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वंदे मातरम संपूर्ण भारत की आत्मा, चेतना और वीरता का प्रतीक : मंत्री बेदी
Sat, 08 Nov 2025 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:00 AM IST
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07जेएनडी15 : कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक नृत्य करती छात्राएं। स्रोत प्रशासन
जींद। कैबिनेट मंत्री बेदी ने कहा कि वंदे मातरम केवल दो शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत की आत्मा, चेतना और वीरता का प्रतीक है। जब-जब विदेशी शासन की बेड़ियां भारी हुईं, तब-तब वंदे मातरम के उद्घोष ने स्वतंत्रता सेनानियों में नई ऊर्जा और साहस का संचार किया।
यह बात उन्होंने शुक्रवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित जिलास्तरीय समारोह में कही। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में अपनी अमर कृति आनंद मठ में इस गीत को लिखा, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया जिसे उपस्थित विद्यार्थियों, अधिकारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सुना। मंत्री बेदी ने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और वंदे मातरम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
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उन्होंने कहा कि वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सात नवंबर 2025 से सात नवंबर 2026 तक देशभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनका उद्देश्य इस गीत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह, एडीसी विवेक आर्य, सीआरएसयू की रजिस्ट्रार लवलीन मोहन, एसडीएम सत्यवान मान और भाजपा जिला प्रधान तजेन्द्र ढूल, विभागों के अधिकारी व विद्यार्थी मौजूद रहे। डीसी इमरान रजा ने कहा कि वंदे मातरम के शब्द देशभक्ति की भावना जगाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अंत में मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन राज्य गीत और सामूहिक वंदे मातरम के साथ हुआ।
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यह बात उन्होंने शुक्रवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित जिलास्तरीय समारोह में कही। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में अपनी अमर कृति आनंद मठ में इस गीत को लिखा, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी।
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इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया जिसे उपस्थित विद्यार्थियों, अधिकारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सुना। मंत्री बेदी ने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और वंदे मातरम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
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उन्होंने कहा कि वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सात नवंबर 2025 से सात नवंबर 2026 तक देशभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिनका उद्देश्य इस गीत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह, एडीसी विवेक आर्य, सीआरएसयू की रजिस्ट्रार लवलीन मोहन, एसडीएम सत्यवान मान और भाजपा जिला प्रधान तजेन्द्र ढूल, विभागों के अधिकारी व विद्यार्थी मौजूद रहे। डीसी इमरान रजा ने कहा कि वंदे मातरम के शब्द देशभक्ति की भावना जगाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अंत में मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन राज्य गीत और सामूहिक वंदे मातरम के साथ हुआ।

07जेएनडी15 : कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक नृत्य करती छात्राएं। स्रोत प्रशासन