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एमसी घूम रहे ‘पर-देस, यहां भटक रहा है देस
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:40 AM IST
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पार्षद शहर से बाहर, नपा में कामकाज ठप
गुहला-चीका। नगर पालिका चीका के पार्षद शहर से बाहर हैं। मसला 26 तारीख को चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का है। दोनों पक्षों को डर है कि कहीं दूसरे वाले उनके एमसी को बहका न लें। लिहाजा दोनों ही पक्ष अपने अपने खेमे के पार्षदों को साथ लेकर हफ्ता भर पहले किसी गुप्त स्थान पर चले गए हैं। यहां अपने छोटे मोटे कामों के लिए लोग इधर उधर भटकने को मजबूर हैं। स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित ऐसे कई सर्टिफिकेट हैं जिन्हें बनवाने के लिए निर्धारित फार्मों पर पात्र के पहचानकर्ता के तौर पर संबंधित नगर पार्षद के हस्ताक्षर व मुहर जरूरी है। लेकिन एमसी चीका में न होने के कारण लोगों के काम लटक रहे हैं पर फरियाद तक सुनने वाला कोई नहीं है। चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा के दफ्तर में भी आजकल कोई नहीं दिख रहा। लोगों के कर्मचारियों से ही हो सकने वाले काम भी नहीं हो पा रहे। लोगों का कहना है कि ऊपर कोई कहने सुनने वाला नहीं है, इसलिए कर्मचारियों का रवैया भी उदासीन हो गया है।
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गुहला-चीका। नगर पालिका चीका के पार्षद शहर से बाहर हैं। मसला 26 तारीख को चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का है। दोनों पक्षों को डर है कि कहीं दूसरे वाले उनके एमसी को बहका न लें। लिहाजा दोनों ही पक्ष अपने अपने खेमे के पार्षदों को साथ लेकर हफ्ता भर पहले किसी गुप्त स्थान पर चले गए हैं। यहां अपने छोटे मोटे कामों के लिए लोग इधर उधर भटकने को मजबूर हैं। स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित ऐसे कई सर्टिफिकेट हैं जिन्हें बनवाने के लिए निर्धारित फार्मों पर पात्र के पहचानकर्ता के तौर पर संबंधित नगर पार्षद के हस्ताक्षर व मुहर जरूरी है। लेकिन एमसी चीका में न होने के कारण लोगों के काम लटक रहे हैं पर फरियाद तक सुनने वाला कोई नहीं है। चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा के दफ्तर में भी आजकल कोई नहीं दिख रहा। लोगों के कर्मचारियों से ही हो सकने वाले काम भी नहीं हो पा रहे। लोगों का कहना है कि ऊपर कोई कहने सुनने वाला नहीं है, इसलिए कर्मचारियों का रवैया भी उदासीन हो गया है।