फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Workers will surround the residence of the Deputy Speaker

Jind News: डिप्टी स्पीकर के आवास का घेराव करेंगे मजदूर

Fri, 20 Feb 2026 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 11:38 PM IST
विज्ञापन
Workers will surround the residence of the Deputy Speaker
20जेएनडी02: बैठक में मौजूद मनरेगा मजदूर । स्रोत मजदूर
जींद। संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा की शुक्रवार को जिला प्रधान जोगिंद्र ईगराह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान मोर्चा ने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया प्रदेश भर के मजदूर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन

जोगिंद्र ईगराह ने कहा कि 17 जनवरी को डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के आवास पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय डिप्टी स्पीकर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से वार्ता कर जल्द समाधान का भरोसा दिया था लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन

सरकार की इस उदासीनता से मजदूरों के परिवारों का पालन-पोषण और बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। श्रम कल्याण बोर्ड का पोर्टल पिछले नौ महीनों से बंद है। पोर्टल बंद होने के कारण वजीफा राशि जारी नहीं हुई है और नए आवेदन भी नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोर्चा का आरोप है कि 90 दिनों की वेरिफिकेशन में हुए भ्रष्टाचार का बहाना बनाकर सरकार ने पोर्टल बंद कर दिया है। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय मजदूरों को परेशान किया जा रहा है।
निर्माण मजदूर 22 फरवरी को डिप्टी स्पीकर के आवास का घेराव करेंगे। यदि समाधान नहीं निकला तो अंबाला कैंट में श्रम मंत्री अनिल विज के आवास पर राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा।

200 दिन का काम और 800 रुपये दिहाड़ी सुनिश्चित की जाए
मजदूरों ने मांग की है कि न्यूनतम मजदूरी को महंगाई के अनुसार संशोधित कर 26,000 रुपये मासिक किया जाए। क्योंकि 2015 के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। मनरेगा को कृषि से जोड़कर साल में 200 दिन का काम और 800 रुपये दिहाड़ी सुनिश्चित की जाए। मोर्चा ने चारों नए लेबर कोड को रद्द करने और 1996 के पुराने निर्माण मजदूर कानून को बहाल करने की भी पुरजोर मांग उठाई है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि मजदूरों के धैर्य की सीमा अब समाप्त हो चुकी है। यदि पोर्टल तुरंत नहीं खोला गया और रुके हुए लाभों का भुगतान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन पूरे हरियाणा में उग्र रूप धारण कर लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed