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Jind News: सरकारी स्कूलों में एक साल से ठप है सेनेटरी पैड की आपूर्ति
Thu, 08 Jan 2026 10:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:20 PM IST
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08जेएनडी07: शहर के एक सरकारी स्कूल में लगी सेनेटरी पैड की मशीन खाली पड़ी हुई। संवाद
जींद। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मिलने वाले सेनेटरी पैड करीब एक साल से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। सरकार की ओर से किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखकर शुरू की गई यह योजना जमीनी स्तर पर ठप है।
पहले सरकारी स्कूलों में किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत छात्राओं को निशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए जाते थे। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत स्वच्छता बनी रहती थी बल्कि मासिक धर्म के दौरान स्कूल से अनुपस्थिति भी कम होती थी लेकिन पिछले एक साल से कई स्कूलों में सेनेटरी पैड नहीं पहुंचे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए यह समस्या और भी गंभीर है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कई लड़कियां बाजार से सेनेटरी पैड खरीदने में असमर्थ हैं। ऐसे में वे कपड़े या अन्य असुरक्षित साधनों का उपयोग करती हैं जिससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रितु पंघाल का कहना है कि अभी ज्वाइन किया है। मामला संज्ञान में नहीं है।
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बॉक्स
कई बार परेशानी होने से स्कूल से घर जाना पड़ता है
छात्राओं का कहना है कि सेनेटरी पैड न मिलने के कारण कई बार उन्हें स्कूल छोड़कर घर जाना पड़ता है। कुछ छात्राएं मासिक धर्म के दिनों में स्कूल आना ही बंद कर देती हैं जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते सेनेटरी पैड की आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो इसका सीधा असर किशोरियों की सेहत और स्कूल छोड़ने की बढ़ती दर पर पड़ेगा।
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पहले सरकारी स्कूलों में किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत छात्राओं को निशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए जाते थे। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत स्वच्छता बनी रहती थी बल्कि मासिक धर्म के दौरान स्कूल से अनुपस्थिति भी कम होती थी लेकिन पिछले एक साल से कई स्कूलों में सेनेटरी पैड नहीं पहुंचे हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए यह समस्या और भी गंभीर है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कई लड़कियां बाजार से सेनेटरी पैड खरीदने में असमर्थ हैं। ऐसे में वे कपड़े या अन्य असुरक्षित साधनों का उपयोग करती हैं जिससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रितु पंघाल का कहना है कि अभी ज्वाइन किया है। मामला संज्ञान में नहीं है।
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कई बार परेशानी होने से स्कूल से घर जाना पड़ता है
छात्राओं का कहना है कि सेनेटरी पैड न मिलने के कारण कई बार उन्हें स्कूल छोड़कर घर जाना पड़ता है। कुछ छात्राएं मासिक धर्म के दिनों में स्कूल आना ही बंद कर देती हैं जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते सेनेटरी पैड की आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो इसका सीधा असर किशोरियों की सेहत और स्कूल छोड़ने की बढ़ती दर पर पड़ेगा।