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सच्चा प्रेम असीमित होता है : सुखदेव
Fri, 13 Mar 2026 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:07 AM IST
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12जेएनडी20: कला धाम मंदिर सत्संग में पाठ सुनते श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु।
जींद। नई अनाज मंडी के सामने स्थित महान नगरी, कला धाम मंदिर में परम तपस्वी प्यारे महान कलाधारी जी महाराज के प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आगाज हुआ।
इस अवसर पर सुखदेव महाराज ने कहा कि मानव जीवन की असली सफलता प्रभु प्रेम को प्राप्त करने और निस्वार्थ भाव से संसार तक पहुंचाने में है। उन्होंने कहा कि सच्चा प्रेम असीमित होता है। इसे जितना बांटा जाता है, यह उतना ही बढ़ता है। विडंबना यह है कि आज संसार सच्चे प्रेम के लिए तरस रहा है क्योंकि इंसान केवल दूसरों से प्रेम पाने की इच्छा रखता है, जबकि प्रेम की अनुभूति उसे बांटने से शुरू होती है।
महाराज ने कहा कि व्यक्ति का परिचय चेहरे से हो सकता है लेकिन उसकी वास्तविक पहचान उसकी वाणी, व्यवहार और विचारों की शुद्धता से होती है। उन्होंने भक्तों का आह्वान किया कि यदि वे भगवान के करीब रहना चाहते हैं, तो उन्हें मन, कर्म और वचन से पवित्र रहना होगा, क्योंकि जहां पवित्रता है, वहीं परमात्मा का वास है। इस तीन दिवसीय महोत्सव और अखंड जाप में श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक शांति और दिव्य आनंद प्राप्त कर रहे हैं।
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इस अवसर पर सुखदेव महाराज ने कहा कि मानव जीवन की असली सफलता प्रभु प्रेम को प्राप्त करने और निस्वार्थ भाव से संसार तक पहुंचाने में है। उन्होंने कहा कि सच्चा प्रेम असीमित होता है। इसे जितना बांटा जाता है, यह उतना ही बढ़ता है। विडंबना यह है कि आज संसार सच्चे प्रेम के लिए तरस रहा है क्योंकि इंसान केवल दूसरों से प्रेम पाने की इच्छा रखता है, जबकि प्रेम की अनुभूति उसे बांटने से शुरू होती है।
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महाराज ने कहा कि व्यक्ति का परिचय चेहरे से हो सकता है लेकिन उसकी वास्तविक पहचान उसकी वाणी, व्यवहार और विचारों की शुद्धता से होती है। उन्होंने भक्तों का आह्वान किया कि यदि वे भगवान के करीब रहना चाहते हैं, तो उन्हें मन, कर्म और वचन से पवित्र रहना होगा, क्योंकि जहां पवित्रता है, वहीं परमात्मा का वास है। इस तीन दिवसीय महोत्सव और अखंड जाप में श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक शांति और दिव्य आनंद प्राप्त कर रहे हैं।
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