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Jind News: त्योहारों पर घर जाने की राह मुश्किल, ट्रेनों में सीटें फुल
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फोटो 02जेएनडी16-रेलवे जंक्शन पर ट्रेन में सवार होते यात्री। संवाद
जींद। त्योहार नजदीक आते ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। घर जाने की तैयारी कर रहे प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी टिकट की है। जींद जंक्शन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल हो गया है।
अवध-असम एक्सप्रेस में स्लीपर से लेकर एसी श्रेणियों तक लंबी वेटिंग चल रही है। वहीं पंजाब मेल और फरक्का एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में दूसरे राज्यों से जींद और आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए परिवार के साथ त्योहार मनाने घर पहुंचना चुनौती बन गया है।
ट्रेनों में वेटिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन नंबर 12138 पंजाब मेल में स्लीपर की 41, थ्री एसी की 21 और टू एसी की 13 वेटिंग चल रही है। ट्रेन नंबर 15744 फरक्का एक्सप्रेस में स्थिति और गंभीर है। इसमें स्लीपर की वेटिंग 95 तक पहुंच गई है। थ्री एसी में 57 और टू एसी में 21 वेटिंग है। वहीं, ट्रेन नंबर 15910 अवध-असम एक्सप्रेस में भी तीनों श्रेणियों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं।
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तीनों ट्रेनें प्रवासियों के लिए अहम
जींद से होकर गुजरने वाली ये ट्रेनें बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम सहित कई राज्यों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अवध-असम एक्सप्रेस रात करीब आठ बजे लालगढ़ से चलती है। पीलीबंगा, मंडी डबवाली, बठिंडा, जाखल और टोहाना होते हुए सुबह 4:27 बजे जींद पहुंचती है। यहां दो मिनट रुकने के बाद रोहतक, बहादुरगढ़, दिल्ली, हरदोई और लखनऊ होते हुए दोपहर करीब 2:15 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचती है। पंजाब मेल रात करीब दस बजे फिरोजपुर कैंट से रवाना होती है। कोटकपूरा, बठिंडा और जाखल होते हुए रात करीब ढाई बजे जींद पहुंचती है। यहां से रोहतक, नई दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा और आगरा होते हुए मुंबई सेंट्रल जाती है। इसी तरह फरक्का एक्सप्रेस दोपहर करीब 4:30 बजे बठिंडा से चलती है। टोहाना और नरवाना होते हुए शाम करीब छह बजे जींद पहुंचती है। दो मिनट के ठहराव के बाद रोहतक, दिल्ली, गाजियाबाद और लखनऊ होते हुए बालूरघाट जाती है।
छह से 15 नवंबर तक त्योहारों की धूम
नवंबर में त्योहारों की लंबी शृंखला है। छह नवंबर को धनतेरस, आठ नवंबर को दिवाली, दस नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैया दूज और 15 नवंबर को छठ पूजा है। इन त्योहारों पर बड़ी संख्या में प्रवासी अपने परिवारों के साथ घर लौटते हैं। यही वजह है कि ट्रेनों में सीटों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
वर्जन
त्योहारी सीजन के चलते ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। किस ट्रेन में अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाएंगे, इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। लंबी दूरी की ये ट्रेनें दूसरे स्टेशनों से चलकर जींद से गुजरती हैं। -जसमेर कुंडू, अधीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद
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अवध-असम एक्सप्रेस में स्लीपर से लेकर एसी श्रेणियों तक लंबी वेटिंग चल रही है। वहीं पंजाब मेल और फरक्का एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में दूसरे राज्यों से जींद और आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए परिवार के साथ त्योहार मनाने घर पहुंचना चुनौती बन गया है।
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ट्रेनों में वेटिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन नंबर 12138 पंजाब मेल में स्लीपर की 41, थ्री एसी की 21 और टू एसी की 13 वेटिंग चल रही है। ट्रेन नंबर 15744 फरक्का एक्सप्रेस में स्थिति और गंभीर है। इसमें स्लीपर की वेटिंग 95 तक पहुंच गई है। थ्री एसी में 57 और टू एसी में 21 वेटिंग है। वहीं, ट्रेन नंबर 15910 अवध-असम एक्सप्रेस में भी तीनों श्रेणियों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं।
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तीनों ट्रेनें प्रवासियों के लिए अहम
जींद से होकर गुजरने वाली ये ट्रेनें बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम सहित कई राज्यों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अवध-असम एक्सप्रेस रात करीब आठ बजे लालगढ़ से चलती है। पीलीबंगा, मंडी डबवाली, बठिंडा, जाखल और टोहाना होते हुए सुबह 4:27 बजे जींद पहुंचती है। यहां दो मिनट रुकने के बाद रोहतक, बहादुरगढ़, दिल्ली, हरदोई और लखनऊ होते हुए दोपहर करीब 2:15 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचती है। पंजाब मेल रात करीब दस बजे फिरोजपुर कैंट से रवाना होती है। कोटकपूरा, बठिंडा और जाखल होते हुए रात करीब ढाई बजे जींद पहुंचती है। यहां से रोहतक, नई दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा और आगरा होते हुए मुंबई सेंट्रल जाती है। इसी तरह फरक्का एक्सप्रेस दोपहर करीब 4:30 बजे बठिंडा से चलती है। टोहाना और नरवाना होते हुए शाम करीब छह बजे जींद पहुंचती है। दो मिनट के ठहराव के बाद रोहतक, दिल्ली, गाजियाबाद और लखनऊ होते हुए बालूरघाट जाती है।
छह से 15 नवंबर तक त्योहारों की धूम
नवंबर में त्योहारों की लंबी शृंखला है। छह नवंबर को धनतेरस, आठ नवंबर को दिवाली, दस नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैया दूज और 15 नवंबर को छठ पूजा है। इन त्योहारों पर बड़ी संख्या में प्रवासी अपने परिवारों के साथ घर लौटते हैं। यही वजह है कि ट्रेनों में सीटों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
वर्जन
त्योहारी सीजन के चलते ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। किस ट्रेन में अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाएंगे, इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। लंबी दूरी की ये ट्रेनें दूसरे स्टेशनों से चलकर जींद से गुजरती हैं। -जसमेर कुंडू, अधीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद