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शहर की हर कालोनी में डेंगू का प्रकोप, फोगिंग के लिए महज एक मशीन

Mon, 09 Oct 2017 11:55 PM IST
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:55 PM IST
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शहर की हर कालोनी में डेंगू का प्रकोप, फोगिंग के लिए महज एक मशीन
डेंगू के बढ़ रहे मरीज, स्वास्थ्य विभाग की नहीं खुल रही कुंभकर्णी नींद
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर की हर कालोनी में डेंगू का प्रकोप है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुल रही है। कहने को सरकारी तौर पर केवल 83 लोगों को ही डेंगू है। दूसरी ओर निजी अस्पतालों में आलम यह है कि कई अस्पतालों ने अब मरीजों को दाखिल करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। नगर परिषद में राजनीतिक उठा-पटक के बीच कार्य भगवान भरोसे है। यहां एक फॉगिंग मशीन की सहायता से केवल उसी जगह फॉगिंग करवाई जा रही है जहां से डिमांड आती है। ऐसे में पूरा शहर इस समय भगवान भरोसे है।
शहर में लगभग सभी कालोनियों में डेंगू व वायरल बुखार ने लोगों को अपनी चपेट में लिया हुआ है। डीएवी कालोनी, अमरगढ़ गामड़ी, अंबेडकर नगर, करनाल रोड, गांधी नगर, चंदाना गेट, पूजा मोहल्ला, प्रोफेसर कालोनी सहित शहर के लगभग सभी भागों में डेंगू व वायरल बुखार ने लोगों को अपनी चपेट में लिया हुआ है। शहर में शाह अस्पताल, डा. मक्कड़ अस्पताल, रति राम अस्पताल सहित कई अस्पताल ऐसे हैं, जहां मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई है।
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बुखार के तहत आती है तेजी से कमजोरी
लोगों ने बताया कि इस बुखार में पहले तेज बुखार रहता है। फिर तेजी से शरीर में कमजोरी आती है। प्लेटलेट्स कम होने पर खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि प्लेटलेट्स 50 हजार से कम होने पर ही डेंगू का इलाज करवाएं, तब तक यह वायरल बुखार है। सामान्य बुखार की तरह से दवा लें। लेकिन मौसमी इस बीमारी में सामान्य बुखार में भी लोगों को कमजोरी आ रही है।
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नहीं हो रही फॉगिंग
नगर परिषद में काम भगवान भरोसे है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां फॉगिंग मशीनें दी हैं। लेकिन शहर में फॉगिंग न के बराबर है। सीएसआई प्रवीन कुमार ने बताया कि फॉगिंग करवाने के लिए केवल एक ही मशीन है। डेंगू के प्रकोप के चलते सुबह व शाम के समय शहर के विभिन्न वार्डों में फॉगिंग करवाई जाती है। लेकिन एक दिन में एक ही वार्ड में फॉगिंग हो पाती है। उन्होंने बताया कि फॉगिंग मशीन को ऑपरेट करने के लिए भी शहर में केवल दो ऑपरेटर हैं।
ग्रामीण इलाकों में भी है मशीनों का अभाव
जिस प्रकार से शहर में डेंगू के बचाव के लिए एक ही फॉगिंग मशीन है। ठीक उसी प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में भी मशीनों के अभाव में ठीक प्रकार से फॉगिंग नहीं हो पा रही है। जिससे ग्रामीण इलाकों में भी डेंगू अपने तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग आंखें मूंदकर सोया है।

पांच लीटर दवाई से होती है फॉगिंग
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार शहर में फॉगिंग के लिए केवल पांच लीटर ही दवा मिली पाती है। जिससे केवल एक सप्ताह तक ही फॉगिंग हो पाती है।

सरकारी आंकड़ा 83 पर अटका
बेशक पूरे जिले में लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। लेकिन सरकारी आंकड़ा अभी तक 83 पर अटका है। अस्पताल में भी डेंगू का स्पेशल वार्ड बनाया गया है जिसमें मरीजों की विशेष रूप से देखभाल की जा रही है। विभाग डेंगू की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

न घबराएं लोग, इलाज कराएं
जिला उप-सिविल सर्जन डा. देवेंद्र सिंह ने कहा कि डेंगू केवल 50 हजार से कम प्लेटलेट्स पर ही होता है। इसलिए लोग घबराएं न। साथ ही वायरल में सामान्य बुखार की तरह से इलाज करवाएं। विभाग स्थिति पर नजर रखे हुए है।


लोगों से पहले भी अपील की गई थी कि वे अपने घरों को साफ-सुथरा रखें। एक बार फिर उनसे आग्रह है कि वे अपने आस-पास पानी खड़ा न होने दें। फॉगिंग को लेकर अधिकारियों से बात की जाएगी।
सुनीता वर्मा, डीसी कैथल।


- शहर की हर कालोनी में डेंगू का प्रकोप, महज एक मशीन के भरोसे फॉगिंग
- कई निजी अस्पतालों ने मरीज दाखिल करने से हाथ खड़े किए
फोटो नंबर-22, 26
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