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बिजली संकट पर ग्रामीणों ने किया हंगामा
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जींद। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली के झटके भी लगने शुरू हो गए हैं। जिले में जरूरत से करीब साढ़े 17 लाख यूनिट बिजली कम मिल रही है। इसके चलते जहां ग्रामीण क्षेत्रों में करीब दस घंटे ही बिजली मिल रही है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी लंबे कट लग रहे हैं और खेत की लाइन पर सिर्फ छह घंटे ही बिजली सप्लाई हो रही है। ऐसे में शुक्रवार रात को बिशनपुरा व शादीपुरा गांवों के लोगों ने बिजली समस्या से परेशान होकर सीआरएसयू के गेट पर हंगामा किया। सीआरएसयू स्थित बिजली घर से ही इन गांवों को बिजली सप्लाई की जा रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि शाम को चारा काटने, खाना बनाने व खाने के समय उन्हें पिछले कई दिनों से बिजली नहीं मिल रही है। वहीं सुबह भी जरूरी कार्यों के समय पर बिजली नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार अघोषित कटों के चलते उनके रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में वे थक हार कर बिजलीघर के कर्मचारियों से बात करने पहुंचे थे, लेकिन सीआरएसयू के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर ही नहीं जाने दिया। इस पर लोगों ने गेट पर ही हंगामा किया। वहीं अधिकारियों के अनुसार जिले में औसत करीब 32 लाख 52 हजार यूनिट बिजली मिल रही है, जबकि गर्मी के मौसम में खपत प्रतिदिन करीब 50 लाख यूनिट की होती है। ऐसे में करीब साढ़े 17 लाख यूनिट बिजली कम मिल रही है।
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ग्रामीणों ने कहा कि शाम को चारा काटने, खाना बनाने व खाने के समय उन्हें पिछले कई दिनों से बिजली नहीं मिल रही है। वहीं सुबह भी जरूरी कार्यों के समय पर बिजली नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार अघोषित कटों के चलते उनके रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में वे थक हार कर बिजलीघर के कर्मचारियों से बात करने पहुंचे थे, लेकिन सीआरएसयू के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर ही नहीं जाने दिया। इस पर लोगों ने गेट पर ही हंगामा किया। वहीं अधिकारियों के अनुसार जिले में औसत करीब 32 लाख 52 हजार यूनिट बिजली मिल रही है, जबकि गर्मी के मौसम में खपत प्रतिदिन करीब 50 लाख यूनिट की होती है। ऐसे में करीब साढ़े 17 लाख यूनिट बिजली कम मिल रही है।
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