{"_id":"66b8fe30043248b1fd0a416d","slug":"there-was-47-mm-rain-in-narwana-and-3-mm-rain-in-pillukheda-jind-news-c-199-1-sroh1007-121399-2024-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: नरवाना में 47 और पिल्लूखेड़ा में तीन एमएम बारिश हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: नरवाना में 47 और पिल्लूखेड़ा में तीन एमएम बारिश हुई
Sun, 11 Aug 2024 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 11 Aug 2024 11:38 PM IST
विज्ञापन
11जेएनडी37 : गांव मोरखी में हो रही बारिश के बीच से निकलती महिलाएं। संवाद
जींद। रविवार को कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश हुई तो कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। दिनभर आकाश में बादल छाए रहे। अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
पिछले तीन दिन से मानसून मेहरबान बना हुआ है। हालांकि बारिश तथा बूंदाबांदी एक साथ न होकर बिखराव में हो रही है। कुछ इलाकों में अच्छी बारिश तो कुछ अछूते रह रहे हैं। रविवार को नरवाना में 47 एमएम बारिश हुई तो पिल्लूखेड़ा में तीन। अन्य स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
जुलाई में सूखा तो अगस्त में मिली कुछ राहत
जुलाई लगभग सूखा गया, जिसने किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अगस्त में कुछ राहत मिली। कुछ स्थानों पर अच्छी तो कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। बारिश तथा बूंदाबांदी ने धान, नरमा, बाजरा समेत अन्य फसलों को संजीवनी देने का कार्य किया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. राजेश ने बताया कि मानसून की सक्रियता के चलते आगे और बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले तीन दिन से मानसून मेहरबान बना हुआ है। हालांकि बारिश तथा बूंदाबांदी एक साथ न होकर बिखराव में हो रही है। कुछ इलाकों में अच्छी बारिश तो कुछ अछूते रह रहे हैं। रविवार को नरवाना में 47 एमएम बारिश हुई तो पिल्लूखेड़ा में तीन। अन्य स्थानों पर बूंदाबांदी हुई।
विज्ञापन
जुलाई में सूखा तो अगस्त में मिली कुछ राहत
जुलाई लगभग सूखा गया, जिसने किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अगस्त में कुछ राहत मिली। कुछ स्थानों पर अच्छी तो कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। बारिश तथा बूंदाबांदी ने धान, नरमा, बाजरा समेत अन्य फसलों को संजीवनी देने का कार्य किया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. राजेश ने बताया कि मानसून की सक्रियता के चलते आगे और बारिश होने की संभावना है।

11जेएनडी37 : गांव मोरखी में हो रही बारिश के बीच से निकलती महिलाएं। संवाद
विज्ञापन