{"_id":"61759de565529d79962536b7","slug":"villagers-attacked-the-officers-who-came-to-open-the-siphon-jind-news-rtk6279936200","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइफन खुलवाने पहुंचे अधिकारियों पर ग्रामीणों ने किया हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइफन खुलवाने पहुंचे अधिकारियों पर ग्रामीणों ने किया हमला
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में दाखिल एसडीओ जितेंद्र। संवाद
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जुलाना। बराड़ खेड़ा और बुआना गांव के बीच रविवार दोपहर बाद साइफन खुलवाने पहुंचे अधिकारियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सिंचाई विभाग के एसडीओ, जुलाना थाना प्रभारी समरदीप व पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। इनको नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। इसके बाद बिना साइफन खुलवाए ही प्रशासनिक अमले को लौटना पड़ा।
इस बीच एक किसान ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों ने उसे बचा लिया। घटना के बाद बुआना के लोगों ने किनाना गांव के पास जींद-रेाहतक मार्ग पर जाम लगा दिया और कहा कि वह किसी भी हालत में बुआना गांव की ओर पानी की निकासी नहीं होने देंगे।
बता दें कि बराड़ खेड़ा व बुआना गांव में पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे किसानों की पकी पकाई फसल खराब हो गई। ग्रामीण बार-बार प्रशासन से पानी निकाले की गुहार लगा रहे हैं। बराड़ खेड़ा गांव में करीब 400 एकड़ फसल में पानी भरा हुआ है। बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पानी की निकासी को लेकर कई बार पंचायतें भी हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। बराड़ खेड़ा के लोगों ने प्रशासन से पानी निकासी के लिए साइफन खुलवाने की मांग की है। नायब तहसीलदार दीपक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पहुंचा और साइफन को खुलवाने लगा। वहां पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और अधिकारियों पर हमला कर दिया। इस हमले में नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, थाना प्रभारी समरजीत व कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। इसके बाद प्रशासनिक अमला बिना साइफन खुलवाए ही बैरंग लौट आया। घायल अधिकारियों को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीसी नरेश नरवाल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस बीच एक किसान ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों ने उसे बचा लिया। घटना के बाद बुआना के लोगों ने किनाना गांव के पास जींद-रेाहतक मार्ग पर जाम लगा दिया और कहा कि वह किसी भी हालत में बुआना गांव की ओर पानी की निकासी नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
बता दें कि बराड़ खेड़ा व बुआना गांव में पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे किसानों की पकी पकाई फसल खराब हो गई। ग्रामीण बार-बार प्रशासन से पानी निकाले की गुहार लगा रहे हैं। बराड़ खेड़ा गांव में करीब 400 एकड़ फसल में पानी भरा हुआ है। बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पानी की निकासी को लेकर कई बार पंचायतें भी हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। बराड़ खेड़ा के लोगों ने प्रशासन से पानी निकासी के लिए साइफन खुलवाने की मांग की है। नायब तहसीलदार दीपक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पहुंचा और साइफन को खुलवाने लगा। वहां पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और अधिकारियों पर हमला कर दिया। इस हमले में नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, थाना प्रभारी समरजीत व कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। इसके बाद प्रशासनिक अमला बिना साइफन खुलवाए ही बैरंग लौट आया। घायल अधिकारियों को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीसी नरेश नरवाल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन