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हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स के पार्क के पास से हटाए जाएंगे ट्रांसफार्मर
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सोसायटी के पार्क के साथ लगाए गए बिजली के ट्रांसफर्मर। अमर उजाला
- फोटो : Jind
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सेक्टर आठ में हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए गए 252 फ्लैट मालिकों की समस्याएं जानने के शुक्रवार को बोर्ड के अधिकारी जींद पहुंचे। इस दौरान मकान मालिकों ने निर्माण गुणवत्ता से लेकर तमाम व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। सोसायटी परिसर में लगाए गए बिजली के ट्रांसफार्मर को हटाने की मांग की। जांच के लिए पहुंचे बोर्ड के चीफ इंजीनियर, सचिव, एसडीओ व प्रबंधक ने बिजली के ट्रांसफार्मर सोसायटी परिसर से बाहर लगाने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि जो-जो समस्याएं बताई गई हैं, उनको ठीक करवाया जाएगा।
दरअसल हाउसिंग बोर्ड ने 2010 में फ्लैट्स के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें जिन लोगों ने आवेदन किए उनको ड्रॉ के आधार पर 252 लोगों को फ्लैट्स आवंटित कर दिए गए। अब इन लोगों का आरोप है कि यह फ्लैट्स 2013 में देने का वादा किया गया था और इसकी कीमत भी साढ़े सात लाख रुपये बताई गई थी। वहीं अब हाउसिंग बोर्ड करीब 15 लाख रुपये मांग रहा है। इसके अलावा यहां बनाए गए फ्लैट्स की गुणवत्ता भी सही नहीं है। अब तक मालिकों ने कब्जा भी नहीं लिया है और कई जगह दरारें आ गई हैं। खिड़कियों के कांच टूटे हुए हैं। पानी की टंकियों की हालत खस्ता है। पार्क सही नहीं हैं। करीब एक घंटे तक सभी अधिकारियों चीफ इंजीनियर एनके साहू, सचिव गगनदीप, एसडीओ दीक्षा, कार्यकारी प्रबंधक प्रताप सैनी व अधीक्षक जयपाल ने हर खामी को बारीकि से देखा।
नोट करवाई हैं खामियां
फ्लैट्स मालिकों की मांग पर अधिकारी यहां पहुंचे हुए थे। इस दौरान सभी समस्याओं से अवगत करवाया गया है। हालांकि हाउसिंग बोर्ड फ्लैट तैयार होने की बात कह रहा है, लेकिन अभी तक पानी व बिजली के कनेक्शन सही प्रकार से नहीं है। ऐसे में सभी समस्याएं दूर करने की मांग की है।
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कर्मपाल शास्त्री, फ्लैट मालिक
फ्लैट्स मालिकों ने समस्याएं बताई हैं। इसके लिए सभी उच्च अधिकारी मौके पर आए हुए थे। इनको दूर किया जाएगा। सभी समस्याओं की जानकारी ले ली गई है।
प्रताप सैनी, कार्यकारी प्रबंधक, हाउसिंग बोर्ड।
उजाला।
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दरअसल हाउसिंग बोर्ड ने 2010 में फ्लैट्स के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें जिन लोगों ने आवेदन किए उनको ड्रॉ के आधार पर 252 लोगों को फ्लैट्स आवंटित कर दिए गए। अब इन लोगों का आरोप है कि यह फ्लैट्स 2013 में देने का वादा किया गया था और इसकी कीमत भी साढ़े सात लाख रुपये बताई गई थी। वहीं अब हाउसिंग बोर्ड करीब 15 लाख रुपये मांग रहा है। इसके अलावा यहां बनाए गए फ्लैट्स की गुणवत्ता भी सही नहीं है। अब तक मालिकों ने कब्जा भी नहीं लिया है और कई जगह दरारें आ गई हैं। खिड़कियों के कांच टूटे हुए हैं। पानी की टंकियों की हालत खस्ता है। पार्क सही नहीं हैं। करीब एक घंटे तक सभी अधिकारियों चीफ इंजीनियर एनके साहू, सचिव गगनदीप, एसडीओ दीक्षा, कार्यकारी प्रबंधक प्रताप सैनी व अधीक्षक जयपाल ने हर खामी को बारीकि से देखा।
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नोट करवाई हैं खामियां
फ्लैट्स मालिकों की मांग पर अधिकारी यहां पहुंचे हुए थे। इस दौरान सभी समस्याओं से अवगत करवाया गया है। हालांकि हाउसिंग बोर्ड फ्लैट तैयार होने की बात कह रहा है, लेकिन अभी तक पानी व बिजली के कनेक्शन सही प्रकार से नहीं है। ऐसे में सभी समस्याएं दूर करने की मांग की है।
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कर्मपाल शास्त्री, फ्लैट मालिक
फ्लैट्स मालिकों ने समस्याएं बताई हैं। इसके लिए सभी उच्च अधिकारी मौके पर आए हुए थे। इनको दूर किया जाएगा। सभी समस्याओं की जानकारी ले ली गई है।
प्रताप सैनी, कार्यकारी प्रबंधक, हाउसिंग बोर्ड।
उजाला।

अधिकारियों को मकानों में आईं दरारें दिखाते फ्लैट्स मालिक। अमर उजाला- फोटो : Jind