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Jind News: पूर्व मंत्री के बयान पर भड़के पशु चिकित्सक, काले बिल्ले लगाकर जताया विरोध
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27जेएनडी02: पॉलीक्लिनिक में काले बिल्ले लगाकर विरोध जताते हुए चिकित्सक। स्रोत : कर्मचारी
जींद। पूर्व मंत्री कर्ण सिंह दलाल की ओर से पशुपालन विभाग को लेकर दिए गए विवादित बयान के विरोध में पशु चिकित्सकों ने पॉलीक्लिनिक में काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया।
एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव डॉ. विजय कादयान ने कहा कि पूर्व मंत्री ने विभाग को डंगर महकमा कहकर संबोधित किया और डॉ. हरीश वशिष्ठ को मामूली अधिकारी बताकर न केवल एक अधिकारी का अपमान किया बल्कि पूरे विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. कादयान ने बताया कि पशु चिकित्सक प्रदेश में पशु कल्याण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस तरह बयान न केवल मनोबल गिराते हैं बल्कि समाज में भी गलत संदेश देते हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. हरीश वशिष्ठ ने लगभग दो दशक तक पशुपालन विभाग में उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं और बाद में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आईएएस बने। एसोसिएशन ने पूर्व मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
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एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव डॉ. विजय कादयान ने कहा कि पूर्व मंत्री ने विभाग को डंगर महकमा कहकर संबोधित किया और डॉ. हरीश वशिष्ठ को मामूली अधिकारी बताकर न केवल एक अधिकारी का अपमान किया बल्कि पूरे विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
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उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. कादयान ने बताया कि पशु चिकित्सक प्रदेश में पशु कल्याण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस तरह बयान न केवल मनोबल गिराते हैं बल्कि समाज में भी गलत संदेश देते हैं।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. हरीश वशिष्ठ ने लगभग दो दशक तक पशुपालन विभाग में उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं और बाद में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आईएएस बने। एसोसिएशन ने पूर्व मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।