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Jind News: नरवाना, उचाना व पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में पेयजल की बढ़ी किल्लत
Fri, 02 May 2025 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 02 May 2025 12:20 AM IST
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01जेएनडी27: नरवाना में सर्विस स्टेशन पर गाड़ी धोते हुए। संवाद
जींद। जिले में गर्मी बढ़ने के साथ पीने योग्य व घरेलू उपयोग के लिए पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है। नरवाना, उचाना व पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में पेयजल की ज्यादा किल्लत बनी हुई है। इसको देखते हुए नरवाना क्षेत्र में प्रशासन ने पानी के बर्बादी के संसाधनों को बंद करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन नालियाें में पानी बहाया जा रहा है। लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
पेयजल समस्या से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। विभाग के रिकार्ड अनुसार जिले में नहर आधारित 163 जलघर हैं। इनके अलावा 374 ट्यूबवेल हैं। इसके बावजूद नरवाना, उचाना क्षेत्र के 92 जलघरों में पानी की किल्लत बनी है। इनमें जलापूर्ति प्रबंध के लिए विभाग लगा है। जहां पेयजल किल्लत है, वहां एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा है। पहले जहां दो समय पानी मिलता था, अब वहां दो दिन में एक बार ही पानी दिया जा रहा है।
एक दिन छोड़ कर मिल रहा पानी
नरवाना के बीरबल नगर, पतराम नगर, शास्त्री नगर, बाबा कुंडी, इंद्रा काॅलोनी में पहले दो समय पानी मिल रहा था, लेकिन अब एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा है। नरवाना की इन काॅलोनियों में जिस दिन सप्लाई नहीं आती उस दिन पीने योग्य पानी के लिए टैंकर भेजे जा रहे हैं, ताकि लोगों के कंठ सूखने से बचाए जा सकें। इसके अलावा उचाना क्षेत्र के भी गांवों का यही हाल है। पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में आलन जोगी खेड़ा, तेली खेड़ा, खरकगादियां व बनियाखेड़ा गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है। नरवाना के इन क्षेत्रों में पेयजल की सप्लाई जारी रखने के लिए 13 निशुल्क टैंकर जनस्वास्थ्य विभाग ने लगाए हैं। पांच टैंकर ग्राम पंचायतों की तरफ से लगे हैं। इन टैंकरों में आसपास खेतों में चल रहे ट्यूबवेल तथा अन्य संसाधनों से पानी भरकर लाया जा रहा है।
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एसडीओ ने भैंस नहलाने से मना किया तो महिला बोली हम भी तो नहाते हैं
नरवाना। नरवाना में पेयजल किल्लत के चलते एसडीएम ने पानी को व्यर्थ बहने वाले संसाधनों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इनकी पालना करवाने के लिए जब जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई निकले तो एक महिला को पशु नहलाने से मना कर दिया। इस पर महिला ने जवाब दिया कि वह भी नहाते हैं, पशु भी जरूरी हैं। इसके बाद महिला का नल बंद करवाया तो आगे दस मकानों तक पानी पहुंचा।
शहर में लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से 13 पानी के टैंकर लगाए हैं और 5 टैंकर ग्राम पंचायतों की तरफ से आए हुए हैं। खेतों मेें लगे ट्यूबवेल, सब-मर्सिबलों से पानी के टैंकराें को भर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। शहरवासियों से यह भी अपील है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं। शेड्यूल के अनुसार वार्डों में पानी छोड़ा जाता है तो घर में पानी भर जाने के बाद सप्लाई को बंंद करें, ताकि अन्य मकानों तक भी पानी पहुंच सके और उनको भी पानी के बिना परेशानी न हो।
- नवीन कुमार मुुंडे, जन स्वास्थ्य विभाग नरवाना।
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पेयजल समस्या से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। विभाग के रिकार्ड अनुसार जिले में नहर आधारित 163 जलघर हैं। इनके अलावा 374 ट्यूबवेल हैं। इसके बावजूद नरवाना, उचाना क्षेत्र के 92 जलघरों में पानी की किल्लत बनी है। इनमें जलापूर्ति प्रबंध के लिए विभाग लगा है। जहां पेयजल किल्लत है, वहां एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा है। पहले जहां दो समय पानी मिलता था, अब वहां दो दिन में एक बार ही पानी दिया जा रहा है।
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एक दिन छोड़ कर मिल रहा पानी
नरवाना के बीरबल नगर, पतराम नगर, शास्त्री नगर, बाबा कुंडी, इंद्रा काॅलोनी में पहले दो समय पानी मिल रहा था, लेकिन अब एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जा रहा है। नरवाना की इन काॅलोनियों में जिस दिन सप्लाई नहीं आती उस दिन पीने योग्य पानी के लिए टैंकर भेजे जा रहे हैं, ताकि लोगों के कंठ सूखने से बचाए जा सकें। इसके अलावा उचाना क्षेत्र के भी गांवों का यही हाल है। पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में आलन जोगी खेड़ा, तेली खेड़ा, खरकगादियां व बनियाखेड़ा गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है। नरवाना के इन क्षेत्रों में पेयजल की सप्लाई जारी रखने के लिए 13 निशुल्क टैंकर जनस्वास्थ्य विभाग ने लगाए हैं। पांच टैंकर ग्राम पंचायतों की तरफ से लगे हैं। इन टैंकरों में आसपास खेतों में चल रहे ट्यूबवेल तथा अन्य संसाधनों से पानी भरकर लाया जा रहा है।
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एसडीओ ने भैंस नहलाने से मना किया तो महिला बोली हम भी तो नहाते हैं
नरवाना। नरवाना में पेयजल किल्लत के चलते एसडीएम ने पानी को व्यर्थ बहने वाले संसाधनों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इनकी पालना करवाने के लिए जब जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई निकले तो एक महिला को पशु नहलाने से मना कर दिया। इस पर महिला ने जवाब दिया कि वह भी नहाते हैं, पशु भी जरूरी हैं। इसके बाद महिला का नल बंद करवाया तो आगे दस मकानों तक पानी पहुंचा।
शहर में लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से 13 पानी के टैंकर लगाए हैं और 5 टैंकर ग्राम पंचायतों की तरफ से आए हुए हैं। खेतों मेें लगे ट्यूबवेल, सब-मर्सिबलों से पानी के टैंकराें को भर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। शहरवासियों से यह भी अपील है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं। शेड्यूल के अनुसार वार्डों में पानी छोड़ा जाता है तो घर में पानी भर जाने के बाद सप्लाई को बंंद करें, ताकि अन्य मकानों तक भी पानी पहुंच सके और उनको भी पानी के बिना परेशानी न हो।
- नवीन कुमार मुुंडे, जन स्वास्थ्य विभाग नरवाना।