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Wrestlers Protest: पहलवान 15 तक करेंगे इंतजार, फिर बड़े आंदोलन को तैयार, विनेश ने कही ये बात

Sun, 11 Jun 2023 06:45 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, उचाना, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, उचाना, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 11 Jun 2023 06:45 PM IST
सार

विनेश फौगाट पंजाब के पटियाला जाते समय हरियाणा के जींद में खटकड़ टोल पर रुकी । उन्होंने कहा कि एक जगह से उठा देने से लड़ाई खत्म नहीं होती।

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Wrestlers Protest: Wrestlers will wait till 15, then ready for big movement
खटकड़ टोल पर पहुंची विनेश फौगाट। - फोटो : संवाद

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी विनेश फौगाट ने कहा कि वह लोग 15 जून तक सरकार का इंतजार करेंगे। यदि इस दौरान कोई कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सरकार ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू नहीं करने दिया तो दिल्ली में रामलीला मैदान या फिर किसी अन्य जगह पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। विनेश फौगाट रविवार को पंजाब के पटियाला में अनशन पर बैठे राजेवाल से मिलने जा रही थीं।

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फौगाट ने कहा कि एक जगह से उठा देने से आंदोलन खत्म नहीं हो जाता। उनकी लड़ाई अभी भी जारी है। सरकार को 15 जून तक का समय बृजभूषण शरण पर कार्रवाई करने के लिए दिया गया है। यदि इस दौरान सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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इस बाद का आंदोलन आर-पार का रहेगा। 28 मई को जो हुआ, वह बहुत निंदनीय हुआ है। जिस तिरंगे के लिए वह इतनी मेहनत से लड़े, उस तिरंगे का दिल्ली पुलिस ने अपमान किया। तिरंगा सड़क पर डाल दिया।
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डर था कि कहीं पुलिस उनका एनकाउंटर न कर दे - विनेश
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनको सड़क पर घसीटा। पहले तो बृजभूषण शरण के साथ लड़ाई थी, लेकिन अब प्रशासन के साथ भी लड़ाई लड़ी। 28 मई के बाद उनको नजरबंद कर दिया गया। उनको एक-एक पीएसओ मिला हुआ है लेकिन दस से ज्यादा पुलिस कर्मचारी उनके पीछे लगा दिए। उनको डर था कि कहीं पुलिस उनका एनकाउंटर नहीं कर दे। उन्होंने कहा कि लड़ाई जारी है और जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। इस मौके पर कैप्टन वेदप्रकाश बरसोला, पूनम कंडेला तथा अनिता सुदकैन समेत काफी लोग मौजूद रहे।


अपनी आत्मा बहाने का लिया था निर्णय
विनेश फौगाट ने कहा कि मेडल बहाने का निर्णय लेना बहुत ही कठिन काम था। मेडल खिलाड़ियों की आत्मा हैं। जब वह मेडल बहाने के लिए निकले थे तो ऐसा लग रहा था मानो वह किसी अपने के शव का संस्कार करने जा रहे हैं।

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