नरवाना। हूडा ग्राउंड में श्री रामा भारतीय कला केंद्र द्वारा आयोजित रामलीला के नौंवे दिन लंका में भगवान राम व रावण की सेनाओं के बीच युद्ध हुआ। इसमें लक्ष्मण मूर्छित हुए तो हनुमान संजीवनी बूटी लेने के लिए हिमालय की ओर रवाना हुए। वहीं, दशहरे पर आज 60 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा।
रामलीला मंचन में राम-विभीषण मित्रता, रावण के दरबार में अंगद का पांव जमाना, युद्ध का प्रारंभ, लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण मूर्छा व हनुमान द्वारा हिमालय से संजीवनी बूटी लाना जैसे प्रसंग दिखाए गए। राक्षसों और वानरों के युद्ध से सभी दिशाओं में कोलाहल मच गया। मेघनाद ने लक्ष्मण पर प्रहार किया और लक्ष्मण मूर्छित हो गए। इस पर विभीषण के सुझाव पर सुषेण वैद्य को बुलाया गया और उन्होंने संजीवनी बूटी लाने की बात कही। इस पर हनुमान संजीवनी बूटी लाने में सफल होते हैं। इससे लक्ष्मण के प्राण लौट आते हैं। प्रधान भारतभूषण गर्ग ने बताया कि विजयदशमी के दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला श्रीराम का राज तिलक करेंगे।