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Jind News: फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार
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जींद। अलेवा स्थित राजकीय महाविद्यालय में 27 जुलाई 2025 को आयोजित सीईटी परीक्षा के दौरान सामने आए फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी रूपगढ़ निवासी अजय को गिरफ्तार किया है। जांच में अजय के बैंक खाते में रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ कर रही है।
केंद्र अधीक्षक सुनीता दुग्गल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सीईटी परीक्षा के दौरान दिव्यांग परीक्षार्थी जितेंद्र निवासी बुटानी, जींद, अपने स्क्राइब प्रकाश निवासी राजीव नगर, बेगमपुर, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के साथ परीक्षा देने पहुंचा था। दस्तावेजों की जांच में दोनों के कागजात संदिग्ध पाए गए।
जितेंद्र ने एडमिट कार्ड में खुद को दिव्यांग दर्शाया था और स्क्राइब की जरूरत वाले कॉलम में हां अंकित किया था। उसके दिव्यांगता प्रमाणपत्र में पता सिविल लाइन, झांसी, उत्तर प्रदेश दर्ज था। वहीं घोषणा पत्र फतेहाबाद के नोटरी से सत्यापित कराया गया था।
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पुलिस ने पहले जितेंद्र और प्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र के अनुसार, जांच के दौरान अजय की भूमिका सामने आई और उसके खाते में पैसों का लेन-देन मिला। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।
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केंद्र अधीक्षक सुनीता दुग्गल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सीईटी परीक्षा के दौरान दिव्यांग परीक्षार्थी जितेंद्र निवासी बुटानी, जींद, अपने स्क्राइब प्रकाश निवासी राजीव नगर, बेगमपुर, उत्तर-पश्चिम दिल्ली के साथ परीक्षा देने पहुंचा था। दस्तावेजों की जांच में दोनों के कागजात संदिग्ध पाए गए।
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जितेंद्र ने एडमिट कार्ड में खुद को दिव्यांग दर्शाया था और स्क्राइब की जरूरत वाले कॉलम में हां अंकित किया था। उसके दिव्यांगता प्रमाणपत्र में पता सिविल लाइन, झांसी, उत्तर प्रदेश दर्ज था। वहीं घोषणा पत्र फतेहाबाद के नोटरी से सत्यापित कराया गया था।
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पुलिस ने पहले जितेंद्र और प्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र के अनुसार, जांच के दौरान अजय की भूमिका सामने आई और उसके खाते में पैसों का लेन-देन मिला। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।