जींद। भंभेवा गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को सरकारी स्कूल में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरवाने की मांग को लेकर शहर में प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय पहुंच एसडीएम मेजर गायत्री अहलावत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भंभेवा के ग्रामीणों ने हरियाणा सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान भंभेवा गांव निवासी कश्मीर सेलवाल, रमेश चंद्र, नानकी, कमलेश, कविता, गीता, पूनम, बिमला, भतेरी, रीना, शांति, जितेंद्र, नंदराम, राजा, नसीब, राजेश ने कहा कि नई शिक्षा नीति के कारण बड़े पैमाने पर सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। हरियाणा में नई शिक्षा नीति के कारण पांच हजार सरकारी स्कू लों को बंद करने के इलावा हजारों स्कूलों से अध्यापक हटा दिए और उन स्कूलों में किसी को नहीं भेजा है। यह सरकार गरीब लोगों के बच्चों को अनपढ़ रखना चाहती है। इसलिए कहीं तो स्कूलों में एक ही विषय के दो-दो अध्यापक बैठा दिए हैं, लेकिन भंभेवा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से आठ अध्यापकों का तबादला कर दिया, लेकिन कोई भी अध्यापक अभी तक स्कूल में बदली होकर नहीं आया है। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति लागू करके प्रदेश सरकार निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है और चिराग योजना लागू करने का भी यही उद्देश्य है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया और सरकार व प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर समय रहते अध्यापकों की कमी पूरी नहीं कि गई तो ग्रामीण गांव के स्कूल के आगे धरना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि वह चिराग योजना के बिल्कुल विरोध में हैं। इसको सरकार शीघ्र वापस ले।