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Jind News: हांसी रोड पर लाखों की लागत से लगी तिरंगा लाइटें हुई खराब
Tue, 04 Nov 2025 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 04 Nov 2025 12:24 AM IST
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03जेएनडी10 : जुलाना के हांसी रोड़ पर बंद पड़ी तिरंगा लाइटें। संवाद
- फोटो : विजेथुआ महावीरन धाम का मकरीकुंड व मंदिर ।
जुलाना। नगर पालिका ने एक साल पहले हांसी रोड पर आधुनिक तिरंगा लाइट सिस्टम लगाया गया था। यह लाइटें कुछ दिन तो चली लेकिन उसके बाद इनमें से कुछ लाइटें खराब हो गई है।
हांसी रोड जुलाना की मुख्य सड़कों में से है जहां से रोजाना सैकड़ों वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं लेकिन लाइटों के बंद होने से रात के समय सड़क पर अंधेरा छा जाता है जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च कर यह लाइटें लगाई थीं लेकिन इनके रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
कस्बे के राजकुमार, कपिल, राजेश, नवीन आदि दुकानदारों ने कहा कि पहले इस रोड की पहचान ही इसकी सुंदर तिरंगा लाइटें बन गई थीं लेकिन अब यहां अंधेरा और टूटी-फूटी लाइटें नगर पालिका की लापरवाही की कहानी कह रही हैं।
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लोगों ने मांग की है कि लाइट सिस्टम की तुरंत मरम्मत करवाई जाए ताकि सड़क फिर से रोशन हो सके और सरकारी धन का सही उपयोग हो। जब तक नगर परिषद नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी तय नहीं करेगी तब तक ऐसे प्रोजेक्ट बेअसर रहेंगे।
तिरंगा लाइट का बंद होना सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। अगर समय रहते मेंटेनेंस पर ध्यान दिया जाता तो आज यह लाइटें शहर की शान बनी रहतीं।
वर्जन
तिरंगा लाइटें खराब होने की शिकायत मिली है। जल्द ही मैकेनिक को बुलाकर लाइटों को ठीक करवा दिया जाएगा ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।- सौरभ जैन, नपा सचिव, जुलाना
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हांसी रोड जुलाना की मुख्य सड़कों में से है जहां से रोजाना सैकड़ों वाहन और पैदल यात्री गुजरते हैं लेकिन लाइटों के बंद होने से रात के समय सड़क पर अंधेरा छा जाता है जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च कर यह लाइटें लगाई थीं लेकिन इनके रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
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कस्बे के राजकुमार, कपिल, राजेश, नवीन आदि दुकानदारों ने कहा कि पहले इस रोड की पहचान ही इसकी सुंदर तिरंगा लाइटें बन गई थीं लेकिन अब यहां अंधेरा और टूटी-फूटी लाइटें नगर पालिका की लापरवाही की कहानी कह रही हैं।
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लोगों ने मांग की है कि लाइट सिस्टम की तुरंत मरम्मत करवाई जाए ताकि सड़क फिर से रोशन हो सके और सरकारी धन का सही उपयोग हो। जब तक नगर परिषद नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी तय नहीं करेगी तब तक ऐसे प्रोजेक्ट बेअसर रहेंगे।
तिरंगा लाइट का बंद होना सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। अगर समय रहते मेंटेनेंस पर ध्यान दिया जाता तो आज यह लाइटें शहर की शान बनी रहतीं।
वर्जन
तिरंगा लाइटें खराब होने की शिकायत मिली है। जल्द ही मैकेनिक को बुलाकर लाइटों को ठीक करवा दिया जाएगा ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।- सौरभ जैन, नपा सचिव, जुलाना