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मंत्रियों पर लगाम कसे सरकार, नहीं तो जाट डालेंगे नाथ
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:24 AM IST
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धरने पर नारेबाजी करती महिलाएं।
- फोटो : jind
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि 19 फरवरी को प्रदेश के सभी जिलों में चल रहे धरनों पर आर-पार की लड़ाई का एलान किया जाएगा। इसके लिए 17 फरवरी को रोहतक के जसिया में चल रहे धरने पर बैठक करके फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद ही सीआईडी की रिपोर्ट लीक करवाई है और सरकार चाहती है कि फिर से प्रदेश में माहौल खराब हो। लेकिन जाट समाज सरकार के इस षड्यंत्र में कामयाब नहीं होने देगा। मलिक ने कहा कि सीआईडी की रिपोर्ट झूठी है। साथ ही उन्होंने सरकार से आह्वान किया वे इस प्रकार के बयान देने वाले अपने मंत्रियों और अधिकारियों पर लगाम लगाए, नहीं तो प्रदेश के जाट ऐसे अधिकारियों और मंत्रियों को नाथ डालेंगे और छिक्का लगाएंगे।
ईक्कस गांव में धरने के दौरान यशपाल मलिक ने कहा कि 17 फरवरी को प्रत्येक जिले के धरने से दो-दो आदमी जसिया धरने पर पहुंचेंगे। वहां बैठक कर आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया जाएगा। 19 फरवरी का दिन प्रत्येक धरने पर बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसी दिन 17 फरवरी को जो निर्णय लिया जाएगा, उसकी घोषणा 19 फरवरी को धरनों से की जाएगी।
मुख्यमंत्री के बयान पर एतराज
यशपाल मलिक ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर एतराज जताया, जिसमें उन्होंने 302 व 307 के केस वापस नहीं लेने की बात कही है। मलिक ने कहा कि यदि ऐसा है तो हत्या और हत्या के प्रयास करने वालों पर भी केस बनने चाहिए। मलिक ने कहा कि सांसद राजकुमार सैनी व उनकी ब्रिगेड भी इसमें शामिल थी। यदि उनके खिलाफ केस दर्ज होते हैं तो जाट झूठे केस भुगतने के लिए भी तैयार हैं।
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दिल्ली में भी हो सकता हैं आंदोलन
हालांकि यशपाल मलिक ने सख्त निर्णय का एलान किया है, लेकिन इसको अभी साफ नहीं किया है। पत्रकारों से बातचीत में मलिक ने कहा कि सख्त निर्णय सिर्फ रेल व सड़क रोकना ही नहीं है। इसके तहत दूसरे राज्यों में भी आंदोलन किया जा सकता है। दिल्ली में चुनाव होना है, ऐसे में वहां भी आंदोलन हो सकता है।
लंबी लड़ाई के लिए मांगा समर्थन
धरने पर अपने संबोधन के शुरू में ही मलिक ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी। ऐसे में उन्होंने लोगों ने पूछा कि लंबी लड़ाई के लिए क्या वे तैयार हैं। इस पर लोगों ने अपना समर्थन जताया। इसके बाद मलिक ने कहा कि सख्त फैसला लें तो क्या वे तैयार हैं। लोगों ने एक सुर में इस पर सहमति दे दी। इसके बाद मलिक ने सख्त भाषा में सरकार पर निशाना साधा।
डेरा सच्चा सौदा के इशारे पर हुई संत रामपाल पर कार्रवाई
जिस समय यशपाल मलिक ईक्कस गांव में धरने पर पहुंचे, उस दौरान काफी संख्या में रामपाल समर्थक भी वहां पहुंच गए। इस पर मलिक ने कहा कि सरकार ने डेरा सच्चा सौदा के इशारे पर संत रामपाल पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि रामपाल समर्थक उनके साथ खड़े रहें। वे जानते हैं सरकार कैसे बदलनी है।
सशर्त वार्ता नहीं मंजूर
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि वे सशर्त बातचीत नहीं करेंगे। गौरतलब है कि सरकार ने 302 और 307 के केस वापस लेने से मना किया है। मलिक ने कहा कि यदि केस वापस होंगे तो सभी होंगे।
महासचिव ने साधा खाप नेताओं पर निशाना
समिति के महासचिव बलराज बल्हारा ने कहा कि सरकार ने खापों की आड़ में आर्थिक आरक्षण लागू करने का प्रयास किया, लेकिन इसका हर किसी ने विरोध किया। बल्हारा ने कहा कि सरकार का साथ देने वाली खाप नहीं, कुछ लोग हैं। उन्होंने कहा कि सूबे सिंह, हवा सिंह व नफे सिंह तीनों को जाटों ने ब्रेकिट में बंद कर सरकारी लिख दिया है।
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सरकारी कर्मचारियों का पहचान-पत्र देख करें बाहर
बल्हारा ने कहा कि बेशक सरकार खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के लोग धरने से दूर रहते हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों को धरनों पर भेज कर प्रशासन माहौल खराब करना चाहता है। उन्होंने जींद के डीसी विनय सिंह और सीआईडी के एसपी राकेश आर्य का नाम लेकर कहा कि ये लोग गलत रिपोर्ट भेज रहे हैं। बल्हारा ने लोगों से कहा कि वे यदि कोई सरकारी कर्मचारी धरने पर आता है तो वे उसका पहचान पत्र देखकर उसे बाहर कर सकते हैं।
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खाप नेता हुए शामिल
धरने पर बुधवार को कई खाप नेता भी शामिल हुए। इस दौरान ढुल खाप के प्रधान इंद्र सिंह ढुल, दाड़न खाप के प्रधान देवा सिंह, माजरा खाप के प्रधान एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढाल, दलाल खाप के होशियार सिंह, जुलाना बाहरा के दलेल सिंह लाठर, धमतान ताप के रंगीराम नैन, खेड़ा खाप के पहलवान सतबीर सिंह व अग्रवाल सभा के जगन्नाथ मौजूद रहे।
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कर्ण सिंह के निधन पर जताया शोक
यशपाल मलिक ने पाजू खुर्द गांव में कर्ण सिंह के घर जाकर शोक जताया। गौरतलब है कि धरने पर ही हार्ट अटैक के कारण कर्ण सिंह की मौत हो गई थी। मलिक ने कर्ण सिंह की मौत पर संवेदनाएं प्रकट करते हुए परिवार को समाज की ओर से आर्थिक सहायता देने व धरना स्थल पर परिवार के सदस्यों को सम्मानित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे सरकार से परिवार के लिए एक नौकरी व दस लाख रुपये देने की मांग करेंगे।
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नेता ने कहा, बंद कर देंगे दिल्ली की सब्जी और दूध की सप्लाई, मलिक ने किया खंडन
धरने के दौरान समिति के एक नेता कहा कि यदि 19 फरवरी तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तो दिल्ली की सब्जी और दूध की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। इस पर मलिक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार का कोई फैसला नहीं है। फैसला 17 फरवरी की मीटिंग में ही किया जाएगा।
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ईक्कस गांव में धरने के दौरान यशपाल मलिक ने कहा कि 17 फरवरी को प्रत्येक जिले के धरने से दो-दो आदमी जसिया धरने पर पहुंचेंगे। वहां बैठक कर आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया जाएगा। 19 फरवरी का दिन प्रत्येक धरने पर बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसी दिन 17 फरवरी को जो निर्णय लिया जाएगा, उसकी घोषणा 19 फरवरी को धरनों से की जाएगी।
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मुख्यमंत्री के बयान पर एतराज
यशपाल मलिक ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर एतराज जताया, जिसमें उन्होंने 302 व 307 के केस वापस नहीं लेने की बात कही है। मलिक ने कहा कि यदि ऐसा है तो हत्या और हत्या के प्रयास करने वालों पर भी केस बनने चाहिए। मलिक ने कहा कि सांसद राजकुमार सैनी व उनकी ब्रिगेड भी इसमें शामिल थी। यदि उनके खिलाफ केस दर्ज होते हैं तो जाट झूठे केस भुगतने के लिए भी तैयार हैं।
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दिल्ली में भी हो सकता हैं आंदोलन
हालांकि यशपाल मलिक ने सख्त निर्णय का एलान किया है, लेकिन इसको अभी साफ नहीं किया है। पत्रकारों से बातचीत में मलिक ने कहा कि सख्त निर्णय सिर्फ रेल व सड़क रोकना ही नहीं है। इसके तहत दूसरे राज्यों में भी आंदोलन किया जा सकता है। दिल्ली में चुनाव होना है, ऐसे में वहां भी आंदोलन हो सकता है।
लंबी लड़ाई के लिए मांगा समर्थन
धरने पर अपने संबोधन के शुरू में ही मलिक ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी। ऐसे में उन्होंने लोगों ने पूछा कि लंबी लड़ाई के लिए क्या वे तैयार हैं। इस पर लोगों ने अपना समर्थन जताया। इसके बाद मलिक ने कहा कि सख्त फैसला लें तो क्या वे तैयार हैं। लोगों ने एक सुर में इस पर सहमति दे दी। इसके बाद मलिक ने सख्त भाषा में सरकार पर निशाना साधा।
डेरा सच्चा सौदा के इशारे पर हुई संत रामपाल पर कार्रवाई
जिस समय यशपाल मलिक ईक्कस गांव में धरने पर पहुंचे, उस दौरान काफी संख्या में रामपाल समर्थक भी वहां पहुंच गए। इस पर मलिक ने कहा कि सरकार ने डेरा सच्चा सौदा के इशारे पर संत रामपाल पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि रामपाल समर्थक उनके साथ खड़े रहें। वे जानते हैं सरकार कैसे बदलनी है।
सशर्त वार्ता नहीं मंजूर
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि वे सशर्त बातचीत नहीं करेंगे। गौरतलब है कि सरकार ने 302 और 307 के केस वापस लेने से मना किया है। मलिक ने कहा कि यदि केस वापस होंगे तो सभी होंगे।
महासचिव ने साधा खाप नेताओं पर निशाना
समिति के महासचिव बलराज बल्हारा ने कहा कि सरकार ने खापों की आड़ में आर्थिक आरक्षण लागू करने का प्रयास किया, लेकिन इसका हर किसी ने विरोध किया। बल्हारा ने कहा कि सरकार का साथ देने वाली खाप नहीं, कुछ लोग हैं। उन्होंने कहा कि सूबे सिंह, हवा सिंह व नफे सिंह तीनों को जाटों ने ब्रेकिट में बंद कर सरकारी लिख दिया है।
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सरकारी कर्मचारियों का पहचान-पत्र देख करें बाहर
बल्हारा ने कहा कि बेशक सरकार खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के लोग धरने से दूर रहते हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों को धरनों पर भेज कर प्रशासन माहौल खराब करना चाहता है। उन्होंने जींद के डीसी विनय सिंह और सीआईडी के एसपी राकेश आर्य का नाम लेकर कहा कि ये लोग गलत रिपोर्ट भेज रहे हैं। बल्हारा ने लोगों से कहा कि वे यदि कोई सरकारी कर्मचारी धरने पर आता है तो वे उसका पहचान पत्र देखकर उसे बाहर कर सकते हैं।
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खाप नेता हुए शामिल
धरने पर बुधवार को कई खाप नेता भी शामिल हुए। इस दौरान ढुल खाप के प्रधान इंद्र सिंह ढुल, दाड़न खाप के प्रधान देवा सिंह, माजरा खाप के प्रधान एडवोकेट महेंद्र सिंह रिढाल, दलाल खाप के होशियार सिंह, जुलाना बाहरा के दलेल सिंह लाठर, धमतान ताप के रंगीराम नैन, खेड़ा खाप के पहलवान सतबीर सिंह व अग्रवाल सभा के जगन्नाथ मौजूद रहे।
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कर्ण सिंह के निधन पर जताया शोक
यशपाल मलिक ने पाजू खुर्द गांव में कर्ण सिंह के घर जाकर शोक जताया। गौरतलब है कि धरने पर ही हार्ट अटैक के कारण कर्ण सिंह की मौत हो गई थी। मलिक ने कर्ण सिंह की मौत पर संवेदनाएं प्रकट करते हुए परिवार को समाज की ओर से आर्थिक सहायता देने व धरना स्थल पर परिवार के सदस्यों को सम्मानित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे सरकार से परिवार के लिए एक नौकरी व दस लाख रुपये देने की मांग करेंगे।
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नेता ने कहा, बंद कर देंगे दिल्ली की सब्जी और दूध की सप्लाई, मलिक ने किया खंडन
धरने के दौरान समिति के एक नेता कहा कि यदि 19 फरवरी तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तो दिल्ली की सब्जी और दूध की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। इस पर मलिक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार का कोई फैसला नहीं है। फैसला 17 फरवरी की मीटिंग में ही किया जाएगा।