुंडू, डीआईओ दीपक खुराना, तहसीलदार गुहला जगदीश चंद्र, नायब तहसीलदार सुरेश कुमार, ईश्वर सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुमित कुमार, रोजी, कंचन लता, आरके चांदना, नायब तहसीलदार राजपाल भूरा, निर्वाचन कानूनगो शमशेर सिंह, सुदेश, रमेश के अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।