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लैब टक्रोलोजिस्टों ने मांगो के समर्थन में किया मौन प्रदर्शन
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा मेडिकल लैब टेक्नीशियन वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर जिला इकाई ने वीरवार को मौन प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्य सरकार की गाइड लाइन का विरोध किया। उन्होंने सीटीएम सुशील कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी भेजा।
सबसे पहले टेक्नीशियन जवाहर पार्क में एकत्र हुए और वहां से मौन प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन की अध्यक्षता एसोसिएशन के राज्य प्रधान रमेश अहलावत ने की। प्रदर्शनकारियों से जिला प्रधान रोशन नरवल ने कहा कि वे शुरू से ही सरकार या कल्याण विभाग द्वारा मंजूरशुदा संस्थानों से डिप्लोमा और डिग्री लेकर क्लीनिकल लैब चलाते आ रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही डाक्टर रोगी का इलाज करते हैं। यदि सरकार द्वारा थोपी गई पॉलिसी लागू होती है तो दूर गांवों से रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए 30-35 किलोमीटर जाना पड़ेगा। सरकार कई गांवों में सीएचसी व पीएचसी भी उपलब्ध नहीं करवा पाई है। हरियाणा में कुल 59 सिविल अस्पताल, 107 सीएचसी और 367 पीएचसी चलाई जा रही है लेकिन अधिकतर में डाक्टरों के पद खाली पड़े हैं। नई पॉलिसी के लागू होने से रोगियों विशेष तौर पर गर्भवती महिलाओं को एचबी या ब्लड शुगर टेस्ट करवाने के लिए दूर जाना पड़ेगा। उन्होंने मांग की है कि इस पॉलिसी में संशोधन करके टेस्ट रिपोर्ट पर उन्हें हस्ताक्षर करने का अधिकार दिया जाए तथा सिविल सर्जन द्वारा दिए जा रहे नोटिस बंद किए जाए। उसके अलावा भी कई अन्य मांगें शामिल हैं। इस मौके पर उनके साथ कोषाध्यक्ष पुष्पिंद गर्ग, नफे सिंह, मुकेश, महाबीर, नरेश शर्मा, राजबीर, संजीव, सुरेश, सतीश, सुनील, सुभाष मोर, धर्मपाल भी उपस्थित रहे।
लैब टेक्नीशियनों ने मांगों के समर्थन में किया मौन प्रदर्शन
पॉलिसी में संशोधन की मांग को लेकर सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
फोटो नंबर-10
कैथल। हरियाणा मेडिकल लैब टेक्नीशियन वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर जिला इकाई ने वीरवार को मौन प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्य सरकार की गाइड लाइन का विरोध किया। उन्होंने सीटीएम सुशील कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी भेजा।
सबसे पहले टेक्नीशियन जवाहर पार्क में एकत्र हुए और वहां से मौन प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शन की अध्यक्षता एसोसिएशन के राज्य प्रधान रमेश अहलावत ने की। प्रदर्शनकारियों से जिला प्रधान रोशन नरवल ने कहा कि वे शुरू से ही सरकार या कल्याण विभाग द्वारा मंजूरशुदा संस्थानों से डिप्लोमा और डिग्री लेकर क्लीनिकल लैब चलाते आ रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही डाक्टर रोगी का इलाज करते हैं। यदि सरकार द्वारा थोपी गई पॉलिसी लागू होती है तो दूर गांवों से रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए 30-35 किलोमीटर जाना पड़ेगा। सरकार कई गांवों में सीएचसी व पीएचसी भी उपलब्ध नहीं करवा पाई है। हरियाणा में कुल 59 सिविल अस्पताल, 107 सीएचसी और 367 पीएचसी चलाई जा रही है लेकिन अधिकतर में डाक्टरों के पद खाली पड़े हैं। नई पॉलिसी के लागू होने से रोगियों विशेष तौर पर गर्भवती महिलाओं को एचबी या ब्लड शुगर टेस्ट करवाने के लिए दूर जाना पड़ेगा। उन्होंने मांग की है कि इस पॉलिसी में संशोधन करके टेस्ट रिपोर्ट पर उन्हें हस्ताक्षर करने का अधिकार दिया जाए तथा सिविल सर्जन द्वारा दिए जा रहे नोटिस बंद किए जाए। उसके अलावा भी कई अन्य मांगें शामिल हैं। इस मौके पर उनके साथ कोषाध्यक्ष पुष्पिंद गर्ग, नफे सिंह, मुकेश, महाबीर, नरेश शर्मा, राजबीर, संजीव, सुरेश, सतीश, सुनील, सुभाष मोर, धर्मपाल भी उपस्थित रहे।
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लैब टेक्नीशियनों ने मांगों के समर्थन में किया मौन प्रदर्शन
पॉलिसी में संशोधन की मांग को लेकर सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
फोटो नंबर-10