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Jind News: फसल अवशेष निपटान के उपकरणों की सब्सिडी के बारे में बताया
Sat, 26 Oct 2024 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 26 Oct 2024 12:55 AM IST
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उचाना। भगवान परशुराम धर्मशाल में शुक्रवार को एसडीएम डॉ .किरण सिंह ने उचाना, अलेवा ब्लॉक के सरपंचों, नंबरदारों एवं ग्राम सचिवों की बैठक ली। किसानों को पराली निपटान के लिए उपकरण को उपलब्ध करवाने, फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया।
एसडीएम ने निर्देश दिए गए कि किसानों से सभी सचिव, सरपंच बात करें कि उनको कहां पर परेशानियां हो रही है। किसान पराली जलाने को क्यों मजबूर है, क्योंकि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जहां किसानों को उपकरण उपलब्ध नहीं है। वहां पर पराली के निपटान के लिए साधनों को उपलब्ध करवाना मुख्य उद्देश्य है। उन्होने फसल अवशेष निपटान के उपकरणों की कमी पर बताया कि जब उपकरणों पर सब्सिडी के लिए फॉर्म अप्लाई करने थे तो वह अप्लाई करने वाले के लिए ही उपलब्ध थी। उचाना, अलेवा ब्लॉक में अप्लाई करने वालों की संख्या बहुत कम थी। इसके कारण उपकरण कम मिले। उन्होंने कहा कि बैठक में कई सरपंचों का कहना था कि पंचायती तौर पर मशीन में उपलब्ध करवाई जाए। पंचायती तौर पर फॉर्म अप्लाई करें और जैसा भी संभव होगा वह उपकरण सरपंचों को पंचायती तौर पर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे ।
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एसडीएम ने निर्देश दिए गए कि किसानों से सभी सचिव, सरपंच बात करें कि उनको कहां पर परेशानियां हो रही है। किसान पराली जलाने को क्यों मजबूर है, क्योंकि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जहां किसानों को उपकरण उपलब्ध नहीं है। वहां पर पराली के निपटान के लिए साधनों को उपलब्ध करवाना मुख्य उद्देश्य है। उन्होने फसल अवशेष निपटान के उपकरणों की कमी पर बताया कि जब उपकरणों पर सब्सिडी के लिए फॉर्म अप्लाई करने थे तो वह अप्लाई करने वाले के लिए ही उपलब्ध थी। उचाना, अलेवा ब्लॉक में अप्लाई करने वालों की संख्या बहुत कम थी। इसके कारण उपकरण कम मिले। उन्होंने कहा कि बैठक में कई सरपंचों का कहना था कि पंचायती तौर पर मशीन में उपलब्ध करवाई जाए। पंचायती तौर पर फॉर्म अप्लाई करें और जैसा भी संभव होगा वह उपकरण सरपंचों को पंचायती तौर पर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे ।
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