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Jind News: संवाद कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया
Fri, 09 Jan 2026 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 09 Jan 2026 01:17 AM IST
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जींद। उपस्वास्थ्य केंद्र रूपगढ़ की स्वास्थ्य टीम की तरफ से बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता मूर्ति देवी, मुकेश रानी एवं देवीराम कौशिक ने बच्चों से संवाद कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। टीम ने बच्चों को दूध पिलाकर पौष्टिक आहार, शुद्ध खान-पान और अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को सरल भाषा में समझाया। स्वास्थ्य कार्यकर्ता देवीराम कौशिक ने बच्चों को बताया कि नशा शरीर, विवेक और शक्ति को कमजोर करता है तथा भाईचारे, अपनापन और समाज में सम्मान को समाप्त कर देता है।
उन्होंने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे इंसानियत खो देता है और हर समय नशे की तलब में जीता है। इसी कारण वह चोरी, डकैती, झूठ, उधार लेकर न चुकाने जैसी बुरी आदतों में फंस जाता है और अपने ही परिवार को बर्बादी की ओर ले जाता है। इसलिए बच्चों को नशे से दूर रहकर देशी खान-पान, हरियाणवी पहनावा और हरियाणवी संस्कृति को अपनाना चाहिए, ताकि अपनी और अपने प्रदेश की एक अलग पहचान बन सके। उन्होंने बच्चों को खेलकूद, पढ़ाई, घर और खेत के कामों में सहयोग करने तथा बुजुर्गों के पास बैठकर उनके अनुभव सुनने की सलाह दी।
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स्वास्थ्य कार्यकर्ता मूर्ति देवी, मुकेश रानी एवं देवीराम कौशिक ने बच्चों से संवाद कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। टीम ने बच्चों को दूध पिलाकर पौष्टिक आहार, शुद्ध खान-पान और अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को सरल भाषा में समझाया। स्वास्थ्य कार्यकर्ता देवीराम कौशिक ने बच्चों को बताया कि नशा शरीर, विवेक और शक्ति को कमजोर करता है तथा भाईचारे, अपनापन और समाज में सम्मान को समाप्त कर देता है।
उन्होंने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे इंसानियत खो देता है और हर समय नशे की तलब में जीता है। इसी कारण वह चोरी, डकैती, झूठ, उधार लेकर न चुकाने जैसी बुरी आदतों में फंस जाता है और अपने ही परिवार को बर्बादी की ओर ले जाता है। इसलिए बच्चों को नशे से दूर रहकर देशी खान-पान, हरियाणवी पहनावा और हरियाणवी संस्कृति को अपनाना चाहिए, ताकि अपनी और अपने प्रदेश की एक अलग पहचान बन सके। उन्होंने बच्चों को खेलकूद, पढ़ाई, घर और खेत के कामों में सहयोग करने तथा बुजुर्गों के पास बैठकर उनके अनुभव सुनने की सलाह दी।
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