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Jind News: गेहूं बिजाई की चिंता में किसान अभी से खाद का कर रहे स्टॉक

Fri, 27 Sep 2024 06:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 27 Sep 2024 06:11 PM IST
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Worried about wheat sowing, farmers are already stocking up on fertilizer
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जींद। गेहूं बिजाई का सीजन एक माह बाद शुरू होगा। इसको देखते हुए किसानों ने अभी से खाद स्टॉक करने शुरू कर दिया है। बीते वर्ष जिले में खाद के लिए किसानों को किल्लत का सामना करना पड़ा था। कुछ किसानों को समय पर डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिली थी। इससे सबक लेते हुए जिले के किसानों ने अभी से खाद का स्टॉक शुरू कर दिया है। इसके चलते अभी तक जिले में 74 हजार बैग डीएपी और एक लाख 64 हजार यूरिया के बैग बिक चुके हैं।
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जिले में लगभग पांच लाख एकड़ में गेहूं समेत अन्य फसलों की बिजाई होती है। इसके लिए डीएपी के पांच लाख बैग की जरूरत पड़ती है। अभी तक जिले में 80 हजार के लगभग डीएपी के बैग का स्टॉक कृषि विभाग के रिकॉर्ड में है। इसके अलावा 60 हजार बैग यूरिया के स्टॉक में हैं। यूरिया की खपत भी गेहूं के सीजन में लगभग साढ़े 14 लाख बैग की है। कई वर्षों से किसानों को यूरिया व डीएपी के लिए घंटों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी एक किसान को आधार कार्ड के अनुसार पांच बैग ही मिल रहे थे। इसके लिए किसानों को खाद के लिए कई-कई दिन तक लाइन में लगकर लेना पड़ता था। इस कारण किसान को प्रतिदिन किराये के वाहन में कम संख्या में बैग ले जाना भी महंगा पड़ता है।
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25 अक्तूबर से गेहूं की बिजाई शुरू होगी, जो लगभग एक माह तक चलेगी। इस माह में सभी किसानों को गेहूं समेत अन्य फसलों के लिए डीएपी की बिजाई के समय ही जरूरत होती है। इस दौरान एक तिहाई किसान बीते कई वर्षों से समय से डीएपी लेने से वंचित रह जाते थे। इस बार भी किसानों के साथ यह हालात पैदा न हो इसके लिए किसान समय रहते जरूरत के अनुसार खाद का स्टॉक कर रहे हैं।
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पांच हजार टन एनपीके भी मंगवाया

कृषि विभाग के अनुसार अगर समय से यूरिया जिले में नहीं पहुंचा तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पांच हजार टन एनपीके व इतना ही एसएसपी अर्थात सुपर खाद की डिमांड भेजी गई है। फसलों के लिए यह भी बेहतर होता है, हालांकि गेहूं की बिजाई के पहले 21 दिन के दौरान पानी देने के बाद एनपीके व एसएसपी ज्यादा कामयाब नहीं होने की बात किसान कहते हैं। इन दोनों का छिड़काव किया जाता है। इसके बावजूद भी बाजार में हर साल एनपीके की सप्लाई होती है।

किसानो को खाद के साथ दवाइ भी जबरन दे रहे

खाद की किल्लत होने पर किसानों को एक तो घंटों तक लाइन में लगकर जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिलता। दूसरी तरफ जिन दुकानदारों के पास खाद होता है। वह महंगे दामों पर खाद के साथ किसानों को जबरदस्ती दवा लेने के लिए मजबूर करते हैं। इसको लेकर हर वर्ष किसान कृषि विभाग को शिकायत भी देते हैं, लेकिन विभाग इस काला बाजारी पर नकेल कसने में सफल नहीं हो पाया।


किसानों को नहीं होने दी जाएगी परेशानी

फिलहाल कृषि विभाग के स्टॉक के अनुसार जिले में खाद की कमी नहीं है। समय-समय पर खाद के रैक लगते हैं। किसानों के लिए जरूरत के अनुसार खाद मंगवाया जाएगा। इस बार गेहूं के सीजन में किसानों को डीएपी व यूरिया को लेकर परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसान एक साथ ज्यादा खाद का स्टॉक न करें। गेहूं की बिजाई के बाद जरूरत के समय पर ही खाद लें, ताकि सभी को खाद मिल सके। -नरेंद्र पाल गुणवत्ता जांच अधिकारी, जींद।

26जेएनडी23: रेलवे स्टेशन पर लगे खाद के रैक के दौरान जांच करने पहुंचे गुणवता अधिकारी व अन्य कर्म

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