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माइनर निर्माण के काम को ग्रामीणों ने रूकवाया
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माइनर पक्की करने का विरोध करते लोग। संवाद
- फोटो : Jind
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जींद। सिंचाई विभाग की ओर से दबलैन गांव में माइनर पर करवाए जा रहे निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने बुधवार को रुकवा दिया। साथ ही उन्होंने नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। इस दौरान उनका कहना था कि विभाग की ओर से नरवाना माइनर पर सिर्फ दबलैन गांव में ही काम किया जा रहा है। विभाग माइनर की चौड़ाई कम कर रहा है। साथ ही माइनर का तल कंकरीट से पक्का करने की तैयारी में है। ग्रामीण पवन मोर, राकेश नाग, जसबीर, धर्मपाल, सुरेश, संदीप, सरोज, भतेरी, पूजा, शांति, मूर्ति ने कहा कि हमारे गांव में जमीनी पीने का पानी सिर्फ माइनर के पास ही है। पूरा गांव यहां लगे नलकों से पानी लेकर जाता है। पानी सही होने का कारण माइनर है। लोगों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा करने के लिए विभाग अब माइनर के तल पर पॉलिथीन बिछाकर उसे कंकरीट से पक्का करने में लगा है। इससे माइनर के पानी का रिसाव बंद हो जाएगा और गांव में पीने के पानी के लाले पड़ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बात गांव के पीने के पानी की सप्लाई की करें तो कभी भी पूरा पानी लोगों को नहीं मिलता और गर्मियों में कई दिनों तक पानी पहुंचता है। इसलिए ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि गांव से होकर गुजरने वाली माइनर के तल को किसी भी कीमत पर कंकरीट से पक्का नहीं होने देंगे।
एक करोड़ रुपये में पक्की की जा रही माइनर
दबलैन माइनर की करीब एक किलोमीटर लंबाई को पक्का किया जा रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने एक करोड़ नौ लाख रुपये का टेंडर दिया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि माइनर पक्की होने से भूमिगत पानी खराब हो जाएगा।
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कोट
ग्रामीणों ने माइनर के काम को विरोध करते हुए रुकवा दिया है। यह स्वीकृत काम है। यदि लोगों को कोई बात करनी है तो अधिकारियों से करनी चाहिए। यह मामला उच्च अधिकारियों तक भेज दिया गया है।
-बीडी जागलान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग नरवाना।
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उन्होंने कहा कि बात गांव के पीने के पानी की सप्लाई की करें तो कभी भी पूरा पानी लोगों को नहीं मिलता और गर्मियों में कई दिनों तक पानी पहुंचता है। इसलिए ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि गांव से होकर गुजरने वाली माइनर के तल को किसी भी कीमत पर कंकरीट से पक्का नहीं होने देंगे।
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एक करोड़ रुपये में पक्की की जा रही माइनर
दबलैन माइनर की करीब एक किलोमीटर लंबाई को पक्का किया जा रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने एक करोड़ नौ लाख रुपये का टेंडर दिया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि माइनर पक्की होने से भूमिगत पानी खराब हो जाएगा।
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ग्रामीणों ने माइनर के काम को विरोध करते हुए रुकवा दिया है। यह स्वीकृत काम है। यदि लोगों को कोई बात करनी है तो अधिकारियों से करनी चाहिए। यह मामला उच्च अधिकारियों तक भेज दिया गया है।
-बीडी जागलान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग नरवाना।