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बिजली निगम के अधिकारियों पर गर्म हुए मंत्री तो अधीक्षक अभियंता ने संभाला मोर्चा
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जिला परिवेदना समिति की बैठक में शिकायतें सुनते श्रम एवं रोजगार मंत्री अनूप धानक। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। लघु सचिवालय में शुक्रवार को हुई जिला परिवेदना समिति की बैठक में बिजली निगम अधिकारियों द्वारा एक व्यक्ति का कनेक्शन दूसरे सेजोड़ने तथा उससे बिजली बिल की वसूली करने पर समिति अध्यक्ष श्रम एवं रोजगारमंत्री अनूप धानक भड़ गए और एक बार जेई को सस्पेंड करने को कहा लेकिन बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता केडी बंसल तुरंत मंत्री के पास पहुंचे और उनको समझाया। इसके बाद मंत्री ने इस मामले में जांच के आदेश दिए तथा अगली बैठक में इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी का नाम बताने को कहा। बैठक में 15 शिकायतें रखी गई। इनमें से केवल चार शिकायतें फाइल की गई जबकि अन्य पर जांच के आदेश दिए गए। इस दौरान विधायक डॉॅ. कृष्ण मिड्ढा, डीसी डॉ. मनोज कुमार, जजपा के जिला प्रधान कृष्ण राठी, डीएसपी जितेंद्र खटकड़ समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में पहली शिकायत गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी धनसिंह की थी। धनसिंह ने बिजली निगम पर चार साल बाद भी उसे कनेक्शन नहीं देने के आरोप लगाए थे। धनसिंह ने नियमों की अवहेलना करने के भी बिजली निगम अधिकारियों पर आरोप लगाए थे। इसमें शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा तो मंत्री ने शिकायत को फाइल करने के निर्देश दिए। एक अन्य शिकायत में गांव कुचराना कलां निवासी महिला किताबो देवी ने सात महीने से अपनी विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। इसमें जिला समाजकल्याण अधिकारी सरोज देवी ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में बदलाव का प्रावधान नहीं थी। इस कारण किताबो देवी की विधवा पेंशन रुकी रही। अब यह शुरू हो गया तो जल्द ही महिला को पेंशन दी जाएगी। मंत्री ने समाज कल्याण अधिकारी को एक महीने में पिछली सारी पेंशन देने के निर्देश जारी किए।
वहीं छात्तर गांव निवासी बबली की शिकायत थी कि उसका पति तीन साल से गुम है। वह अपने बच्चों का बड़ी मुश्किल से पालन-पोषण करती है। उसकी एक बेटी न्यू शिक्षा भारती स्पोर्ट्स स्कूल कुचराना कलां में पढ़ी है। वह उसकी बेटी का स्कूल छोड़ने का प्रमाण-पत्र देने की एवज में 40 हजार रुपये मांग रहे हैं। इस शिकायत के संबंध में मंत्री को बताया कि इस मामले में समझौता हो गया। इस पर उन्होंने शिकायत को फाइल करने के निर्देश दिए।
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एक अन्य शिकायत में गांव पाजू कलां निवासी रोहताश ने बताया कि उसकी आठ एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ था, जो अब छुड़वा दिया गया है। यह शिकायत भी फाइल कर दी गई। गांव बुटानी निवासी एडवोकेट बिंटु राणा तथा खंड एवं विकास अधिकारी के बीच समझौता हो गया।
जब मंत्री का पारा पहुंचा सातवें आसमान पर
विकास नगर निवासी पवन कुमार की शिकायत थी कि बिजली निगम ने उसके बिजली मीटर में दूसरे उपभोक्ता की तार जोड़ दी। उससे बिजली का बिल भी भरवा लिया गया। पड़ोसी ने बिजली का बिल नहीं भरा तो प्रार्थी का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली निगम के कर्मचारियों ने लापरवाही से तार की अदला-बदली कर दी। इस पर मंत्री भड़क गए और बिजली निगम के अधिकारियों को लताड़ लगाते हुए कहा कि किसी दूसरे के बिजली की तार किसी दूसरे मीटर में ऐसे कैसे लगा सकते हैं, यह सरासर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि बिजली निगम के जेई को सस्पेंड करो। इसके बाद निगम के अधीक्षक अभियंता केडी बंसल मंत्री के पास गए और उनको कुछ समझाया। इसके बाद मंत्री ने मामले की जांच करने तथा इस मामले में जो भी दोषी है, उसका पता अगली बैठक में लगाने के निर्देश दिए।
डीएमसी समेत तीन सदस्यीय कमेटी को सौंपी जांच
मै. हरियाणा ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक जोरा सिंह डूमरखां ने हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपारेशन लिमिटेड के अधिकारियों पर गेहूं ढुलाई के चार लाख रुपये नहीं देने के आरोप लगाए। डूमरखां ने कहा कि उसके पास ट्रांसपोर्ट का ठेका था। उसने मंडियों से गेहूं की ढुलाई की थी। जब विभाग ने उसकी पैमेंट की तो यह कहते हुए चार लाख रुपये काट लिए कि गेहूं का वजन कम हो गया। इस पर मंत्री ने डीएमसी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा।
गांव के बाहर एक मकान को दिया पानी, दस घरों को किया अनदेखा
गांव खरकभूरा निवासी दिलबाग ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि गांव से एक किलोमीटर दूर एक मकान को जनस्वास्थ्य विभाग ने पाइपलाइन के जरिये पीने का पानी मुहैया करवाया है जबकि उनके दस घरों को पानी मुहैया नहीं करवाया गया। इस पर मंत्री ने जांच कर पानी पहुंचाने के निर्देश दिए।
पॉश कॉलोनी नहीं अतिक्रमण का अड्डा बनी स्कीम नंबर 19
स्कीम नंबर 19 निवासी राजकुमार ने कहा कि उनकी कॉलोनी पॉश कॉलोनी है लेकिन यहां पर पत्थर मार्केट बनी हुई है। यहां पर हर समय लंबे-लंबे ट्रॉले खड़ रहते हैं, जिनसे पत्थर उतारा जाता है। उनको निकलने का रास्ता भी नहीं बचता। इन दुकानदारों ने यहां पर अवैध कब्जा करके अतिक्रमण किया है। इस पर मंत्री को नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि यहां पर एक-दो दुकान हैं, जो कॉर्मिशयल साइट हैं। मंत्री ने जांच कर अगली बैठक में रिपोर्ट करने को कहा।
जली कपास का मांगा मुआवजा
गांव सुलतानपुर के किसान ने कहा कि आठ अक्तूबर को वह उचाना मंडी में पास लेकर पहुंचा था। कपास के लिए गेट पास भी कट गया था। अचानक कपास में आग लग गई और उसकी 12 क्विंटल कपास जल गई। इस पर मार्केट कमेटी की तरफ से बताया गया कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिस पर कपास का मुआवजा दिया जाए। मंत्री ने इसमें तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच रिपोर्ट अगली बैठक में सौंपने के निर्देश दिए।
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बैठक में पहली शिकायत गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी धनसिंह की थी। धनसिंह ने बिजली निगम पर चार साल बाद भी उसे कनेक्शन नहीं देने के आरोप लगाए थे। धनसिंह ने नियमों की अवहेलना करने के भी बिजली निगम अधिकारियों पर आरोप लगाए थे। इसमें शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा तो मंत्री ने शिकायत को फाइल करने के निर्देश दिए। एक अन्य शिकायत में गांव कुचराना कलां निवासी महिला किताबो देवी ने सात महीने से अपनी विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। इसमें जिला समाजकल्याण अधिकारी सरोज देवी ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में बदलाव का प्रावधान नहीं थी। इस कारण किताबो देवी की विधवा पेंशन रुकी रही। अब यह शुरू हो गया तो जल्द ही महिला को पेंशन दी जाएगी। मंत्री ने समाज कल्याण अधिकारी को एक महीने में पिछली सारी पेंशन देने के निर्देश जारी किए।
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वहीं छात्तर गांव निवासी बबली की शिकायत थी कि उसका पति तीन साल से गुम है। वह अपने बच्चों का बड़ी मुश्किल से पालन-पोषण करती है। उसकी एक बेटी न्यू शिक्षा भारती स्पोर्ट्स स्कूल कुचराना कलां में पढ़ी है। वह उसकी बेटी का स्कूल छोड़ने का प्रमाण-पत्र देने की एवज में 40 हजार रुपये मांग रहे हैं। इस शिकायत के संबंध में मंत्री को बताया कि इस मामले में समझौता हो गया। इस पर उन्होंने शिकायत को फाइल करने के निर्देश दिए।
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एक अन्य शिकायत में गांव पाजू कलां निवासी रोहताश ने बताया कि उसकी आठ एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा किया हुआ था, जो अब छुड़वा दिया गया है। यह शिकायत भी फाइल कर दी गई। गांव बुटानी निवासी एडवोकेट बिंटु राणा तथा खंड एवं विकास अधिकारी के बीच समझौता हो गया।
जब मंत्री का पारा पहुंचा सातवें आसमान पर
विकास नगर निवासी पवन कुमार की शिकायत थी कि बिजली निगम ने उसके बिजली मीटर में दूसरे उपभोक्ता की तार जोड़ दी। उससे बिजली का बिल भी भरवा लिया गया। पड़ोसी ने बिजली का बिल नहीं भरा तो प्रार्थी का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली निगम के कर्मचारियों ने लापरवाही से तार की अदला-बदली कर दी। इस पर मंत्री भड़क गए और बिजली निगम के अधिकारियों को लताड़ लगाते हुए कहा कि किसी दूसरे के बिजली की तार किसी दूसरे मीटर में ऐसे कैसे लगा सकते हैं, यह सरासर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि बिजली निगम के जेई को सस्पेंड करो। इसके बाद निगम के अधीक्षक अभियंता केडी बंसल मंत्री के पास गए और उनको कुछ समझाया। इसके बाद मंत्री ने मामले की जांच करने तथा इस मामले में जो भी दोषी है, उसका पता अगली बैठक में लगाने के निर्देश दिए।
डीएमसी समेत तीन सदस्यीय कमेटी को सौंपी जांच
मै. हरियाणा ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक जोरा सिंह डूमरखां ने हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपारेशन लिमिटेड के अधिकारियों पर गेहूं ढुलाई के चार लाख रुपये नहीं देने के आरोप लगाए। डूमरखां ने कहा कि उसके पास ट्रांसपोर्ट का ठेका था। उसने मंडियों से गेहूं की ढुलाई की थी। जब विभाग ने उसकी पैमेंट की तो यह कहते हुए चार लाख रुपये काट लिए कि गेहूं का वजन कम हो गया। इस पर मंत्री ने डीएमसी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा।
गांव के बाहर एक मकान को दिया पानी, दस घरों को किया अनदेखा
गांव खरकभूरा निवासी दिलबाग ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि गांव से एक किलोमीटर दूर एक मकान को जनस्वास्थ्य विभाग ने पाइपलाइन के जरिये पीने का पानी मुहैया करवाया है जबकि उनके दस घरों को पानी मुहैया नहीं करवाया गया। इस पर मंत्री ने जांच कर पानी पहुंचाने के निर्देश दिए।
पॉश कॉलोनी नहीं अतिक्रमण का अड्डा बनी स्कीम नंबर 19
स्कीम नंबर 19 निवासी राजकुमार ने कहा कि उनकी कॉलोनी पॉश कॉलोनी है लेकिन यहां पर पत्थर मार्केट बनी हुई है। यहां पर हर समय लंबे-लंबे ट्रॉले खड़ रहते हैं, जिनसे पत्थर उतारा जाता है। उनको निकलने का रास्ता भी नहीं बचता। इन दुकानदारों ने यहां पर अवैध कब्जा करके अतिक्रमण किया है। इस पर मंत्री को नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि यहां पर एक-दो दुकान हैं, जो कॉर्मिशयल साइट हैं। मंत्री ने जांच कर अगली बैठक में रिपोर्ट करने को कहा।
जली कपास का मांगा मुआवजा
गांव सुलतानपुर के किसान ने कहा कि आठ अक्तूबर को वह उचाना मंडी में पास लेकर पहुंचा था। कपास के लिए गेट पास भी कट गया था। अचानक कपास में आग लग गई और उसकी 12 क्विंटल कपास जल गई। इस पर मार्केट कमेटी की तरफ से बताया गया कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिस पर कपास का मुआवजा दिया जाए। मंत्री ने इसमें तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच रिपोर्ट अगली बैठक में सौंपने के निर्देश दिए।