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Jind News: वीटा प्लांट में 45 लाख से बनेगा 100 एमटी बटर के स्टॉक के लिए कोल्ड स्टोर
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22जेएनडी24: वीटा प्लांट का वह स्थान जहां पर बटर स्टोरेज के लिए कोल्ड स्टोर बनेगा। संवाद
- फोटो : संवाद
जींद। वीटा प्लांट में अब बटर के स्टॉक के लिए कोल्ड स्टोर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 45 लाख रुपये की राशि का टेंडर लगाया गया है। इसके निर्माण के लिए 12 अगस्त को टेंडर की ऑनलाइन बिड खुलेगी। टेंडर जारी होने के बाद निर्धारित समय में निर्माण के लिए काम शुरू करवाया जाएगा।
हांसी रोड पर चल रहे वीटा प्लांट में दूध से बने खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। आसपास के जिलों में यहां पर बनने वाली खाद्य सामग्री को सप्लाई किया जाता है जबकि इन जिलों से दूध भी यहां पर आता है। इसमें दूध, दही, जलजीरा, पिन्नी, घी, बटर समेत कई तरह की खाद्य सामग्री बनती है।
कुछ महीनों पहले तक यहां पर घी का उत्पादन 10 एमटी रोज था। अब घी बनाने की क्षमता को दो गुणा किया गया। इसके बाद अब 20 एमटी घी प्रतिदिन यहां पर बनता है ताकि प्रदेश में इसको सप्लाई किया जा सके। वीटा के घी समेत अन्य खाद्य उत्पादों की प्रदेश में सबसे ज्यादा मांग है।
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वीटा प्लांट में घी बनाने की क्षमता बढ़ने के बाद कोल्ड स्टोर की जरूरत थी। 20 एमटी घी बनाने के लिए लगभग 25 एमटी बटर की जरूरत होती है। तीन शिफ्टों में यह काम चलता है। अगर सप्ताह में लगातार तीन दिन की छुट्टी हो जाए तो लगभग 100 एमटी बटर को स्टोर करने की जरूरत पड़ती थी।
इतनी जगह प्लांट में नहीं थी। इसको देखते हुए अब प्लांट में कोल्ड स्टोर बनाने का निर्णय लिया गया। इसका टेंडर आईडीएमसी की तरफ से जारी किया गया है ताकि इच्छुक एजेंसी इसके निर्माण के लिए आवेदन करे या टेंडर प्रक्रिया में भाग लें।
बाक्स
प्लांट में घी बनाने की क्षमता बढ़ने के कारण बटर स्टोर करने के लिए जगह कम पड़ रही थी। बटर को दो से तीन दिन तक स्टॉक करने के लिए यह कोल्ड स्टोर बनाया जाएगा। इसके बाद घी बनाने से लेकर बटर स्टोर करने के लिए आने वाली समस्या समाप्त हो जाएगी। इसके लिए 45 लाख रुपये की राशि से टेंडर लगाया गया है। -नरेंद्र धानिया, सीईओ, वीटा मिल्क प्लांट
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हांसी रोड पर चल रहे वीटा प्लांट में दूध से बने खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। आसपास के जिलों में यहां पर बनने वाली खाद्य सामग्री को सप्लाई किया जाता है जबकि इन जिलों से दूध भी यहां पर आता है। इसमें दूध, दही, जलजीरा, पिन्नी, घी, बटर समेत कई तरह की खाद्य सामग्री बनती है।
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कुछ महीनों पहले तक यहां पर घी का उत्पादन 10 एमटी रोज था। अब घी बनाने की क्षमता को दो गुणा किया गया। इसके बाद अब 20 एमटी घी प्रतिदिन यहां पर बनता है ताकि प्रदेश में इसको सप्लाई किया जा सके। वीटा के घी समेत अन्य खाद्य उत्पादों की प्रदेश में सबसे ज्यादा मांग है।
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वीटा प्लांट में घी बनाने की क्षमता बढ़ने के बाद कोल्ड स्टोर की जरूरत थी। 20 एमटी घी बनाने के लिए लगभग 25 एमटी बटर की जरूरत होती है। तीन शिफ्टों में यह काम चलता है। अगर सप्ताह में लगातार तीन दिन की छुट्टी हो जाए तो लगभग 100 एमटी बटर को स्टोर करने की जरूरत पड़ती थी।
इतनी जगह प्लांट में नहीं थी। इसको देखते हुए अब प्लांट में कोल्ड स्टोर बनाने का निर्णय लिया गया। इसका टेंडर आईडीएमसी की तरफ से जारी किया गया है ताकि इच्छुक एजेंसी इसके निर्माण के लिए आवेदन करे या टेंडर प्रक्रिया में भाग लें।
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प्लांट में घी बनाने की क्षमता बढ़ने के कारण बटर स्टोर करने के लिए जगह कम पड़ रही थी। बटर को दो से तीन दिन तक स्टॉक करने के लिए यह कोल्ड स्टोर बनाया जाएगा। इसके बाद घी बनाने से लेकर बटर स्टोर करने के लिए आने वाली समस्या समाप्त हो जाएगी। इसके लिए 45 लाख रुपये की राशि से टेंडर लगाया गया है। -नरेंद्र धानिया, सीईओ, वीटा मिल्क प्लांट