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Jind News: उम्मीद...जल्द पटरी पर दौड़ती नजर आएगी श्रीगंगानगर-उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस
Mon, 11 May 2026 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 11 May 2026 01:57 AM IST
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10जेएनडी01-रेलवे जंक्शन जींद, जहां से श्रीगंगानगर-उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस का आवागमन होता था।
जींद। श्रीगंगानगर उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस 13007-08 के फिर से पटरी पर दौड़ने की ओर अग्रसर है। रेलवे बोर्ड की ओर से इस ट्रेन को दोबारा बहाल करने का प्रस्ताव भेजा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो जींद समेत दिल्ली-बठिंडा रूट के हजारों यात्रियों को हावड़ा के लिए सीधी रेल सुविधा मिल सकेगी।
उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस लंबे समय तक उत्तर भारत को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाली प्रमुख ट्रेनों में शामिल रही है। यह ट्रेन श्रीगंगानगर से चलकर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार होते हुए हावड़ा तक जाती थी। जींद, नरवाना और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी, मजदूर और नौकरीपेशा लोग इस ट्रेन का सबसे ज्यादा उपयोग करते थे।
वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान रेलवे ने कई ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था जिनमें उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस भी शामिल थी। महामारी के बाद कई ट्रेनें दोबारा शुरू हो गईं लेकिन यह ट्रेन अब तक बहाल नहीं हो पाई। ट्रेन बंद होने के बाद पूर्वी भारत जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हावड़ा, आसनसोल, धनबाद और बिहार के विभिन्न शहरों में काम करने वाले लोगों को पहले दिल्ली पहुंचना पड़ता है। इसके बाद वहां से दूसरी ट्रेन में सफर करना पड़ता है। कई बार दिल्ली में लंबा इंतजार करना पड़ता है और कंफर्म टिकट भी आसानी से नहीं मिलती।
यात्री रामनिवास गर्ग, अनिल कुमार, सोनू, हिमांशु, सतबीर का कहना है कि सीधी ट्रेन बंद होने से यात्रा का खर्च भी काफी बढ़ गया है। यह ट्रेन नरवाना, जींद, रोहतक और बहादुरगढ़ समेत आसपास के यात्रियों को हावड़ा की तरफ जाने के लिए काफी फायदा मिलता था।
यह ट्रेन सिर्फ एक रेल सेवा नहीं बल्कि हजारों परिवारों के लिए सुविधाजनक सफर का बड़ा माध्यम थी। व्यापारियों का कहना है कि हावड़ा और कोलकाता क्षेत्र से कारोबार करने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बोर्ड स्तर पर इस ट्रेन को दोबारा शुरू करने को लेकर मंथन चल रहा है। प्रस्ताव में यात्रियों की संख्या, पुराने रूट की उपयोगिता और पूर्वी भारत के लिए बढ़ती मांग का हवाला दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद संचालन की तिथि तय की जाएगी।
- अजय माइकल, सीपीआरओ, नई दिल्ली
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उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस लंबे समय तक उत्तर भारत को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाली प्रमुख ट्रेनों में शामिल रही है। यह ट्रेन श्रीगंगानगर से चलकर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार होते हुए हावड़ा तक जाती थी। जींद, नरवाना और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी, मजदूर और नौकरीपेशा लोग इस ट्रेन का सबसे ज्यादा उपयोग करते थे।
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वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान रेलवे ने कई ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था जिनमें उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस भी शामिल थी। महामारी के बाद कई ट्रेनें दोबारा शुरू हो गईं लेकिन यह ट्रेन अब तक बहाल नहीं हो पाई। ट्रेन बंद होने के बाद पूर्वी भारत जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हावड़ा, आसनसोल, धनबाद और बिहार के विभिन्न शहरों में काम करने वाले लोगों को पहले दिल्ली पहुंचना पड़ता है। इसके बाद वहां से दूसरी ट्रेन में सफर करना पड़ता है। कई बार दिल्ली में लंबा इंतजार करना पड़ता है और कंफर्म टिकट भी आसानी से नहीं मिलती।
यात्री रामनिवास गर्ग, अनिल कुमार, सोनू, हिमांशु, सतबीर का कहना है कि सीधी ट्रेन बंद होने से यात्रा का खर्च भी काफी बढ़ गया है। यह ट्रेन नरवाना, जींद, रोहतक और बहादुरगढ़ समेत आसपास के यात्रियों को हावड़ा की तरफ जाने के लिए काफी फायदा मिलता था।
यह ट्रेन सिर्फ एक रेल सेवा नहीं बल्कि हजारों परिवारों के लिए सुविधाजनक सफर का बड़ा माध्यम थी। व्यापारियों का कहना है कि हावड़ा और कोलकाता क्षेत्र से कारोबार करने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बोर्ड स्तर पर इस ट्रेन को दोबारा शुरू करने को लेकर मंथन चल रहा है। प्रस्ताव में यात्रियों की संख्या, पुराने रूट की उपयोगिता और पूर्वी भारत के लिए बढ़ती मांग का हवाला दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद संचालन की तिथि तय की जाएगी।
- अजय माइकल, सीपीआरओ, नई दिल्ली