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नशामुक्ति केंद्र में व्यक्तियों की देखरेख में न आए कमी : प्राधिकरण सचिव

Thu, 05 Dec 2024 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 05 Dec 2024 11:45 PM IST
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There should be no shortage in the supervision of people in the de-addiction center: Authority Secretary
05जेएनडी16-नशा मुक्ति केंद्र में कर्मचारियों से बातचीत करते सीजेएम मोनिका। स्रोत प्रशासन
जींद। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण मोनिका ने नशा मुक्ति केंद्र नजदीक सोमनाथ मंदिर का औचक निरीक्षण किया।
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प्राधिकरण सचिव ने नशे की परिभाषा से लेकर सके प्रकार, प्रतिबंधित और चेतावनी युक्त नशे के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि भारत में वर्ष 1985 से एनडीपीएस एक्ट लागू किया गया था। इस अधिनियम के अंतर्गत होने वाले अपराध संज्ञेय और अजमानती होते हैं।
कठोर दंड के प्रावधान इसमें है। नशे को मनुष्य के लिए घातक माना गया है। इस मौके पर नशा मुक्ति केंद्र में 15 व्यक्ति मौजूद रहे। प्राधिकरण सचिव ने केंद्र में रह रहे व्यक्तियों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उनके रहने के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
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प्राधिकरण सचिव ने स्टाफ को निर्देश दिए कि व्यक्तियों की देखरेख में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। उनके स्वास्थ्य से संबंधित कोई भी लापरवाही न की जाए। प्राधिकरण सचिव ने बताया कि नालसा पोर्टल नालसा डॉट जियो डॉट इन को जारी किया गया है। राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 जारी किया गया है।

05जेएनडी16-नशा मुक्ति केंद्र में कर्मचारियों से बातचीत करते सीजेएम मोनिका। स्रोत प्रशासन

05जेएनडी16-नशा मुक्ति केंद्र में कर्मचारियों से बातचीत करते सीजेएम मोनिका। स्रोत प्रशासन

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