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Jind News: महिलाओं और युवतियों के लिए नरवाना में हस्तनिर्मित खिलौने प्रशिक्षण शुरू
Mon, 13 Jul 2026 04:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 13 Jul 2026 04:39 PM IST
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फोटो 4 नरवाना। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए। स्रोत संस्थान।
नरवाना। पंजाब नेशनल बैंक किसान प्रशिक्षण केंद्र, सच्चा खेड़ा में पांच दिवसीय निशुल्क हस्तनिर्मित मुलायम खिलौने निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ना है। इसमें टेडी बियर, तकिए और कुशन बनाना सिखाया जाएगा।
यह प्रशिक्षण भाकृअनुप-राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र सीआईआरबी, हिसार के वित्तीय सहयोग से हो रहा है। यह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एससी/एसपी योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है। केंद्र के निदेशक हितेश कालरा ने बताया कि हस्तनिर्मित सॉफ्ट टॉय की बाजार में अच्छी मांग है। इस प्रशिक्षण से महिलाएं और युवतियां घर बैठे स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं। वे अपनी आय बढ़ा सकती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
इंसेट
कटिंग, सिलाई, स्टफिंग और फिनिशिंग सिखाई जाएगी
प्रशिक्षण में आधुनिक डिजाइन, कटिंग, सिलाई, स्टफिंग और फिनिशिंग सिखाई जाएगी। आकर्षक सॉफ्ट टॉय तैयार करने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, मूल्य निर्धारण और विपणन की जानकारी भी मिलेगी। इससे प्रतिभागी अपने उत्पादों को बाजार तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेंगे।
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इसी अवसर पर केंद्र में तीन दिवसीय निशुल्क मछली पालन एवं प्रबंधन प्रशिक्षण भी शुरू हुआ। इसमें प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन, प्रबंधन और आय बढ़ाने के उपाय बताए जाएंगे। केंद्र प्रबंधन ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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यह प्रशिक्षण भाकृअनुप-राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र सीआईआरबी, हिसार के वित्तीय सहयोग से हो रहा है। यह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एससी/एसपी योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है। केंद्र के निदेशक हितेश कालरा ने बताया कि हस्तनिर्मित सॉफ्ट टॉय की बाजार में अच्छी मांग है। इस प्रशिक्षण से महिलाएं और युवतियां घर बैठे स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं। वे अपनी आय बढ़ा सकती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
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कटिंग, सिलाई, स्टफिंग और फिनिशिंग सिखाई जाएगी
प्रशिक्षण में आधुनिक डिजाइन, कटिंग, सिलाई, स्टफिंग और फिनिशिंग सिखाई जाएगी। आकर्षक सॉफ्ट टॉय तैयार करने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, मूल्य निर्धारण और विपणन की जानकारी भी मिलेगी। इससे प्रतिभागी अपने उत्पादों को बाजार तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेंगे।
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इसी अवसर पर केंद्र में तीन दिवसीय निशुल्क मछली पालन एवं प्रबंधन प्रशिक्षण भी शुरू हुआ। इसमें प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन, प्रबंधन और आय बढ़ाने के उपाय बताए जाएंगे। केंद्र प्रबंधन ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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