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Jind News: नागरिक अस्पताल में आईसीयू का शौचालय बना सार्वजनिक, मरीज व तामीरदार परेशान
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20जेएनडी34: नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में महिलाओं के लिए बनाए शौचालय पर लटका ताला। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में बने शौचालयों के ताले बंद हैं। आईसीयू का शौचालय ही आम लोग उपयोग कर रहे हैं। आईसीयू के शौचालय का ज्यादा प्रयोग होने से गंभीर मरीजों में संक्रमण का डर हुआ बना है।
अस्पताल में आईसीयू में भर्ती मरीजों की हालत पहले ही नाजुक होती है। स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण सबसे अधिक जरूरी होता है। यहां बाहरी लोगों की आवाजाही और शौचालय का अधिक उपयोग गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
हैरानी की बात यह है कि नागरिक अस्पताल में शौचालयों का निर्माण कार्य काफी समय पहले पूरा हो चुका है। बावजूद इसके शौचालयों के ताले अब तक नहीं खोले गए हैं। अस्पताल प्रशासन को आशंका है कि शौचालय खुलते ही नल और टोटियां चोरी हो सकती हैं। इसी डर के चलते ताले लगाए हुए हैं। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही मरीजों और उनके परिजनों पर भारी पड़ रही है।
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अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को शौचालय सुविधा न मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों और तीमारदारों को मजबूरी में शौच के लिए अस्पताल परिसर से बाहर जाना पड़ता है। इससे इलाज में भी बाधा उत्पन्न होती है।
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा ने भी नागरिक अस्पताल में शौचालयों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश लगभग एक माह पहले दिए थे। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन निर्देशों पर अमल करते नजर नहीं आ रहे हैं। डिप्टी स्पीकर के आदेशों की अनदेखी से साफ है कि अस्पताल प्रशासन की मनमानी जारी है और उच्च स्तर के निर्देश भी बेअसर साबित हो रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल में पहले भी अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विजिलेंस टीम की जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन ने शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा दिखाया था। मरीजों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन जांच समाप्त होते ही शौचालयों पर फिर से ताले लटका दिए गए। पिता आईसीयू में दाखिल हैं। वहां पर दिनभर अस्पताल के कर्मचारी व अन्य तामीरदार शौचालय में आते जाते रहते हैं। इससे संक्रमण का डर रहता है। -सुनील बामणिया, एडवोकेट
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अस्पताल में इलाज के साथ-साथ स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं भी उतनी ही जरूरी हैं। शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा न मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्र का शौचालय सार्वजनिक हो जाना स्वास्थ्य नियमों के खिलाफ है और किसी भी समय गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। -हितेश हिंदुस्तानी, समाज सेवी
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अस्पताल के शौचालयों को सोमवार को खुलवा दिया गया था। अगर किसी कर्मचारी ने दोबारा बंद किए हैं तो उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। शौचालयों के बंद दरवाजों को तुरंत प्रभाव से खुलवा दिया जाएगा। शौचालय आमजन के लिए बनाए गए हैं, ताकि अस्पताल में मरीजों को परेशानी न रहे। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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अस्पताल में आईसीयू में भर्ती मरीजों की हालत पहले ही नाजुक होती है। स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण सबसे अधिक जरूरी होता है। यहां बाहरी लोगों की आवाजाही और शौचालय का अधिक उपयोग गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
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हैरानी की बात यह है कि नागरिक अस्पताल में शौचालयों का निर्माण कार्य काफी समय पहले पूरा हो चुका है। बावजूद इसके शौचालयों के ताले अब तक नहीं खोले गए हैं। अस्पताल प्रशासन को आशंका है कि शौचालय खुलते ही नल और टोटियां चोरी हो सकती हैं। इसी डर के चलते ताले लगाए हुए हैं। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही मरीजों और उनके परिजनों पर भारी पड़ रही है।
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अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को शौचालय सुविधा न मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों और तीमारदारों को मजबूरी में शौच के लिए अस्पताल परिसर से बाहर जाना पड़ता है। इससे इलाज में भी बाधा उत्पन्न होती है।
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा ने भी नागरिक अस्पताल में शौचालयों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश लगभग एक माह पहले दिए थे। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन निर्देशों पर अमल करते नजर नहीं आ रहे हैं। डिप्टी स्पीकर के आदेशों की अनदेखी से साफ है कि अस्पताल प्रशासन की मनमानी जारी है और उच्च स्तर के निर्देश भी बेअसर साबित हो रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में पहले भी अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विजिलेंस टीम की जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन ने शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा दिखाया था। मरीजों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन जांच समाप्त होते ही शौचालयों पर फिर से ताले लटका दिए गए। पिता आईसीयू में दाखिल हैं। वहां पर दिनभर अस्पताल के कर्मचारी व अन्य तामीरदार शौचालय में आते जाते रहते हैं। इससे संक्रमण का डर रहता है। -सुनील बामणिया, एडवोकेट
अस्पताल में इलाज के साथ-साथ स्वच्छता और मूलभूत सुविधाएं भी उतनी ही जरूरी हैं। शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा न मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्र का शौचालय सार्वजनिक हो जाना स्वास्थ्य नियमों के खिलाफ है और किसी भी समय गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। -हितेश हिंदुस्तानी, समाज सेवी
अस्पताल के शौचालयों को सोमवार को खुलवा दिया गया था। अगर किसी कर्मचारी ने दोबारा बंद किए हैं तो उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। शौचालयों के बंद दरवाजों को तुरंत प्रभाव से खुलवा दिया जाएगा। शौचालय आमजन के लिए बनाए गए हैं, ताकि अस्पताल में मरीजों को परेशानी न रहे। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।

20जेएनडी34: नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में महिलाओं के लिए बनाए शौचालय पर लटका ताला। संवाद