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Jind News: बाल विवाह रोकने के लिए ढाठरथ गांव के स्कूल में करवाई गई पेंटिंग प्रतियोगिता
Thu, 09 May 2024 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 09 May 2024 01:17 AM IST
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ढाठरथ गांव के स्कूल में पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेतीं छात्राएं। स्रोत : प्रशासन
जींद। बाल विवाह जैसी कुप्रथा रोकने के लिए उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा के मार्ग दर्शन में समय-समय पर जिला प्रशासन की ओर से अनेक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में ढाठरथ गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पेंटिंग प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें स्कूली विद्यार्थियों की ओर से पेंटिंग के माध्यम से अक्षय तृतीया के मौके पर बाल विवाह रोकने का संदेश दिया गया।
डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि 10 मई को अक्षय तृतीया है। इस दिन बाल विवाह अधिक संख्या में होने संभावित हैं जो कि एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस प्रकार की शादियां गैर कानूनी और अमान्य मानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है, या करने में उसकी किसी भी प्रकार से सहायता करता है, उसे दो साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि बाल विवाह की सूचना तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दें। बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो जिला में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय रहेगी। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे जिला में बाल विवाह से संबंधित मिलने वाली शिकायतों पर प्राथमिकता व समयबद्ध तरीके से संज्ञान लें ।
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डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि 10 मई को अक्षय तृतीया है। इस दिन बाल विवाह अधिक संख्या में होने संभावित हैं जो कि एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस प्रकार की शादियां गैर कानूनी और अमान्य मानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है, या करने में उसकी किसी भी प्रकार से सहायता करता है, उसे दो साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि बाल विवाह की सूचना तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दें। बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो जिला में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय रहेगी। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे जिला में बाल विवाह से संबंधित मिलने वाली शिकायतों पर प्राथमिकता व समयबद्ध तरीके से संज्ञान लें ।
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