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Jind News: डल्लेवाल का स्वास्थ्य बिगड़ने पर शुरू किया गया उपचार
Mon, 20 Jan 2025 12:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर रविवार को किसानों की सहमति से उनका उपचार शुरू करवाया गया। डल्लेवाल को चिकित्सकों ने ग्लूकोज लगाई।
तीन दिन से डल्लेवाल की हालत बहुत ही खराब थी। शनिवार रात उनकी बीपी बहुत बढ़ गया था। वहां मौजूद चिकित्सकों ने इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा था। मगर उन्होंने मना कर दिया था। इस दौरान डल्लेवाल ने मुंह से कुछ भी लेने से मना किया है। रविवार को किसान मोर्चे पर अगुवाई कर रहे। अलावा पांच दिनों से दाता सिंह वाला बाॅर्डर की सीमा पर बैठे 121 किसानों ने आमरण अनशन को समाप्त किया है। सभी किसानों ने डल्लेवाल से आग्रह किया कि सभी चाहते हैं कि आप 14 फरवरी की प्रस्तावित बातचीत में हिस्सा ले। किसानों के लिए जो संघर्ष आपने किया है। उसके लिए आपका बातचीत में होना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा सभी मांगों को लागू होने तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब केंद्र सरकार से 14 फरवरी को बातचीत होगी, तब तक धरना जारी रहेगा। शनिवार की रात लगभग 1 बजे 8 विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ डॉक्टरों का पैनल मोर्चे पर पहुंचा और डल्लेवाल को मेडिकल सहायता देना शुरू किया। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक डल्लेवाल अपना अनशन जारी रखेंगे और अन्न-भोजन ग्रहण नहीं करेंगे। किसान नेताओं ने बताया कि 23 फरवरी 2024 को किसान आंदोलन के समर्थन में हिसार के खेड़ी चौपटा में किसानो पर लाठियां बरसी थी। इसमें कई किसान घायल हुए थे और कई झूठे मुकदमे दर्ज किए गए थे। उस समय स्थानीय स्तर पर हुए समझौते के तहत प्रशासन ने मुकदमा रद्द करने का वायदा किया था, लेकिन 3-4 दिन पहले किसानों को दोबारा नोटिस भेजे जा रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन संबंधी मुकदमों को रद्द करवाना दोनों मोर्चों की जिम्मेदारी है और केंद्र सरकार के साथ होने वाली मीटिंग में इस विषय पर चर्चा करी जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि पहले से घोषित आगामी कार्यक्रमों के विषय में जल्द ही दोनों मोर्चों की मीटिंग कर के निर्णय लिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ खनौरी-दातासिंह वाला बार्डर के बीच बैठे 121 किसानों ने भी जूस पीकर अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया।
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फोटो कैप्शन
19 जेएनडी22: आमरण अनशन पर बैठे किसानों का अनशन समाप्त करवाते हुए बच्चे। स्रोत किसान
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जींद। खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर रविवार को किसानों की सहमति से उनका उपचार शुरू करवाया गया। डल्लेवाल को चिकित्सकों ने ग्लूकोज लगाई।
तीन दिन से डल्लेवाल की हालत बहुत ही खराब थी। शनिवार रात उनकी बीपी बहुत बढ़ गया था। वहां मौजूद चिकित्सकों ने इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा था। मगर उन्होंने मना कर दिया था। इस दौरान डल्लेवाल ने मुंह से कुछ भी लेने से मना किया है। रविवार को किसान मोर्चे पर अगुवाई कर रहे। अलावा पांच दिनों से दाता सिंह वाला बाॅर्डर की सीमा पर बैठे 121 किसानों ने आमरण अनशन को समाप्त किया है। सभी किसानों ने डल्लेवाल से आग्रह किया कि सभी चाहते हैं कि आप 14 फरवरी की प्रस्तावित बातचीत में हिस्सा ले। किसानों के लिए जो संघर्ष आपने किया है। उसके लिए आपका बातचीत में होना बहुत जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा सभी मांगों को लागू होने तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब केंद्र सरकार से 14 फरवरी को बातचीत होगी, तब तक धरना जारी रहेगा। शनिवार की रात लगभग 1 बजे 8 विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ डॉक्टरों का पैनल मोर्चे पर पहुंचा और डल्लेवाल को मेडिकल सहायता देना शुरू किया। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक डल्लेवाल अपना अनशन जारी रखेंगे और अन्न-भोजन ग्रहण नहीं करेंगे। किसान नेताओं ने बताया कि 23 फरवरी 2024 को किसान आंदोलन के समर्थन में हिसार के खेड़ी चौपटा में किसानो पर लाठियां बरसी थी। इसमें कई किसान घायल हुए थे और कई झूठे मुकदमे दर्ज किए गए थे। उस समय स्थानीय स्तर पर हुए समझौते के तहत प्रशासन ने मुकदमा रद्द करने का वायदा किया था, लेकिन 3-4 दिन पहले किसानों को दोबारा नोटिस भेजे जा रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन संबंधी मुकदमों को रद्द करवाना दोनों मोर्चों की जिम्मेदारी है और केंद्र सरकार के साथ होने वाली मीटिंग में इस विषय पर चर्चा करी जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि पहले से घोषित आगामी कार्यक्रमों के विषय में जल्द ही दोनों मोर्चों की मीटिंग कर के निर्णय लिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ खनौरी-दातासिंह वाला बार्डर के बीच बैठे 121 किसानों ने भी जूस पीकर अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया।
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19 जेएनडी22: आमरण अनशन पर बैठे किसानों का अनशन समाप्त करवाते हुए बच्चे। स्रोत किसान