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Jind News: मालवी की सुख-शांति और विकास को लेकर सरपंच ने शुरू की तपस्या
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12जेएनडी23: मालवी गांव में तपस्या पर बैठा सरपंच। स्रोत ग्रामीण
जुलाना। मालवी गांव में सरपंच राजेंद्र जांगड़ा ने गांव की सुख-शांति, समृद्धि और विकास की कामना को लेकर विशेष तपस्या शुरू की है। सरपंच 41 दिनों तक नौ धुनों के बीच बैठकर तपस्या करेंगे। इस धार्मिक आयोजन को लेकर गांव के लोगों में भी श्रद्धा और उत्साह का माहौल है।
सरपंच राजेंद्र जांगड़ा ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में तपस्या और साधना का विशेष महत्व माना गया है। हमारे पूर्वजों की आस्था रही है कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई तपस्या से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और समाज और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि गांव में भाईचारा, खुशहाली और विकास बना रहे और गांव के लोग हर प्रकार की परेशानियों से दूर रहें। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने यह तपस्या शुरू की है।
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उन्होंने बताया कि 9 धुनों के बीच बैठकर 41 दिनों तक नियम और अनुशासन के साथ साधना की जाएगी। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन भी आयोजित किए जाएंगे। गांव के लोग भी समय-समय पर पहुंचकर पूजा में भाग ले रहे हैं। इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों में आपसी प्रेम व भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
वहीं युवाओं ने भी इस पहल को गांव की एकता और धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए सराहनीय कदम बताया। मालवी गांव में चल रही इस तपस्या को लेकर आसपास के क्षेत्रों के लोगों में भी चर्चा बनी हुई है तथा श्रद्धालु लगातार पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
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सरपंच राजेंद्र जांगड़ा ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में तपस्या और साधना का विशेष महत्व माना गया है। हमारे पूर्वजों की आस्था रही है कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई तपस्या से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और समाज और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
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उन्होंने कहा कि गांव में भाईचारा, खुशहाली और विकास बना रहे और गांव के लोग हर प्रकार की परेशानियों से दूर रहें। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने यह तपस्या शुरू की है।
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उन्होंने बताया कि 9 धुनों के बीच बैठकर 41 दिनों तक नियम और अनुशासन के साथ साधना की जाएगी। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन भी आयोजित किए जाएंगे। गांव के लोग भी समय-समय पर पहुंचकर पूजा में भाग ले रहे हैं। इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों में आपसी प्रेम व भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
वहीं युवाओं ने भी इस पहल को गांव की एकता और धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए सराहनीय कदम बताया। मालवी गांव में चल रही इस तपस्या को लेकर आसपास के क्षेत्रों के लोगों में भी चर्चा बनी हुई है तथा श्रद्धालु लगातार पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।