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प्रतिबंध के बाद 1993 में जींद आए थे अशोक सिंहल
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Thu, 19 Nov 2015 12:53 AM IST
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अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण को लेकर विहिप के आंदोलन के बाद विहिप पर लगाए गए प्रतिबंध के दौरान जनवरी 1993 में अशोक सिंघल जींद में आए थे। इस दौरान जींद जिले के विहिप कार्यकर्ताओं ने परिषद की आर्थिक मदद के लिए दो लाख रुपये की थैली भेंट की थी।
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यहां आयोजित कार्र्यक्रम को हिंदू एकता मंच का नाम दिया गया था। सिंघल ने विहिप कार्यकर्ताओं के साथ उनके घर पर गुप्त रूप से बैठक भी की थी। इससे पहले, 1976 में हरियाणा के प्रांत प्रचारक के पद पर रहते हुए भी सिंघल जींद आए थे।
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विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक एवं राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार अशोक सिंघल का जींद जिले के साथ भी विशेष नाता रहा है। अपने जीवन काल के दौरान सिंघल ने कई बार जींद की यात्राएं की थी। विहिप के संरक्षक विजय बंसल ने बताया कि 1976 में सिंघल हरियाणा प्रांत के प्रचारक के पद थे और इस दौरान वह पहली बार जींद में आए थे। हरियाणा में विहिप को मजबूत करने में सिंघल ने अहम भूमिका निभाई थी।
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प्रियंका प्रेस के संचालक एवं विहिप कार्यकर्ता ईश्वरचंद ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर किए गए आंदोलन के कारण 1992 में विहिप पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। विहिप कार्यकर्ता गुप्त रूप से मीटिंग करते थे। ईश्वरचंद ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहते हुए जनवरी 1993 में सिंघल जींद में आए थे और इस दौरान गोपाल स्कूल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
यहां उन्होंने एक स्टेच्यू का उद्घाटन किया था। विहिप पर प्रतिबंध होने के कारण हिंदू एकता मंच के नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के बाद सिंघल ने उनके घर पर खाना खाया था। जींद के विहिप कार्यकर्ताओं ने संगठन की आर्थिक मदद के लिए उनके घर पर ही सिंघल को दो लाख रुपये की थैली भेंट की थी। इसके बाद अशोक सिंघल ने शहर की स्कीम नंबर छह में दीपचंद के घर पर रात्रि भोज किया और सुबह का नाश्ता सुरेश के घर पर किया था।