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रोडवेज और निजी बसों में अंतर बताने को बांटी किताबें
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:19 AM IST
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रोडवेज और निजी बसों में अंतर बताने को बांटी किताबें
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने नए बस स्टैंड पर आम जनता को रोडवेज और निजी बसों में अंतर बताने के लिए किताबें वितरित की। यूनियन ने जनता के हस्ताक्षर भी लिए।
इस मौके पर डिपो प्रधान कृष्ण गुलियाणा व यूनियन केंद्रीय कमेटी सदस्य राजकुमार नेपेवाला ने कहा कि रोडवेज के बेड़े में 600 नई बसें देने के लिए परिवहन मंत्री स्वयं अनेक बार जनता के सामने लुभावने वादे कर चुके हैं। इसके लिए 35 चैसिज गुरुग्राम, बॉडी सेक्शन में आई हैं। जिसका प्रशिक्षण न तो रोडवेज कार्यशाला में कार्यरत कर्मचारियों को दिया गया है और न ही चालक व परिचालक को दिया गया है। नेपेवाला ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार भी पूर्व की हुड्डा सरकार की भांति लगातार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने के नए-नए तरीके खोज रही है। हर बार समझौता करने के बावजूद सरकार मुकर जा रही है। जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। इस मौके पर शमशेर जांगड़ा, सोनू मांडी, गुरदयाल, शिवदत्त, संजय मटौर, कृष्ण शिमला, भरथा शिमला, सुरेश जाखौली, कृष्ण सहित अन्य मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने नए बस स्टैंड पर आम जनता को रोडवेज और निजी बसों में अंतर बताने के लिए किताबें वितरित की। यूनियन ने जनता के हस्ताक्षर भी लिए।
इस मौके पर डिपो प्रधान कृष्ण गुलियाणा व यूनियन केंद्रीय कमेटी सदस्य राजकुमार नेपेवाला ने कहा कि रोडवेज के बेड़े में 600 नई बसें देने के लिए परिवहन मंत्री स्वयं अनेक बार जनता के सामने लुभावने वादे कर चुके हैं। इसके लिए 35 चैसिज गुरुग्राम, बॉडी सेक्शन में आई हैं। जिसका प्रशिक्षण न तो रोडवेज कार्यशाला में कार्यरत कर्मचारियों को दिया गया है और न ही चालक व परिचालक को दिया गया है। नेपेवाला ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार भी पूर्व की हुड्डा सरकार की भांति लगातार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने के नए-नए तरीके खोज रही है। हर बार समझौता करने के बावजूद सरकार मुकर जा रही है। जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। इस मौके पर शमशेर जांगड़ा, सोनू मांडी, गुरदयाल, शिवदत्त, संजय मटौर, कृष्ण शिमला, भरथा शिमला, सुरेश जाखौली, कृष्ण सहित अन्य मौजूद रहे।
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