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रंगमंच लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का बेहतरीन जरिया : रमेश भनवाला
Thu, 27 Mar 2025 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 27 Mar 2025 12:16 AM IST
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26जेएनडी10-रंगकर्मी रमेश भनवाला। स्रोत स्वयं
जींद। विश्व रंगमंच दिवस के मौके पर रंगकर्मी रमेश भनवाला ने कहा कि दुनिया भर के रंगमंच के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और इसके प्रति लोगों में रुचि पैदा करने के मकसद से हर वर्ष विश्व रंगमंच दिवस कलाकारों की ओर से मनाया जाता है। रंगमंच मनोरंजन का साधन मात्र नही बल्कि लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का बेहतरीन जरिया है।
भारत में रंगमंच की परंपरा आदिकाल से चलती आ रही है। भारतीय रंगमंच ने समय के साथ साथ विषय वस्तु में बदलाव भी किया है। यह बदलाव हमें स्वाधीनता संग्राम मे भी देखने को मिला इससे प्रेरित होकर भारतेंदु हरिश्चंद्र और उनके समकालीन लेखकों ने भरपूर मात्रा में नाट्य रचना की। भारतीय रंगमंच, जिसका इतिहास 5000 साल से भी अधिक पुराना है, मानव इतिहास में सबसे पुराने कला रूपों में से एक, नाटक के महत्व को रेखांकित करने और लोकप्रिय बनाने के लिए 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान ने मूल रूप से नाटक और ललित कलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 1961 में की गई थी। मानवीय भावनाओं के करीब होने के कारण, रंगमंच में विचारों को प्रभावित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है। यह दिन हमें मानव जीवन में रंगमंच के महत्व को भी रेखांकित करता है क्योंकि यह न केवल दर्शकों का मनोरंजन करता है बल्कि दुनियाभर में मौजूद संस्कृति और परंपरा को भी दर्शाता है।
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भारत में रंगमंच की परंपरा आदिकाल से चलती आ रही है। भारतीय रंगमंच ने समय के साथ साथ विषय वस्तु में बदलाव भी किया है। यह बदलाव हमें स्वाधीनता संग्राम मे भी देखने को मिला इससे प्रेरित होकर भारतेंदु हरिश्चंद्र और उनके समकालीन लेखकों ने भरपूर मात्रा में नाट्य रचना की। भारतीय रंगमंच, जिसका इतिहास 5000 साल से भी अधिक पुराना है, मानव इतिहास में सबसे पुराने कला रूपों में से एक, नाटक के महत्व को रेखांकित करने और लोकप्रिय बनाने के लिए 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान ने मूल रूप से नाटक और ललित कलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 1961 में की गई थी। मानवीय भावनाओं के करीब होने के कारण, रंगमंच में विचारों को प्रभावित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है। यह दिन हमें मानव जीवन में रंगमंच के महत्व को भी रेखांकित करता है क्योंकि यह न केवल दर्शकों का मनोरंजन करता है बल्कि दुनियाभर में मौजूद संस्कृति और परंपरा को भी दर्शाता है।
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