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Jind News: न्यूजीलैंड में रह रहा भांजा बताकर ठगे साढ़े तीन लाख रुपये
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जींद। एक व्यक्ति से साइबर ठगों ने साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने खुद को पीड़ित का भांजा बताया जोकि न्यूजीलैंड में रहता है। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है।
सिवाना माल निवासी राजकुमार ने एफआईआर में बताया कि उनका भानजा गांव बरौदा निवासी विनोद लगभग छह साल से न्यूजीलैंड में रह रहा है। तीस मार्च को उनके पास व्हाटसअप कॉल आई। उसने खुद को उनका भानजा विनोद बताया।
कहा कि वह रोहतक में प्लॉट खरीदना चाहता है। इसलिए वह उनके खाते में साढ़े तीन लाख रुपये भेज रहा है। उसने नेट बैंकिंग और यूपीआई की जानकारी नहीं है। कुछ समय के बाद फिर से कॉल आई कि उसे न्यूजीलैंड पुलिस ने पकड़ लिया है जो रुपये उसने आपके खाते में भेजे हैं वह फ्रॉड रुपये हैं। इसलिए वह रुपये वापस भेज दो।
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फिर उसने स्कैनर भेज कर रुपये डलवाने के लिए कहा। इस पर वह सीएससी संचालक के पास पहुंचे और तीस हजार रुपये डलवा दिए। पीड़ित ने परिवार के ही रवि के खाते से दो लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर करवा दिए। इस तरह उन्होंने अजय और रवि के माध्यम से साढ़े तीन लाख रुपये स्कैनरों के माध्यम से आरोपी के खाते में भेज दिए।
बावजूद इसके आरोपी की रुपयों की डिमांड लगातार जारी रही। जब उन्होंने बैंक जाकर अपने खाते में आए रुपयों के बारे में पूछा तो पता चला कि उनके खाते में कोई रुपये विदेश से नहीं आए हैं। इस पर अपनी बहन से बातचीत की तो पता चला कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है।
जांच अधिकारी धर्मवीर ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर राशि ऐंठने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सिवाना माल निवासी राजकुमार ने एफआईआर में बताया कि उनका भानजा गांव बरौदा निवासी विनोद लगभग छह साल से न्यूजीलैंड में रह रहा है। तीस मार्च को उनके पास व्हाटसअप कॉल आई। उसने खुद को उनका भानजा विनोद बताया।
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कहा कि वह रोहतक में प्लॉट खरीदना चाहता है। इसलिए वह उनके खाते में साढ़े तीन लाख रुपये भेज रहा है। उसने नेट बैंकिंग और यूपीआई की जानकारी नहीं है। कुछ समय के बाद फिर से कॉल आई कि उसे न्यूजीलैंड पुलिस ने पकड़ लिया है जो रुपये उसने आपके खाते में भेजे हैं वह फ्रॉड रुपये हैं। इसलिए वह रुपये वापस भेज दो।
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फिर उसने स्कैनर भेज कर रुपये डलवाने के लिए कहा। इस पर वह सीएससी संचालक के पास पहुंचे और तीस हजार रुपये डलवा दिए। पीड़ित ने परिवार के ही रवि के खाते से दो लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर करवा दिए। इस तरह उन्होंने अजय और रवि के माध्यम से साढ़े तीन लाख रुपये स्कैनरों के माध्यम से आरोपी के खाते में भेज दिए।
बावजूद इसके आरोपी की रुपयों की डिमांड लगातार जारी रही। जब उन्होंने बैंक जाकर अपने खाते में आए रुपयों के बारे में पूछा तो पता चला कि उनके खाते में कोई रुपये विदेश से नहीं आए हैं। इस पर अपनी बहन से बातचीत की तो पता चला कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है।
जांच अधिकारी धर्मवीर ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर राशि ऐंठने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।