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खेलों में अच्छी मेडिसन और निचले स्तर पर प्रस्तुत किया जाए बजट
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नोटबंदी के बाद से पिछले एक साल से मंदी के मार झेल रहे रियल एस्टेट के कारोबारियों को इस बजट से काफी आस है। रियल इस्टेट के कारोबार में कलेक्टर रेट ज्यादा है जबकि प्रॉपर्टी डीलरों को दाम कम मिलते हैं। जिसके बाद से अभी तक रियल एस्टेट के कारोबारी राहत की बाट जोह रहे है। वहीं कोच और खिलाड़ियों का कहना है कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को खिलाड़ियों के बजट के लिए निचले स्तर पर कार्य करना चाहिए। ताकि बजट की आड़ में खेलों में प्रतिभा पीछे न रहे सके।
एक साल के बाद राहत की जगी आस :
रियल एस्टेट के कारोबारी वरुण मित्तल ने कहा कि नोट बंदी के बाद से रियल एस्टेट के कारोबार में काफी गिरावट आई है। जिस पर अभी तक कारोबारियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बजट में सरकार रियल एस्टेट के कारोबार में बजट के माध्यम से कुछ विशेष करे तो राहत मिलने के आसार है।
कलेक्टर रेट हो कम : रियल एस्टेट कारोबारी नवीन जैन ने कहा कि प्रॉपर्टी डीलरों को नोटबंदी के बाद से उनके मुताबिक दाम नहीं मिल रहे है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर रेट तो ज्यादा है जबकि उन्हें दाम कम मिलते हैं। सरकार को बजट में इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को मिले अच्छी मेडिसन : बॉक्सिंग खेल के कोच विक्रम ढूल ने कहा कि सरकार को बजट में खिलाड़ियों के लिए खेलों के दौरान चोट आने पर बेहतर सुविधाएं न हीं मिल पाती है। खेल में मैदान पर हर समय रिस्क रहता है। इसलिए सरकार को इसके लिए खेलों में ही एक अलग बजट को प्रस्तुत कर अच्छी मेडिसन और फिजियोथेरेपिस्ट देने चाहिए।
खेलों में निचले स्तर पर लागू हो बजट : कोच अनिल कुमार ने बताया कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए निचले स्तर पर बजट का प्रावधान करना चाहिए। वर्तमान में केवल ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को ही विशेष बजट दिया जाता है। लेकिन स्कूली स्तर पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिता के समय ही डाइट व खेलों के सामान का बजट दिया जाता है। ऐसा न होकर प्रैक्टिस के दौरान भी स्कूली खिलाड़ियों के लिए बजट का विशेष प्रबंध हो।
मंदी की मार झेल रहे प्रॉपर्टी डीलरों को इस बजट से राहत की आस
खेलों में अच्छी मेडिसन और निचले स्तर पर प्रस्तुत किया जाए बजट
फोटो नंबर-11 से 14
कैथल। नोटबंदी के बाद से पिछले एक साल से मंदी के मार झेल रहे रियल एस्टेट के कारोबारियों को इस बजट से काफी आस है। रियल इस्टेट के कारोबार में कलेक्टर रेट ज्यादा है जबकि प्रॉपर्टी डीलरों को दाम कम मिलते हैं। जिसके बाद से अभी तक रियल एस्टेट के कारोबारी राहत की बाट जोह रहे है। वहीं कोच और खिलाड़ियों का कहना है कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को खिलाड़ियों के बजट के लिए निचले स्तर पर कार्य करना चाहिए। ताकि बजट की आड़ में खेलों में प्रतिभा पीछे न रहे सके।
एक साल के बाद राहत की जगी आस :
रियल एस्टेट के कारोबारी वरुण मित्तल ने कहा कि नोट बंदी के बाद से रियल एस्टेट के कारोबार में काफी गिरावट आई है। जिस पर अभी तक कारोबारियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बजट में सरकार रियल एस्टेट के कारोबार में बजट के माध्यम से कुछ विशेष करे तो राहत मिलने के आसार है।
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कलेक्टर रेट हो कम : रियल एस्टेट कारोबारी नवीन जैन ने कहा कि प्रॉपर्टी डीलरों को नोटबंदी के बाद से उनके मुताबिक दाम नहीं मिल रहे है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर रेट तो ज्यादा है जबकि उन्हें दाम कम मिलते हैं। सरकार को बजट में इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को मिले अच्छी मेडिसन : बॉक्सिंग खेल के कोच विक्रम ढूल ने कहा कि सरकार को बजट में खिलाड़ियों के लिए खेलों के दौरान चोट आने पर बेहतर सुविधाएं न हीं मिल पाती है। खेल में मैदान पर हर समय रिस्क रहता है। इसलिए सरकार को इसके लिए खेलों में ही एक अलग बजट को प्रस्तुत कर अच्छी मेडिसन और फिजियोथेरेपिस्ट देने चाहिए।
खेलों में निचले स्तर पर लागू हो बजट : कोच अनिल कुमार ने बताया कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए निचले स्तर पर बजट का प्रावधान करना चाहिए। वर्तमान में केवल ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को ही विशेष बजट दिया जाता है। लेकिन स्कूली स्तर पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिता के समय ही डाइट व खेलों के सामान का बजट दिया जाता है। ऐसा न होकर प्रैक्टिस के दौरान भी स्कूली खिलाड़ियों के लिए बजट का विशेष प्रबंध हो।
मंदी की मार झेल रहे प्रॉपर्टी डीलरों को इस बजट से राहत की आस
खेलों में अच्छी मेडिसन और निचले स्तर पर प्रस्तुत किया जाए बजट
फोटो नंबर-11 से 14