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Jind News: आईआईटी में दाखिले के लिए इस बार मिलेगा एक अतिरिक्त राउंड
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देश के सभी 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में दाखिले के लिए इस बार छात्रों को काउंसिलिंग का एक अतिरिक्त राउंड मिलेगा। इस बार काउंसिलिंग के पांच की बजाय छह राउंड होंगे।
दूसरे से पांचवें राउंड के बीच सीट छोड़ने का विकल्प होगा। आखिरी राउंड में आकर सीट छोड़ने पर डीबार कर दिए जाएंगे। पहली बार दिव्यांग वर्ग के छात्रों को यूडीआईडी कार्ड से घर बैठे वेरिफिकेशन की सुविधा दी जा रही है। अभी इन विशेष वर्ग के छात्रों को अलग-अलग आईआईटी जोन में जाकर अपने दस्तावेज की जांच करवानी जरूरी थी।
जोशा काउंसिलिंग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन जून से पंजीकरण सुविधा शुरू हो रही है। इसी से सभी आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, आईआईएससी बंगलूरू समेत 121 केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर सीट मिलेगी।
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पंजीकरण के साथ छात्रों को मनपसंद संस्थान और कोर्स का विकल्प भी भरना अनिवार्य है। छात्र पंजीकरण के साथ ही अपनी फीस भी जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, छात्रों को ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग की गलतियों से बचाने के लिए नौ जून को मूक राउंड काउंसलिंग भी होगी।
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आईआईटी में 14 जुलाई तक सीट छोड़ पाएंगे
आईआईटी दाखिला नियम में बदलाव हुआ है। एक छात्र की गलती के कारण दूसरे छात्र को सीट से वंचित नहीं होना पड़ेगा। छात्र को दूसरे से पांचवें राउंड की काउंसिलिंग में सीट छोड़ने या पक्की करना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र इस अवधि में सीट पर फैसला नहीं ले पाता है तो फिर उसे जेईई एडवांस्ड से डिबार कर दिया जाएगा। वहीं, एनआईटी, आईआईईएसटी, आईआईआईटी, एसपीए और 41 सरकारी वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों में काउंसिलिंग के दूसरे राउंड से छठे राउंड तक सीट छोड़ने का मौका होगा।
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12वीं में 75 फीसदी या टॉप 20 पर्सेंटाइल जरूरी
जोशा काउंसिलिंग 2025 में भाग लेने वाले छात्र ध्यान दें कि 12वीं कक्षा में 75 फीसदी अंक और टॉप 20 पर्सेंटाइल होने जरूरी हैं। यदि कोई छात्र इन दोनों नियमों को पूरा नहीं कर पाता होगा तो काउंसिलिंग में भाग नहीं ले सकेगा। इसके अलावा यदि किसी बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल नहीं होंगे तो ऐसे मामले में सीबीएसई बोर्ड के नियमों का पालन किया जाएगा। वहीं, एससी, एसटी छात्रों के 12वीं कक्षा में 75 फीसदी की बजाय 65 फीसदी अंक होने जरूरी है।
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दूसरे से पांचवें राउंड के बीच सीट छोड़ने का विकल्प होगा। आखिरी राउंड में आकर सीट छोड़ने पर डीबार कर दिए जाएंगे। पहली बार दिव्यांग वर्ग के छात्रों को यूडीआईडी कार्ड से घर बैठे वेरिफिकेशन की सुविधा दी जा रही है। अभी इन विशेष वर्ग के छात्रों को अलग-अलग आईआईटी जोन में जाकर अपने दस्तावेज की जांच करवानी जरूरी थी।
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जोशा काउंसिलिंग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन जून से पंजीकरण सुविधा शुरू हो रही है। इसी से सभी आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, आईआईएससी बंगलूरू समेत 121 केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर सीट मिलेगी।
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पंजीकरण के साथ छात्रों को मनपसंद संस्थान और कोर्स का विकल्प भी भरना अनिवार्य है। छात्र पंजीकरण के साथ ही अपनी फीस भी जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, छात्रों को ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग की गलतियों से बचाने के लिए नौ जून को मूक राउंड काउंसलिंग भी होगी।
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आईआईटी में 14 जुलाई तक सीट छोड़ पाएंगे
आईआईटी दाखिला नियम में बदलाव हुआ है। एक छात्र की गलती के कारण दूसरे छात्र को सीट से वंचित नहीं होना पड़ेगा। छात्र को दूसरे से पांचवें राउंड की काउंसिलिंग में सीट छोड़ने या पक्की करना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र इस अवधि में सीट पर फैसला नहीं ले पाता है तो फिर उसे जेईई एडवांस्ड से डिबार कर दिया जाएगा। वहीं, एनआईटी, आईआईईएसटी, आईआईआईटी, एसपीए और 41 सरकारी वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों में काउंसिलिंग के दूसरे राउंड से छठे राउंड तक सीट छोड़ने का मौका होगा।
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12वीं में 75 फीसदी या टॉप 20 पर्सेंटाइल जरूरी
जोशा काउंसिलिंग 2025 में भाग लेने वाले छात्र ध्यान दें कि 12वीं कक्षा में 75 फीसदी अंक और टॉप 20 पर्सेंटाइल होने जरूरी हैं। यदि कोई छात्र इन दोनों नियमों को पूरा नहीं कर पाता होगा तो काउंसिलिंग में भाग नहीं ले सकेगा। इसके अलावा यदि किसी बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल नहीं होंगे तो ऐसे मामले में सीबीएसई बोर्ड के नियमों का पालन किया जाएगा। वहीं, एससी, एसटी छात्रों के 12वीं कक्षा में 75 फीसदी की बजाय 65 फीसदी अंक होने जरूरी है।